Revised ITR: 31 मार्च के बाद अगर हुई देरी तो जुर्माना देने के लिए रहें तैयार

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 6, 2021, 04:35 PM IST

रिवाइज्ड रिटर्न या बिलेटेड आईटीआर फाइल करने की अंतिम 31 मार्च 2021 है। इस तारीख के बाद किसी भी टैक्सपेयर को लेट फाइन अदा करना होगा

Revised ITR: 31 मार्च के बाद अगर हुई देरी तो जुर्माना देने के लिए रहें तैयार

नई दिल्ली। 31 मार्च की तारीख अब दूर नहीं है। इस तारीख का ध्यान उन लोगों के लिए ज्यादा जरूरी है जो अभी तक अपना आईटीआर नहीं भर पाए हैं। कोरोना महामारी की वजह से व्यक्तिगत और कंपनियों के लिए आईटीआर फाइल करने की तिथि बढ़ा दी गई थी। लेकिन 31 मार्च के बाद किसी भी सूरत में तारीख के बढ़ने की उम्मीद करना बेमानी है क्योंकि 1 अप्रैल से नया वित्तीय वर्ष शुरू हो जाएगा। 

31 मार्च के बाद देना होगा फाइन
यदि आपने रिवाइज्ड या लेट इनकम टैक्स फाइल 31 मार्च से पहले नहीं कर पाते हैं तो आपको 10 हजार रुपए लेट फाइन के तौर पर देने होंगे। वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए रिवाइज्ड या देर से इनकम टैक्स फाइल करने की अंतिम तारीख 31 मार्च 2021 हैय़ किसी भी फाइनेंसियल ईयर के लिए आईटीआर फाइल करने की जब मूल समय सीमा खत्म हो जाती है तो बिलेडेट रिटर्न फाइल करने का मौका मिलता है और वो तारीख मार्च का अंतिम दिन होता है। अगर किसी ने समय से टैक्स अदा नहीं किया तो टैक्स पेयर को पेनल्टी देनी पड़ती है। 

क्या है संशोधित आईटीआर
संशोधित ITR कोई भी आयकर दाता तब फाइल करता है जब उससे मूल टैक्‍स रिटर्न फाइल करने में किसी तरह की गलती हो जाती है। इसमें डिडक्‍शन का क्‍लेम, इनकम या बैंक अकाउंट इत्‍यादि को रिपोर्ट न करने जैसी गलतियां जुड़ी हो सकती हैं। यदि आपने आईटीआर दाखिल किया है और किसी तरह का बदलाव चाहते हैं तो संशोधित रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।

इनकम टैक्‍स कानून के मुताबिक अगर किसी शख्स की देनदारी साल में 10,000 रुपये से ज्‍यादा होती है तो उसे चार किस्‍तों में यानी 15 जुलाई, 15 सितंबर, 15 दिसंबर और 15 मार्च से पहले एडवांस टैक्‍स देना पड़ता है। अग्रिम टैक्‍स का पेमेंट नहीं करने की स्थिति में पेनल्‍टी लगती है।  


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