रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के तिमाही नतीजे घोषित, रिलायंस जियो का शुद्ध लाभ 45 फीसद बढ़ा

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने तिमाही नतीजों को घोषित किया है, आरआईएल को अपने सभी विंग में जबरदस्त लाभ मिला है।

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रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन हैं मुकेश अंबानी 

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपने तिमाही नतीजों को घोषित कर दिया है।  रिलायंस जियो का शुद्ध लाभ जून तिमाही में 45 प्रतिशत बढ़कर 3,651 करोड़ Q1 FY2021-22 रिलायंस का कंसोलिडेटिड EBITDA ₹27,550 करोड़ रहा है।  यह पिछले साल के मुकाबले 27.6% और तिमाही के मुकाबले 3.6% बढ़ा। कंपनी के परिचालन और वित्तीय प्रदर्शन पर दूसरी लहर का न्यूनतम असर पड़ा है।O2C और डिजिटल सेवाओं का प्रदर्शन बेहतर रहा।Q1FY2021-2 कंसोलिडेटिड EBITDA मार्जिन 17.3  (QoQ) बढ़कर190 bps हो गया है।असाधारण आइटम्स को छोड़कर शुद्ध लाभ 66.7% (YoY) बढ़कर ₹ 13,806 करोड़ रहारिलायंस इंडस्ट्रीज़ की डिजिटल सर्विसेज़ का तिमाही का EBITDA ₹ 9,268 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा।

जियो का शुद्ध लाभ 44.9 प्रतिशत उछलकर 3,651 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले 2020-21 की इसी तिमाही में उसे 2,519 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।कोरोना से निपटने के लिए रिलायंस ने अपने कर्मचारियों और उनके परिवारों को नि:शुल्क 10 लाख से अधिक टीके लगवाए हैं। 98% पात्र कर्मचारियों को कम से कम वैक्सीन की एक डोज़ लग गई है

टेलिकॉम इंडस्ट्री में रिलायंस से ग्राहक तेजी से जुड़े
टेलिकॉम इंडस्ट्री में रिलायंस ने सबसे तेज़ी से ग्राहक जोड़े हैं। पिछले 12 महीनों में 4 करोड़ तेईस लाख नए ग्राहक जुड़े। अब कुल ग्राहकों की संख्या 44 करोड़ छह लाख हो गई हैQ1 इस तिमाही में डेटा ट्रैफ़िक 20 अरब गीगाबाइट यानि 20 एग्ज़ाबाइट रहा – ये पिछले साल के मुकाबले 38.5% ज़्यादा है।तिमाही में कुल वॉइस ट्रैफ़िक 1.06 ट्रिलियन मिनिट रहा; पिछले साल के मुकाबले ये 19.5% ज़्यादा है।जियो प्लेटफॉर्म्स का EBITDA  ₹ 8,892 करोड़ रहा जो पिछले साल से 21.3% ज़्यादा है। शुद्ध लाभ ₹ 3,651 करोड़ रहा जो पिछले साल के मुकाबले 44.9% अधिक है।

30 लाख घरों में जियो फाइबर की दस्तक
कई चुनौतियों का मुकाबला करते हुए जियो फ़ाइबर अब तीस लाख घरों तक पहुँच चुका है और इस काम में लगातार तेज़ी आ रही है।रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के ऑइल टू केमिकल्स बिज़नेस ने लगातार चौथी तिमाही के EBITDA में अच्छी ग्रोथ दिखाई है; तिमाही में EBITDA 60 बेसिस पॉइंट्स (QoQ) से बढ़ी है।दुनिया में कोविड की स्थिति में थोड़ी बेहतरी के बाद तेल की माँग बढ़ी है। इसकी झलक रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के ऑइल टू केमिकल्स बिजनेस के बेहतर प्रदर्शन में देखी जा सकती है।रिलायंस रिटेल ने ग्राहकों की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए डिजिटल कॉमर्स को तेज़ी से आगे बढ़ाया है।  तिमाही में http://Reliancedigital.in ने रिकॉर्ड बिक्री की।

रिटेल राजस्व का भी हिस्सा बढ़ा
तिमाही में रिटेल राजस्व का 20% हिस्सा, डिजिटल कॉमर्स के विस्तार और मर्चेंट पार्टनरशिप के ज़रिए आया।नए स्टोर्स खोलने का काम जारी है - तिमाही के दौरान 123 स्टोर जोड़े गए; कुल स्टोर की संख्या अब 12,803 हो गई हैKG D6 में उत्पादन बढ़ने की वजह से ऑयल और गैस सेगमेंट का EBITDA पिछली 22 तिमाहियों में सबसे अधिक रहा, यह 797 करोड़ रुपये जा पहुंचा।मीडिया बिज़नस पिछले साल के मुकाबले 6 गुना बढ़कर  ₹188 crore ($2.5 करोड़) हो गया है। कोरोनावायरस की दूसरी लहर के बावजूद ऑपरेटिंग मार्जिन  15.5% रही जो कि अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है।

इस तिमाही का केपेक्स ₹16,684 करोड़ ($2.2 अरब) रहा। इसके अलावा RJIL ने स्पेक्ट्रम खरीदने के लिए ₹29,276 करोड़ ($3.9 अरब) खर्च किए।इस तिमाही में, रेटिंग एजेंसी ‘फिच’ ने रिलायंस इंडस्ट्रीज़ की लॉन्ग टर्म फ़ॉरेन करंसी इशुअर डिफ़ॉल्ट रेटिंग BBB कर दी है, ये भारत की सॉवरेन रेटिंग से एक पायदान ऊपर है।

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