Budget 2024 Expectations: 1 फरवरी को बजट पेश किया जाने वाला है। इस साल आम चुनाव होंगे। इसलिए ये एक अंतरिम बजट होगा। वहीं जब नई सरकार चुनकर आ जाएगी, तो वो फुल बजट पेश करेगी। बजट पेश किए जाने से पहले कई तरह के अनुमान लगाए जा रहे हैं। वहीं बजट से अलग-अलग वर्ग के लोगों की ढेरों उम्मीदें भी हैं। इनमें सैलरी क्लास भी शामिल है। सैलरी क्लास की एक उम्मीद ये भी है कि हाउस रेंट अलाउंस (एचआरए) में छूट की कैल्कुलेशन के लिए मेट्रो शहरों की लिस्ट में और भी टियर-II शहरों को शामिल किया जा सकता है।
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फिलहाल ये शहर हैं शामिल
एचआरए छूट के लिए इस समय जिन शहरों को मेट्रो सिटी का दर्जा हासिल है, उनमें मुंबई, दिल्ली, कोलकाता और चेन्नई शामिल हैं। मगर अब जिन शहरों को एचआरए छूट के लिए मेट्रो सिटी की लिस्ट में जोड़ा जा सकता है, उनमें बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे, गुरुग्राम और अहमदाबाद शामिल हैं।
क्या होती है एचआरए छूट
एचआरए किसी कर्मचारी को मिलने वाला भत्ता होता है। कंपनी या एम्प्लॉयर घर के किराए के लिए यह भत्ता देता है। ये पैसा टैक्सेबल (करयोग्य) होता है। मगर आयकर कानून के सेक्शन 10(13ए) के तहत कुछ लिमिट के अंडर एचआरए पर टैक्स छूट मिल सकती है।
ये हैं टैक्स छूट के नियम
एचआरए के तौर पर मिलने वाली कुल इनकम पर टैक्स छूट ली जा सकती है। मेट्रो सिटी में के टैक्सपेयर बेसिक सैलेरी के 50 फीसदी तक पर एचआरए छूट ले सकता है। वहीं छोटे शहरों के लोगों के लिए यह लिमिट बेसिक सैलरी की 40 फीसदी तक है।
