ब्रिटेन की चमक तेजी से फीकी पड़ रही है। कभी दुनियाभर के अमीरों का ‘पहला घर’ ब्रिटेन अब पलायन का दंश झेल रहा है। दुनियाभर के अमीर दुबई समेत दुनिया के दूसरे देशों में शिफ्ट हो रहा है। ब्रिटेन से पलायन करने वालों में नया नाम स्टील किंग लक्ष्मी मित्तल का जुड़ गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दुनिया के सबसे अमीर बिजनेसमैन में से एक, लक्ष्मी एन मित्तल, लगभग तीन दशक बाद UK छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं। भारतीय मूल के स्टील टाइकून, जिनका नाम लंबे समय से ब्रिटेन की अरबपतियों की लिस्ट में टॉप पर रहा है। आख़िर ऐसा क्या हुआ कि अरबपति ब्रिटेन छोड़ने लगे? अगर आप भी इसका जवाब जानना चाहते हैं, तो आइए इसके पीछे की बड़ी वजह समझते हैं।
सुपर-रिच टैक्स से हड़कंप
खबर है कि ब्रिटेन की लेबर सरकार बड़े टैक्स बदलावों पर काम कर रही है। इसके तहत अमीरों पर सुपर-रिच टैक्स लगाने की योजना है। बताते चलें कि पिछले साल लेबर पार्टी की आम चुनाव में जीत के बाद पेश किए गए पहले बजट में कैपिटल गेन टैक्स बढ़ाया गया था। साथ ही कंपनी बेचने वाले एंटरप्रेन्योर्स के लिए टैक्स में छूट कम की गई थी और फैमिली कंपनियों को आने वाली पीढ़ियों को देने के तरीके पर नए टैक्स लगाए गए थे। अब दूसरे बजट में सुपर रिच टैक्स लगाने की अफवाह है, जिसमें U.K. छोड़ने वालों पर 20% एग्जिट टैक्स भी शामिल है। इससे अमीर लोगों में काफी बेचैनी है। इसलिए दुनियाभर के अमीर जो ब्रिटेन को अपना पहला घर मानते थे अब निकलने को मजबूर हो रहे हैं।
क्या हैं ब्रिटेन का सुपर रिच टैक्स?
ब्रिटेन में सुपर रिच टैक्स, कई प्रकार के टैक्स का समूह है। इन टैक्स में इनहेरिटेंस टैक्स (IHT), कैपिटल गेन टैक्स और वेल्थ टैक्स शामिल हैं। यह टैक्स उन लोगों पर लगाने की तैयारी है, जिनकी प्रॉपर्टी करीब 100 करोड़ रुपये से ज्यादा है। आगामी बजट में इस टैक्स को लगाने की चर्चा है।
लक्ष्मी मित्तल UK क्यों छोड़ रहे हैं?
लक्ष्मी मित्तल, जिनकी अनुमानित संपत्ति 15.4 बिलियन पाउंड है और जो UK में आठवें सबसे अमीर व्यक्ति हैं अब ब्रिटेन छोड़ने की लिस्ट में शामिल होने वाले सबसे नए अरबपति हैं। मिली जानकारी के अनुसार, लेबर सरकार द्वारा हाई-नेट-वर्थ वाले लोगों पर सुपर रिच टैक्स के कारण लक्ष्मी मित्तल ने ब्रिटेन छोड़ने का फैसला किया है। आपको बता दें कि मित्तल 1995 में लंदन चले गए और जल्द ही ब्रिटेन के सबसे जाने-माने भारतीय बिजनेसमैन में से एक बन गए। केंसिंग्टन पैलेस गार्डन्स में उनकी प्रॉपर्टी, जिसे अक्सर “बिलियनेयर्स रो” कहा जाता है, देश के सबसे महंगे घरों में से हैं। उनकी मुख्य हवेली, जिसे “ताज मित्तल” के नाम से जाना जाता है, 2004 में £57 मिलियन में खरीदी गई थी। यह घर 55,000 वर्ग फीट में फैला है और इसे ताजमहल वाली ही खदान से लिए गए मार्बल से डिजाइन किया गया है। इसमें एक बॉलरूम, गहनों से ढका स्विमिंग पूल, टर्किश बाथ और 20 कारों के लिए पार्किंग की जगह है। द संडे टाइम्स के मुताबिक, मित्तल इस प्रॉपर्टी को बेचने का प्लान नहीं बना रहे हैं।
क्या लक्ष्मी मित्तल दुबई जा रहे हैं?
ब्रिटेन अब अमीरों की पहली पसंद नहीं
मित्तल के पास पहले से ही दुबई में एक हवेली है और खबर है कि उन्होंने UAE के नाइया आइलैंड पर जमीन खरीदी है। हालांकि, अभी इसकी कोई अधिकारिक सूचना नहीं है कि लक्ष्मी मित्तल दुबई में बस रहे हैं। दुबई और स्विट्जरलैंड में कोई इनहेरिटेंस टैक्स नहीं लगने की वजह से, सलाहकारों का कहना है कि कई अमीर विदेशी लोग UK छोड़ने के लिए मजबूर हो रहे हैं। दूसरे हाई-प्रोफाइल लोगों में रेवोल्यूट के को-फाउंडर निक स्टोरोंस्की शामिल हैं, जो कई अरब पाउंड के कैपिटल गेन टैक्स की देनदारी से बचने के लिए UAE चले गए।
ये अमीर पहले ही ब्रिटेन को बाय-बाय बोले चुके
फुटबॉलर रियो फर्डिनेंड हाल ही में दुबई चले गए हैं, जिसमें उन्होंने सुपर रिच टैक्स को मुख्य कारण बताया है, जबकि मिस्र के अरबपति और एस्टन विला के सह-मालिक नासेफ सॉरिस, जिन्होंने अपनी निवास स्थान को ब्रिटेन से इटली और संयुक्त अरब अमीरात में स्थानांतरित कर दिया, ने इस साल की शुरुआत में फाइनेंशियल टाइम्स को बताया कि उनके "सर्कल" में हर कोई स्थानांतरित होने पर विचार कर रहा है। 37 वर्षीय ब्रिटिश भारतीय, इंप्रोबेबल नामक एक तकनीकी कंपनी के संस्थापक हरमन नरूला ने इस महीने घोषणा की कि वह दुबई जा रहे हैं। लगभग 700 मिलियन पाउंड ($ 920 मिलियन) की संपत्ति वाले, उन्हें ब्रिटेन का सबसे अमीर युवा उद्यमी कहा जाता है।
