Train Accident In Balasore: भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) ने 2022 की अपनी रिपोर्ट (Derailments in Indian Railways) में रेल हादसों (Train Accident) पर कई कमियों को उजागर किया था। रिपोर्ट में कई सिफारिशें भी की गई थीं, जिनमें एक्सीडेंट इनक्वारी करने और इसे अंतिम रूप देने के लिए तय समय-सीमा का कड़ाई से पालन करना शामिल था।
रेल हादसों पर CAG की रिपोर्ट
रिपोर्ट में उन हादसों पर ध्यान दिया गया जो अप्रैल 2017 से मार्च 2021 दौरान सीएजी के सामने आए। इसके अलावा अप्रैल 2017 से पहले के भी कई उन मामलों पर ध्यान दिया गया, जिन्हें पिछली ऑडिट रिपोर्ट में शामिल नहीं किया जा सका था। साथ ही वे कारण भी बताए गए, जिनके चलते रेल के पटरी से उतरने के हादसे हुए हैं।
क्या हैं बड़े कारण
दिसंबर 2022 में संसद में पेश की गई CAG की रिपोर्ट के अनुसार रेल हादसों की बड़ी वजह रेलवे ट्रैकों का मैंटेनेंस का सही से न होना है। रिपोर्ट के अनुसार ट्रैकों के रिन्यूअल से जुड़े कामों के लिए फंड एलॉटमेंट में सालों साल आई गिरावट भी हादसों का एक बड़ा कारण है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि जो फंड एलॉट किया गया, उसे पूरी तरह से इस्तेमाल भी नहीं किया गया।
किस कारण से कितने हादसे
- इंजीनियरिंग विभाग की गलती से 422 बार रेल पटरी से उतरी
- ट्रैक का सही से रखरखाव न होने पर 171 हादसे हुए
- 182 हादसे मैकेनिकल डिपार्टमेंट की गलती से हुए
- 154 हादसे लोकोपायलटों की गलती के कारण हुए
- 156 मामले ट्रेकों के तय सीमा से अधिक डेविएशन के रहे
ठीक से नहीं हुआ इंस्पेक्शन
सीएजी की रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि अलग-अलग कारणों से ट्रैक रिकॉर्डिंग कारों और ट्रैक मशीनों के बेकार पड़े होने के कारण ट्रैकों के इंस्पेक्शन में 30-100 फीसदी तक की कमी आई। समय पर पूछताछ के महत्व पर रोशनी डालते हुए, रिपोर्ट में कहा गया कि इसका मुख्य मकसद दुर्घटना के कारणों का पता लगाना और उनकी घटना को रोकने के लिए प्रस्ताव तैयार करना था।
