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एनटीपीसी द्वारा 20,000 करोड़ रुपए तक के निवेश को मंजूरी, कैबिनेट ने दी मंजूरी

आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने बुधवार को एनटीपीसी लिमिटेड को एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड और उसके अन्य संयुक्त उद्यमों/सहायक कंपनियों में निवेश के लिए 20,000 करोड़ रुपए तक के परिव्यय के साथ रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता स्थापित करने के लिए बिजली के बढ़े हुए आवंटन को मंजूरी दे दी है।

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रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता स्थापित करने के लिए बिजली के बढ़े हुए आवंटन को मंजूरी

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने बुधवार को एनटीपीसी लिमिटेड को एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड और उसके अन्य संयुक्त उद्यमों/सहायक कंपनियों में निवेश के लिए 20,000 करोड़ रुपए तक के परिव्यय के साथ रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता स्थापित करने के लिए बिजली के बढ़े हुए आवंटन को मंजूरी दे दी है।

कैबिनेट ने महारत्न सीपीएसई को विद्युत आवंटन के मौजूदा दिशानिर्देशों से एनटीपीसी लिमिटेड को विद्युत आवंटन में वृद्धि की अनुमति दी है ताकि वह अपनी सहायक कंपनी एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एनजीईएल) में निवेश कर सके और इसके बाद, एनजीईएल एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड (एनआरईएल) और उसकी अन्य संयुक्त उद्यमों/सहायक कंपनियों में निवेश कर सके।

रिन्यूएबल एनर्जी की बढ़ाई गई सीमा

न्यूज एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक 2032 तक 60 गीगावाट क्षमता हासिल करने के लिए रिन्यूएबल एनर्जी (आरई) क्षमता बढ़ाने के लिए यह राशि पूर्व में स्वीकृत 7,500 करोड़ रुपए की निर्धारित सीमा से बढ़कर 20,000 करोड़ रुपए तक हो सकती है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, एनटीपीसी और एनजीईएल को दिया गया यह विस्तारित आवंटन देश में रिन्यूएबल प्रोजेक्ट के त्वरित विकास में सहायक होगा।

रोजगार के अवसर बढ़ेंगे

एक कैबिनेट नोट के अनुसार, "यह कदम पावर स्ट्रक्चर को मजबूत करने और पूरे देश में चौबीसों घंटे विश्वसनीय बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने में निवेश सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।" रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट कंस्ट्रक्शन चरण के साथ-साथ ऑपरेशन एंड मेनटेनेंस (ओ एंड एम) चरण के दौरान स्थानीय लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा करेंगे। इससे लोकल सप्लायर्स, लोकल उद्यमों/एमएसएमई को बढ़ावा मिलेगा और देश में उद्यमिता के अवसर बढ़ेंगे। साथ ही देश में रोजगार और सामाजिक-आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। भारत ने अपनी स्थापित बिजली क्षमता का 50 प्रतिशत गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से प्राप्त कर अपनी ऊर्जा परिवर्तन यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। देश का लक्ष्य 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता तक पहुंचना है।

एक केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम और देश की अग्रणी विद्युत उपयोगिता कंपनी के रूप में, एनटीपीसी का लक्ष्य 2032 तक 60 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता जोड़ना है, जिससे देश को इस लक्ष्य को प्राप्त करने और 2070 तक 'नेट जीरो' उत्सर्जन के लक्ष्य की ओर बढ़ने में मदद मिलेगी। एनजीईएल, जैविक और अजैविक विकास के माध्यम से रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता वृद्धि के लिए एनटीपीसी ग्रुप की अग्रणी सूचीबद्ध सहायक कंपनी है।

(आईएएनएस इनपुट)

Sanjeev Dubey
संजीव कुमार दुबेauthor

पत्रकारिता में मेरे सफर की शुरुआत 20 साल पहले हुई। 2002 अक्टूबर में टीवी की रुपहले दुनिया में दाखिल हुआ। शुरुआत टीवी की दुनिया के उस पहलू से हुई जहां हर खबर को उसके मुताबिक आकार दिया जाता है यानी उसे कसा जाता है। सहारा टीवी में मेरे कामकाज की शुरुआत पैकेजिंग से हुई जहां खबरों को अलग-अलग प्रारूपों में गढ़ने का काम होता है। फिर पीसीआर में आउटपुट एडिटर की भूमिका निभाने का मौका मिला जहां तुरंत निर्णय कर खबरों को ब्रेक करने की चुनौती रहती है। न्यूजरूम की गहमागमी के बीच रनडाउन तैयार करने की जिम्मेदारी भी बखूबी निभाई। यहां ब्रेकिंग, हार्ड कोर की खबरों और फीचर्ड प्रोग्रामिंग ने मेरे अनुभव का दायरा तो बढ़ाया ही उसमें गहराई एवं पैनापन भी दिया। 2011 में टेलिविजन न्यूज की दुनिया को अलविदा कहना पड़ा। अक्टूबर 2011 में Zee News की हिंदी वेबसाइट को अपनी अगवुाई में लॉन्च करने का मौका मिला। डिजिटल की दुनिया और टीवी की दुनिया में खबरें परोसने और खबरों को दिखाने का अंदाज बिल्कुल अलग था। मैं उस दौर में दस्तक दे चुका था जब टीवी भी स्मार्टफोन पर देखा जाने लगा था। डिजिटल पर भी ब्रेकिंग थी। अगर टीवी में प्रोग्रामिंग थी तो यहां भी बतौर फीचर, सॉफ्ट स्टोरीज का विशाल संसार था। एक नया मीडियम जो स्मार्टफोन पर बखूबी देखा और समझा जा सकता था। डिजिटल की इस दुनिया में टीवी और अखबार दोनों समाहित थे। यहां काम करते हुए डिजिटल न्यूज मीडिया की बारीकियां तो सीखी हीं। साथ ही जब जी न्यूज से विदाई ली तो उस समय 33 मिलियन यूजर्स के बीच 84 मिलियन पीवीज देखने की अपार खुशियां हासिल हुईं। जी न्यूज में एक लंबी पारी खेलने के बाद जुलाई 2017 में टाइम्स नाउ नेटवर्क से जुड़ने का अवसर मिला। 2017 में ही टाइम्स नाउ की हिंदी वेबसाइट की शुरुआत हुई। यह पहला मौका था जब टाइम्स नाउ की अगुवाई में कोई हिंदी न्यूज वेबसाइट लॉन्च हुई। यहां एक नई और युवा टीम बनी। यह टीम आक्रामक अंदाज में काम करते हुए कम समय में अपनी पहचान बनाई। डिजिटल की दुनिया के बदलते संसार में अब चुनौती पीवीज की नहीं बल्कि यूजर्स की थी, जिन्हें लाना इतना आसान नहीं थी। लेकिन टीम के जज्बे, हौसले ने असाधारण चुनौतियों को भी अपनी मेहनत एवं लगन से उसे सामान्य बनाया। डिजिटल न्यूज की दुनिया में हर पल चुनौतियों के बीच नया कुछ सीखने-समझने और कुछ कर गुजरने की प्रेरणा मिलती है। यह सिलसिला आज भी अनवरत जारी है-

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