Home Loan : कौन सा होम लोन लें, कंफ्यूज्ड हैं? चिंता न करें, यहां मिलेगा समाधान

वर्तमान में बैंक और होम लोन फाइनेंस कंपनियां काफी कम ब्याज दरों पर होम लोन दे रहे हैं। ये दरें देखने में करीब- करीब एक जैसी लगती हैं। यहां जानिए कौन होम लोन लेना उचित होगा।

Which home loan to choose when all rates are same?
जानिए कौन सा होम लोन बेहतर है (तस्वीर-istock) 

जब 2021 शुरू हुआ था तब सब से कम होम लोन दरें 6.75 के आस पास थीं। करीब दर्जनभर बैंक और होम लोन फाइनेंस कंपनियां 6.95 या उससे कम में लोन दे रहे थे। तब लगा की दरें इससे ज्यादा कम नहीं हो सकती हैं। पर अब सबसे कम दर 6.4 है, और 20 से ज्यादा ऋणदाताओं 6.95 या कम पर लोन दे रहे हैं। ज्यादातर बड़े बैंक और गैर-बैंक कंपनियां 6.50 से 6.75 के बीच होम लोन दे रहे हैं। सारे लोन ऑप्शन आकर्षक हैं। अगर आप एक नया होम लोन लेना चाहते हैं, या अपना चल रहा लोन बैलेंस ट्रांसफर करवाना चाहते हैं, तो इन विकल्पों में से क्या चुने? आइये समझते हैं इन विकल्पों में क्या अंतर है।

आपकी असल दर क्या होगी?

सिर्फ योग्य उधारकर्ताओं को ही किसी लोन की सबसे न्यूनतम दर मिलती है। लोन योग्यता के मापदंड होते हैं। एक सरकारी बैंक 6.70 से लेकर 7.50 तक में होम लोन देती है। अगर इस बैंक के मापदंडों को देखें, तो सबसे निचली दर मिलेगी एक वेतनभोगी महिला को जिनका क्रेडिट स्कोर 800 से ज्यादा है, लोन की जरुरत 30 लाख से कम है, और लोन-टू-वैल्यू रेश्यो 80% से कम है, और जिन्होंने ने बैंक के एप्प से लोन आवेदन किया है। जो उधारकर्ता इन सारे मापदंडों पर खरे नहीं उतरते हैं, उनकी दर ज्यादा होगी। उदाहरण के लिए, अगर आप बिजनेस करते हैं तो न्यूनतम दर से 10 आधार अंक ज्यादा देंगे, अगर आपका क्रेडिट स्कोर 750 से कम है तो 10 और आपका लोन 75 लाख से ज्यादा है तो 10 और। बैंक और होम लोन कंपनी के अपने मापदंड होते हैं। लोन लेने के पहले समझ लें की किस ऋणदाता से कितना लोन किस दाम पर मिल सकता है। संक्षेप में कहें तो आपका लोन ऋणदाता के लिए जितना ज्यादा जोखिमपूर्ण होगा, आपकी दर उतनी ही ऊंची होगी।

लोन बेंचमार्क क्या है?

प्रत्येक लोन की एक बेंचमार्क दर यानी आधार दर होती है। कोई भी ऋणदाता इस बेंचमार्क से कम में लोन नहीं देगा। एक बड़े सरकारी बैंक की बेंचमार्क दर 6.75 है और उसकी सबसे कम होम लोन दर भी उतनी ही है। अक्टूबर 2019 से रिजर्व बैंक ने बैंकों को आदेश दिया कि वे अपने होम लोन रेपो रेट जैसे विकल्पों पर तय करें। रेपो रेट वह दर है जिस पर रिजर्व बैंक व्यावसायिक बैंकों को कर्ज देती है। 2020 तक रेपो रेट 6.50 से गिर कर 4.00 हो गया, तो उसपर आधारित बैंक होम लोन भी सस्ते हो गए। पर गैर-बैंकिंग और होम लोन कंपनियों को रेपो रेट पर लोन आधारित करने की कोई जरुरत नहीं थी। इसीलिए उनके लोन तो सस्ते हुए, पर बैंक लोन जितनी तेजी से नहीं हुए। संक्षेप में कहें तो बैंक होम लोन इस कारण ज्यादा सस्ते हो गए। आज के दिन 6 सबसे सस्ते होम लोन बैंकों के ही हैं। रेपो-आधारित लोन की दरें पारदर्शी हैं और ग्राहक आसानी से अंदाजा लगा सकते हैं कि उनकी दरें भविष्य में कितनी बढ़ेंगी या घटेंगी। आपके लिए विकल्प है बैंक से रेपो-आधारित लोन लेना या गैर-बैंकिंग और होम लोन कंपनियों से दूसरे बेंचमार्क वाले लोन लेना।

