Bull vs Bear Market: बाजार किस तरफ है, कैसे समझें Market का रुख?

शेयर बाजार कभी भी एक जैसी चाल नहीं चलता कभी तेज़ी तो कभी गिरावट का दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में असली चुनौती होती है यह समझना कि बाजार फिलहाल किस दिशा में जा रहा है बुल मार्केट की तेजी या बियर मार्केट की मंदी। आइए आपको बताते हैं ये दोनों इंडिकेटर मार्केट का ट्रेंड बताने में कैसे कामगार होते हैं?

शेयर बाजार हमेशा एक ही दिशा में नहीं चलता। कभी बाजार तेजी से ऊपर चढ़ता है, तो कभी अचानक नीचे फिसलने लगता है। यही वजह है कि निवेशक अक्सर यह समझ नहीं पाते कि फिलहाल बाजार किस तरफ बढ़ रहा है और उन्हें अपनी निवेश रणनीति कैसे बनानी चाहिए। बाजार के दो सबसे महत्वपूर्ण फेज होते हैं बुल मार्केट (तेजी वाला बाजार) और बियर मार्केट (मंदी वाला बाजार)। अगर इन दोनों को सही ढंग से समझ लिया जाए, तो निवेशक अपने फैसले काफी बेहतर तरीके से ले सकते हैं। ऐसे में आइए आज आपको बताते हैं क्या है बियर और बुल मार्केट और मार्केट का ट्रेंड समझने में ये कैसे काम आते हैं?

Bull vs Bear Market

क्या है Bull Market?

बुल मार्केट वह समय होता है जब बाजार में उम्मीदें बढ़ जाती हैं, शेयरों की कीमतें तेजी से ऊपर जाती हैं और निवेशकों का भरोसा मजबूत होता है। इस दौरान लोग ज़्यादा निवेश करते हैं, ट्रेडिंग वॉल्यूम बढ़ता है और हर गिरावट पर खरीदारी देखने को मिलती है। आमतौर पर बुल मार्केट तब माना जाता है जब किसी प्रमुख इंडेक्स जैसे Nifty या Sensex में हाल के लो लेवल से 20% या उससे अधिक की बढ़त हो जाए। इस फेज में अर्थव्यवस्था भी मजबूत रहती है, कंपनियों के मुनाफे बढ़ते हैं और रोज़गार के आंकड़े अच्छे आते हैं। यही वजह है कि निवेशक बुल मार्केट को अवसरों से भरा समय मानते हैं।

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