तीसरी लहर का साया: फिर बढ़ी बेरोजगारी, पाबंदियां बढ़ने से बिगड़ सकते हैं हालात

Unemployment In India: देश में बढ़ते कोरोना मामलों के बीच, बेरोजगारी दर ने चिंताए बढ़ा दी हैं। परेशाान करने वाली बात यह है कि ग्रामीण इलाकों की तुलना में शहरी इलाकों में बेरोजगारी दर कहीं ज्यादा बढ़ गई है।

Unemployment rate in india
दिसंबर में बेरोजगारी दर बढ़ी 
मुख्य बातें
  • दिसंबर में, दूसरी लहर के दौरान अप्रैल 2021 के स्तर पर बेरोजगारी दर पहुंच गई है।
  • पिछले 24 घंटे में 58 हजार से ज्यादा केस आए हैं।
  • सबसे ज्यादा बेरोजगारी दर हरियाणा और राजस्थान में है।

नई दिल्ली: एक तरफ कोरोना फिर से डराने लगा है और दूसरी तरफ बढ़ती बेरोजगारी ने चिंता बढ़ा दी है। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) के अनुसार दिसंबर 2021 में बेरोजगारी दर 7.9 फीसदी के स्तर पर पहुंच गई है। यह करीब उसी स्तर पर, पहुंच गई जब दूसरी लहर के समय हालात तेजी से बिगड़ रहे थे। अप्रैल 2021 में यह बढ़ते कोरोना के संक्रमण के बीच 7.97 फीसदी थी। चिंता की बात यह है कि एक बार फिर बेहद तेजी से कोरोना के केस बढ़ रहे हैं और भारत में तीसरी लहर के शुरू होने की आशंका जताई जा रही है। इसकी वजह से कई राज्यों में पांबिदयां लगनी शुरू हो गई हैं और अगर इसमें सख्ती आती है तो बेरोजगारी बढ़ने का खतरा मंडराने लगेगा।

छह गुना रफ्तार से बढ़े मामले

ताजा आंकड़ों के अनुसार देश में 4 जनवरी को 58 हजार से ज्यादा कोरोना के केस सामने आए हैं। जिनकी प्रतिदिन के अनुसार 4 दिन में दो गुना और 8 दिन में छह गुना रफ्तार हो गई है। 28 दिसंबर 2021 को 9000 के करीब  केस आए थे। सबसे ज्यादा चिंता की बात दिल्ली और मुंबई को लेकर है। जहां हर रोज संक्रमितों का आंकड़ा नया रिकॉर्ड बना रहा है। मुंबई में एक दिन में 15 हजार से ज्यादा केस मिले हैं। और दिल्ली में 10 हजार से ज्यादा केस सामने आए हैं। इसी तरह पश्चिम बंगाल में 14 हजार केस मिले हैं।

केस बढ़ने के साथ दूसरी लहर में बढ़ी थी बेरोजगारी

दूसरी लहर के दौरान जैसे-जैसे संक्रमण के मामले बढ़ते गए, वैसे-वैसे बेरोजगारी दर भी बढ़ती चली गई थी। उस दौरान अप्रैल 2021 में जहां 7.97 फीसदी बेरोजगारी दर थी, वह मई में 11.84 फीसदी पर पहुंच गई थी। और 7 मई को तो देश में एक दिन में 4 लाख से ज्यादा केस आ गए थे। इसके बाद जून में बेरोजगारी दर 9.17 फीसदी थी। संक्रमण कम होने पर बेरोजगारी दर फिर घटने लगी थी और नवंबर में यह 6.97 फीसदी पर आ गई।

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शहरों में ज्यादा बेरोजगारी

सीएमआईई के आंकड़ों के अनुसार दिसंबर 2021 में चिंता की बात जो सामने आई है। वह यह है कि शहरों में बेरोजगारी दर, ग्रामीण इलाके की तुलना में ज्यादा है। शहरी इलाके में बेरोजगारी दर जहां 9.1 फीसदी है, वहीं ग्रामीण इलाके में बेरोजगारी दर 7.1 फीसदी है। शहरी इलाके में बेरोजगारी दर ज्यादा होने से साफ है कि अभी भी उद्योग धंधे सामान्य स्थिति में नहीं आए हैं। और जिस तरह से पाबंदियां फिर से बढ़ रही है, उससे एक न केवल बेरोजगारी दर बढ़ने की आशंका है बल्कि श्रमिकों का पलायन भी बढ़ सकता है।

इन राज्यों में सबसे ज्यादा बेरोजगारी दर

सीएमआईई के आंकड़ों के अनुसार दिसंबर 2021 में सबसे ज्यादा बेरोजगारी दर हरियाणा और राजस्थान में रही है। हरियाणा में बेरोजगारी दर 34.1 फीसदी, राजस्थान में 27.1 फीसदी रही है। जबकि झारखंड में 17.3, बिहार में 16 फीसदी, जम्मू और कश्मीर में 15.3 फीसदी, त्रिपुरा में 14.7 फीसदी, गोवा में 12 फीसदी और दिल्ली में 9.8 फीसदी बेरोजगारी दर प्रमुख रुप से रही है।

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