लोन का खर्चा क्या है?

दो लोन विकल्प भले ही एक ही दर के हों। पर अगर डिटेल में दोनों को समझें तो फर्क दिखाई देने लगते हैं। दोनों के प्रोसेसिंग फीस, अन्य फीस, पेनल्टी अलग-अलग हो सकते हैं। अक्सर देखा जाता है की सरकारी बैंकों की फीस कम होती है, पर कई बड़े निजी बैंक अपनी फीस माफ या डिस्काउंट भी कर देते हैं। एक बड़ा फर्क हो सकता है प्री-पेमेंट के खर्चों में। कोई बैंक कहता है कि न्यूनतम प्री-पेमेंट एक ईएमआई बराबर होना चाहिए। कोई दो मांगता है। वह लोन जिसपर प्री-पेमेंट ज्यादा मुश्किल है, आपसे ज्यादा ब्याज लेगा, भले ही उसकी दर उतनी ही कम हो। चूंकि ज्यादातर उधारकर्ता अपने होम लोन समय से पहले चुका देते हैं, आप चाहेंगे की आपका लोन प्री-पेमेंट को मुश्किल न बनाएं। भले ही ज्यादा दर देनी पड़े, आप ऐसा लोन चुनें जो ज्यादा आसानी से चुकाया जा सकता है।

ग्राहक सेवा कैसी है?

आप होम लोन 15-20 सालों के लिए लेते हैं, तो यह आपके ऋणदाता के साथ एक लम्बा चलने वाला रिश्ता होगा। इसलिए जरूरी है कि रिश्ते में बाधा न हो। लोन ऐसे बैंक या गैर-बैंक कंपनी से लें जिसकी सेवाओं और सुविधाओं से आप संतुष्ट हैं। आजकल डिजिटल सेवा, सेल्फ-हेल्प पोर्टल, ऐप और ईमेल सपोर्ट बुनियादी जरुरतें बन गई हैं। महामारी के समय आप नहीं चाहेंगे की आपका बैंक प्रत्येक लोन-सम्बन्धी काम के लिए किसी भीड़-भाड़ वाले ब्रांच में मिलने को कहे। आप चाहेंगे कि यह सुविधाएं घर बैठे मिले। अगर आप अपने ऋणदाता की सेवाओं से संतुष्ट नहीं हैं, तो आपको भविष्य में तंग आ कर लोन ट्रांसफर करवाना पड़ सकता है। सो भले ही आपको थोड़ा ज्यादा ब्याज देना पड़े, लोन ऐसी जगह से लें जहां आपको मनपसंद सेवा मिले और दिक्कतें कम हों।

आखिरकार, लोन की दर तय करने में आपका क्रेडिट स्कोर बहुत जरूरी है। अगर स्कोर कम है तो दर ज्यादा हो सकती है। इसीलिए हर महीने अपना क्रेडिट स्कोर चेक करें, और 750 से कम है तो उसे बढ़ाएं, ताकि जब लोन लेना पड़े तो अच्छी दरों पर मिले।

(इस लेख के लेखक, BankBazaar.com के CEO आदिल शेट्टी हैं)
(डिस्क्लेमर:  ये लेख सिर्फ जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसको निवेश से जुड़ी, वित्तीय या दूसरी सलाह न माना जाए)

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