Oil oilseeds rate today : सस्ते इंपोर्टेड तेलों से देसी तेल तिलहन कीमतों पर दबाव, जानिए 18 जुलाई का ताजा भाव

Oil oilseed rate today (तेल तिहलन रेट आज का) 18 जुलाई 2020 : विदेशी सस्ते तेलों के इंपोर्ट की संभावना ने भारतीय तेल तिलहन उद्योगों पर दबाव बना दिया है। जानिए आज क्या है ताजा भाव।

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सस्ते इंपोर्टेड तेलों से देसी तेल पर दबाव, 

मुख्य बातें

  • सस्ते तेल के इंपोर्ट के बढ़ने की संभावना
  • देसी में तेल तिलहन बाजार पर दबाव
  • लॉकडाऊन में ढील दिए जाने के बाद सस्ते इंपोर्टेड तेलों की मांग बढ़ रही है

Oil oilseed price today 18 July 2020 : भारत में पाम तेल (palm oil) पर इंपोर्ट ड्यूटी कम किए जाने से सस्ते तेलों के इंपोर्ट में उछाल आने की संभावना है साथ ही विदेशों में पाम और सोयाबीन (soybean) डीगम जैसे सस्ते तेलों के बंपर प्रोडक्शन ने भी भारतीय इंडस्ट्री पर दबाव बना दिया है। सस्ते तेल के इंपोर्ट के बढ़ने की संभावना के चलते दिल्ली तेल तिलहन बाजार में शनिवार (18 जुलाई) को देशी तेल तिलहनों के भाव (Oil oilseed rate) पर काफी दबाव रहा। सरसों (Mustard) और मूंगफली (Groundnut) तेल तिलहन कीमतों में जहां स्थिरता बनी रहीं वहीं सोयाबीन तिलहन कीमतों में गिरावट दर्ज हुई। मार्केट सोर्स के मुताबिक इस बार विदेशों में पाम तेल के प्रोडक्शन में काफी बढ़ोतरी होने की पूरी संभावना है और मलेशिया में पाम तेल का पहले का भी काफी स्टॉक जमा है। उधर भारत में पाम तेल के इंपोर्ट ड्यूटी में कमी की गई है और लॉकडाऊन में ढील दिए जाने के बाद सस्ते इंपोर्टेड तेलों की मांग बढ़ रही है। ऐसे में पाम तेल और सोयाबीन डीगम से बाजार के पाटे जाने की भरपूर खतरा है। आज का ताजा भाव नीचे देख सकते हैं। 

मार्केट सोर्स ने कहा कि ऐसी स्थिति में सरकार के तिलहन प्रोडक्शन में आत्मनिर्भरता हासिल करने की तमाम अपील का हकीकत रूप ले पाना मुश्किल ही मालूम देता है। उन्होंने कहा कि अगस्त माह के अंत में मंडी में आने वाली सोयाबीन की पैदावार जोरदार रहने की संभावना है। सवाल यह है कि सस्ते इंपोर्टेड तेलों के मुकाबले सोयाबीन और मूंगफली जैसी फसलों को बाजार में कैसे खपाया जाए।

शनिवार को तेल तिलहन (Oil oilseed) का बंद भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपए प्रति क्विंटल)

सरसों तिलहन : 4,665- 4,715 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपए।
मूंगफली दाना : 4,740 - 4,790 रुपए।
वनस्पति घी : 965 - 1,070 रुपए प्रति टिन।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) : 12,480 रुपए।
मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल : 1,875 -1,925 रुपए प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी : 9,700 रुपए प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी : 1,540 - 1,680 रुपए प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी : 1,640 - 1,760 रुपए प्रति टिन।
तिल मिल डिलिवरी तेल : 11,000 - 15,000 रुपए।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली : 9,150 रुपए।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर : 8,950 रुपए।
सोयाबीन तेल डीगम : 8,000 रुपए।
सीपीओ एक्स-कांडला : 7,100 रुपए।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा) : 7,800 रुपए।
पामोलीन आरबीडी दिल्ली :  8,600 रुपए।
पामोलीन कांडला : 7,900 रुपए (बिना जीएसटी के)।
सोयाबीन तिलहन डिलिवरी भाव : 3,670-3,695 लूज में 3,405--3,470 रुपए।
मक्का खल (सरिस्का) : 3,500 रुपए

इंदौर में मूंगफली तेल, सोयाबीन रिफाइंड के भाव में तेजी

स्थानीय खाद्य तेल बाजार में शनिवार को मूंगफली तेल 10 रुपए और सोयाबीन रिफाइंड के भाव तीन रुपए प्रति 10 किलोग्राम की तेजी लिए रहे। पाम तेल सात रुपए प्रति 10 किलोग्राम महंगा बिका। पशुआहार कपास्या खली में 25 रुपए प्रति 60 किलोग्राम की कमी हुई।

तिलहन- सरसों 4100 से 4150, रायडा 3900 से 3950 रुपए प्रति क्विंटल।

तेल- मूंगफली तेल इंदौर 1280 से 1300, सोयाबीन रिफाइंड इंदौर 840 से 845, सोयाबीन साल्वेंट 785 से 790, पाम तेल 840 से 842 रुपए प्रति 10 किलोग्राम।

कपास्या खली-  कपास्या खली इंदौर 1375, कपास्या खली देवास 1375, कपास्या खली उज्जैन 1375, कपास्या खली खंडवा 1350, कपास्या खली बुरहानपुर 1350, कपास्या खली अकोला 1975 रुपए प्रति 60 किलो बोरी।

मार्केट सोर्स ने बताया कि पिछले साल 20% कम पैदावार होने के बावजूद किसानों के पास सोयाबीन का 20 से 25% ऊपज बची हुई। इसके अलावा गुजरात में किसानों और सहकारी संस्था नाफेड के पास मूंगफली का भी काफी स्टॉक बचा हुआ है। किसानों और नाफेड के पास सरसों का लाखों टन स्टॉक भी बचा हुआ है। मजबूरन इन किसानों को अपनी फसल औने-पौने दाम पर बेचने को विवश होना पड़ रहा है। दूसरी ओर ‘ब्लेंडिंग’ के लिए सोयाबीन डीगम की मांग बढ़ने से सोयाबीन तेल कीमतों में सुधार रहा। जबकि सस्ते में बिक्री से बचने के लिए मंडी में कम फसल लाने से सरसों दाना (तिलहन) और सरसों तेल कीमतों के भाव पूर्ववत बने रहे।
 

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