आम आदमी को राहत, दिसंबर में कम हुई थोक मूल्य आधारित महंगाई

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 14, 2022, 02:26 PM IST

December WPI-based wholesale inflation: दिसंबर 2021 में थोक मूल्य आधारित मुद्रास्फीति कम होकर 13.56 फीसदी हो गई। यह लगातार नौवें महीने से दहाई अंक में बनी हुई है।

आम आदमी को राहत, दिसंबर में कम हुई थोक मूल्य आधारित महंगाई

December WPI-based wholesale inflation: खाद्य उत्पादों की कीमतों में भारी वृद्धि के बावजूद ईंधन, ऊर्जा और विनिर्मित वस्तुओं की कीमतों में नरमी आने के कारण थोक मूल्य आधारित मुद्रास्फीति दिसंबर 2021 (Wholesale inflation in December) में कम होकर 13.56 फीसदी हो गई। इससे पहले चार महीने तक मुद्रास्फीति में लगातार बढ़ोतरी हो रही थी।

लगातार नौवें महीने दहाई अंक में बनी हुई है मुद्रास्फीति 
अप्रैल से लगातार नौवें महीने थोक मूल्य आधारित मुद्रास्फीति दहाई अंक में बनी हुई है। पिछले साल नवंबर में मुद्रास्फीति 14.23 फीसदी थी जबकि दिसंबर 2020 में यह 1.95 फीसदी थी।

इन कारकों से हुई प्रभावित
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान में कहा, 'दिसंबर 2021 में मुद्रास्फीति की दर मुख्य रूप से खनिज तेलों, मूल धातुओं, कच्चे पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस, रसायन और रासायनिक उत्पादों, खाद्य उत्पादों, कपड़ा, कागज और कागज के उत्पादों आदि की कीमतों में वृद्धि के कारण इससे पिछले साल इसी महीने की तुलना में ज्यादा है।'

इतनी हुई सब्जियों के दामों में बढ़ोतरी
विनिर्मित वस्तुओं की मुद्रास्फीति दिसंबर में 10.62 फीसदी थी जबकि इससे पहले के महीने में यह इससे अधिक 11.92 फीसदी थी। दिसंबर में ईंधन और विद्युत वर्ग में मुद्रास्फीति 32.30 फीसदी हो गई, जबकि नवंबर में यह 39.81 फीसदी थी। खाद्य वस्तुओं में मुद्रास्फीति नवंबर के 4.88 फीसदी के मुकाबले बढ़कर दिसंबर में 9.56 फीसदी हो गई। सब्जियों के दामों में बढ़ोतरी नंवबर के 3.91 फीसदी की तुलना में दिसंबर में 31.56 फीसदी हो गई।

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