Govt announcement for Divyangjans: केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए दिव्यांग व्यक्तियों को सरकारी आवास आवंटन में 4 प्रतिशत आरक्षण देने की घोषणा की है। यह आरक्षण जनरल पूल रेजिडेंशियल एकोमोडेशन (GPRA) श्रेणी के अंतर्गत दिया जाएगा। केंद्रीय आवास और शहरी विकास मंत्रालय के अधीन कार्यरत एस्टेट निदेशालय, जो केंद्र सरकार के पात्र कर्मचारियों को आवास आवंटित करता है, ने इस संबंध में एक आधिकारिक ज्ञापन जारी किया है।
'सबका साथ, सबका विकास' विजन से प्रेरित
गुरुवार को जारी एक बयान में मंत्रालय ने इस निर्णय को समावेशी विकास की दिशा में एक "ऐतिहासिक" पहल बताया और कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सबका साथ, सबका विकास' विजन से प्रेरित है।
बयान में कहा गया, "आगे से, केंद्र सरकार के आवास आवंटन में दिव्यांग व्यक्तियों को 4 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा, जो सार्वजनिक सेवाओं में समानता, गरिमा और सुलभता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।"
दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016
केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने इस फैसले को समावेशी शासन की दिशा में एक "ऐतिहासिक" कदम बताया है। यह पहल न केवल हर नागरिक के सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि एक समावेशी और सुलभ भारत की नींव को भी मजबूत करती है।
मंत्रालय ने बताया कि यह निर्णय 'दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016' के अनुरूप लिया गया है ताकि दिव्यांग व्यक्तियों को केंद्र सरकार के आवासों तक समान पहुंच सुनिश्चित की जा सके।
