नयी दिल्ली: पूंजी बाजार नियामक सेबी ने मंगलवार को शेयर बाजार में संचालन के स्तर पर चूक मामले में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) की पूर्व प्रमुख चित्रा रामकृष्ण (Chitra Ramakrishna) को नोटिस भेजकर 3.12 करोड़ रुपये का भुगतान करने को कहा है। नोटिस में यह चेतावनी भी दी गयी है कि अगर वह 15 दिन के भीतर भुगतान करने में विफल रहती हैं, तो उन्हें गिरफ्तार करने के साथ संपत्ति तथा बैंक खातों की कुर्की भी की जा सकती है।
सेबी ने 11 फरवरी को दिये आदेश में रामकृष्ण पर तीन करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। यह जुर्माना रामकृष्ण के एनएसई के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी रहते आनंद सुब्रमण्यम को समूह परिचालन अधिकारी तथा सलाहकार नियुक्त किये जाने के साथ-साथ कंपनी की गोपनीय सूचना अज्ञात व्यक्ति के साथ साझा करने के मामले में संचालन स्तर पर चूक को लेकर लगाया गया था।
NSE की पूर्व प्रमुख फिलहाल दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है
इसके अलावा नियामक ने रामकृष्ण से पहले एनएसई के प्रमुख रहे रवि नारायण, सुब्रमण्मय और अन्य पर भी जुर्माना लगाया था।ताजा नोटिस में सेबी ने रामकृष्ण को 15 दिन के भीतर 3.12 करोड़ रुपये भुगतान करने को कहा है। इसमें ब्याज और वसूली लागत शामिल है।जु र्माने का भुगतान नहीं करने पर बाजार नियामक उसकी वसूली उनकी चल और अचल संपत्ति कुर्क कर और बेचकर करेगा।
साथ ही रामकृष्ण के बैंक खातों को कुर्क करने के साथ उन्हें गिरफ्तार भी किया जा सकता हे। एनएसई की पूर्व प्रमुख फिलहाल दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने एनएसई 'को-लोकेशन' घोटाला मामले में उन्हें छह मार्च को गिरफ्तार किया था।
ईडी ने धन शोधन मामले में एनएसई की पूर्व एमडी चित्रा रामकृष्ण का बयान दर्ज किया
प्रवर्तन निदेशालय ने हाल ही में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद एनएसई की पूर्व प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी चित्रा रामकृष्ण का बयान दर्ज किया है।अधिकारियों ने मंगलवार को कहा कि उसके और अन्य के खिलाफ धन शोधन मामले की जांच के तहत रामकृष्ण का बयान दर्ज किया।बयान दर्ज करने की कार्यवाही जेल के अंदर दो बार में की गई। उन्होंने कहा कि बयान धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की आपराधिक धाराओं के तहत दर्ज किया गया।
CBI ने छह मार्च को रामकृष्ण को गिरफ्तार किया था
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को-लोकेशन घोटाले के संबंध में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने छह मार्च को रामकृष्ण को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद से वह तिहाड़ जेल में हैं। उनके ऊपर एनएसई के कामकाज में अनियमितताओं के आरोप हैं।संघीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय भी इस मामले की जांच कर रही है। आयकर विभाग एनएसई में अनियमितताओं के इन आरोपों की जांच करने वाली तीसरी एजेंसी है।
ईडी की धन शोधन जांच एनएसई को-लोकेशन मामले में कथित अनियमितताओं से संबंधित है। इसके अलावा आनंद सुब्रमण्यम को मुख्य रणनीतिक सलाहकार बनाए जाने और बाद में उन्हें समूह परिचालन अधिकारी तथा तत्कालीन एमडी (रामकृष्ण) का सलाहकार बनाए जाने में कथित रूप से प्रशासनिक अनियमितताओं की जांच भी की जा रही है।

