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Bank Fraud: FY25 में तीन गुना हो गयी बैंक फ्रॉड राशि, अधिकतर मामले डिजिटल पेमेंट के

Bank Fraud in India: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने गुरुवार को कहा कि लोन खातों और डिजिटल पेमेंट से संबंधित धोखाधड़ी के मामलों में कुल राशि पिछले वित्त वर्ष में बढ़कर तीन गुना हो गई। केंद्रीय बैंक ने कहा कि इसका मुख्य कारण उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुसार 122 मामलों का रिक्लासिफिकेशन था। आरबीआई ने एक रिपोर्ट में कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 में धोखाधड़ी वाली राशि बढ़कर 36,014 करोड़ रुपये हो गई, जो वित्त वर्ष 2023-24 में लगभग 12,230 करोड़ रुपये थी।

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भारत में बैंक धोखाधड़ी

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • बैंक फ्रॉड राशि बढ़ी
  • FY25 में हो गयी 3 गुना
  • अधिकतर मामले डिजिटल पेमेंट के

Bank Fraud in India: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने गुरुवार को कहा कि लोन खातों और डिजिटल पेमेंट से संबंधित धोखाधड़ी के मामलों में कुल राशि पिछले वित्त वर्ष में बढ़कर तीन गुना हो गई। केंद्रीय बैंक ने कहा कि इसका मुख्य कारण उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुसार 122 मामलों का रिक्लासिफिकेशन था। आरबीआई ने एक रिपोर्ट में कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 में धोखाधड़ी वाली राशि बढ़कर 36,014 करोड़ रुपये हो गई, जो वित्त वर्ष 2023-24 में लगभग 12,230 करोड़ रुपये थी। हालांकि, धोखाधड़ी के मामलों की संख्या पिछले वित्त वर्ष में घटकर 23,953 रह गई, जो 2023-24 में 36,060 थी।

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सबसे ज्यादा फर्जीवाड़े डिजिटल पेमेंट कैटेगरी में

रिपोर्ट के अनुसार, “पिछले वित्त वर्ष में धोखाधड़ी में शामिल राशि में वृद्धि मुख्य रूप से पिछले वित्त वर्षों के दौरान दर्ज किए गए 18,674 करोड़ रुपये के 122 मामलों में धोखाधड़ी वर्गीकरण को हटाने और सर्वोच्च न्यायालय के 27 मार्च, 2023 के निर्णय के अनुपालन को सुनिश्चित करने और पुन: परीक्षण के बाद चालू वित्त वर्ष के दौरान नए सिरे से रिपोर्ट करने के कारण हुई।”

इसमें कहा गया है कि संख्या के लिहाज से धोखाधड़ी मुख्य रूप से डिजिटल भुगतान की श्रेणी में हुई है, जिसमें कार्ड और इंटरनेट शामिल है, और मूल्य के लिहाज से मुख्य रूप से कर्ज खंड में हुई है।

60 प्रतिशत मामले प्राइवेट बैंकों के

संख्या के हिसाब से, वित्त वर्ष 2024-25 के अंत तक धोखाधड़ी के लगभग 60 प्रतिशत मामलों में निजी क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) की हिस्सेदारी है, जबकि मूल्य के हिसाब से इन बैंकों की हिस्सेदारी 71 प्रतिशत से अधिक है।

आरबीआई ने रिपोर्ट में कहा, “हालांकि, निजी क्षेत्र के बैंकों में दर्ज धोखाधड़ी की संख्या में कार्ड/इंटरनेट धोखाधड़ी का सबसे अधिक हिस्सा था, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में धोखाधड़ी मुख्य रूप से कर्ज खंड में थी।”

13,516 धोखाधड़ी के मामले

इसमें कहा गया है कि कर्ज से संबंधित धोखाधड़ी संख्या के हिसाब से 33 प्रतिशत से अधिक मामलों और मूल्य के हिसाब से 92 प्रतिशत से अधिक मामलों के लिए जिम्मेदार है। पिछले वित्त वर्ष के अंत तक कार्ड और इंटरनेट धोखाधड़ी श्रेणी के तहत संख्या के हिसाब से 13,516 धोखाधड़ी के मामले थे, जो कुल 23,953 धोखाधड़ी का 56.5 प्रतिशत है। (इनपुट - भाषा)

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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