पेट्रोल/डीजल 100 के पार, जानिए क्यों बढ़ रही हैं कीमतें

देश भर में पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही है। 4 मई के बाद से अब तक 24वीं बार बढ़ोतरी हो चुकी हैं। इससे कई राज्यों में 100 रुपए प्रति लीडर के पार पहुंच चुकी हैं। 

Petrol-diesel rates 100 ke paar, know why prices are increasing
पेट्रोल डीजल के दाम में बढ़ोतरी  |  तस्वीर साभार: BCCL

मुख्य बातें

  • छह राज्यों में पेट्रोल का भाव भी 100 रुपए प्रति लीटर पर पहुंच गया है।
  • राजस्थान में डीजल 100 रुपए प्रति लीटर हो गया है।
  • इसके कीमत बढ़ने के कई कारण हैं, यहां विस्तार से यहां जान सकते हैं।

नई दिल्ली: सोमवार (14 जून) को पेट्रोल की कीमत में 26-29 पैसे प्रति लीटर और डीजल में 28-31 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि की गई, 4 मई के बाद से कीमतों में 24 वीं बढ़ोतरी की गई। इस तरह धीरे-धीरे कई राज्यों में पेट्रोल शतक बना चुका है और डीजल भी शतक के करीब पहुंच चुका है। राजस्थान में डीजल 100 रुपए प्रति लीटर और कर्नाटक में पेट्रोल का भाव भी 100 रुपए प्रति लीटर पर पहुंच गया है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध प्रदेश, तेलंगाना और केंद्र शासित लद्दाख में पेट्रोल के खुदरा भाव पहले ही 100 रुपए या उससे से ऊपर पहुंच गए थे। इस सूची में शनिवार को कर्नाटक भी जुड़ गया। कर्नाटक देश का ऐसा 7वां राज्य हो गया है जहां पेट्रोल का भाव 100 रुपए को छू गया है या उससे ऊपर पहुंच गया है। 

पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ने की वजह

तेल कंपनियां पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में दैनिक आधार पर बदलाव करती हैं। साथ ही, दरें ब्रेंट कच्चे तेल की दरों पर भी निर्भर हैं क्योंकि भारत अपनी ईंधन आवश्यकताओं का करीब 85 प्रतिशत आयात करता है। वैट (मूल्य वर्धित टैक्स) और माल ढुलाई शुल्क जैसे स्थानीय टैक्स के आधार पर पेट्रोल और डीजल की कीमत एक राज्य से दूसरे राज्य में भिन्न होती है। पेट्रोल के खुदरा मूल्य का 61 प्रतिशत से अधिक और डीजल का करीब 56 प्रतिशत केंद्रीय और राज्य का टैक्स होता है। केंद्र सरकार पेट्रोल पर 32.9 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर 31.80 रुपए प्रति लीटर उत्पाद शुल्क वसूलती है।  पेट्रोल और डीजल जीएसटी के अंतर्गत नहीं आता है। इसलिए इस पर केंद्र के टैक्स और राज्यों के टैक्स लगते हैं। विभिन्न राज्यों में वैट और स्थानीय टैक्स अलग-अलग होने की वजह से अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग रेट होते हैं। 

गौर हो कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में पिछली कुछ सप्ताह से कच्चे तेल का भाव फिर चढ़ने लगा है। बाजार को उम्मीद है कि कोविड-19 का टीकाकरण तेज होने से आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी और डिमांड बढ़ेगी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल 72 डॉलर प्रति बैरल के उच्च स्तर को छूने से भारत में कीमतें नई ऊंचाई पर पहुंच गईं।

14 जून को लेटेस्ट बढ़ोतरी के बाद आपके शहर में क्या है पेट्रोल-डीजल का ताजा भाव  

शहर पेट्रोल प्रति लीटर डीजल प्रति लीटर
दिल्ली  96.41 रुपए     87.28 रुपए
कोलकाता 96.34 रुपए    90.12 रुपए
मुंबई 102.58 रुपए    94.70 रुपए
चेन्नई 97.69 रुपए     91.92 रुपए
बेंगलुरु 99.63 रुपए      92.52 रुपए
हैदराबाद 100.20 रुपए     95.14 रुपए
श्री गंगानगर 107.53 रुपए   100.37 रुपए
जयपुर 103.03 रुपए   96.24 रुपए
पटना 98.49 रुपए   92.59 रुपए
भोपाल 104.59 रुपए    95.91 रुपए

पेट्रोलियम मंत्री ने पेट्रोल-डीजल के दाम कम नहीं होने की वजह बताई

पेट्रोलियम मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने रविवार को पेट्रोल-डीजल महंगाई से आम जनता को हो रही परेशानी को स्वीकार करते हुए कहा कि वैक्सीनेशनल कवरेज के साथ-साथ कल्याणकारी योजनाओं पर सरकारी खर्च बढ़ गया है। सरकार महामारी में इस तरह की पहल के लिए पैसे बचा रही है। उन्होंने कहा कि मैं स्वीकार करता हूं कि मौजूदा पेट्रोल-डीजल की कीमतें उपभोक्ताओं को परेशान कर रही हैं, लेकिन यह भी सोचा जाना चाहिए कि एक साल के दौरान टीकाकरण पर 35,000 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत गरीबों को मुफ्त अनाज देने के लिए 1 लाख करोड़ रुपए खर्च करने की घोषणा की थी।

उन्होंने यह भी कहा कि पीएम किसान योजना के तहत, किसानों के खातों में हजारों करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए हैं और यह भी उल्लेख किया है कि हाल ही में किसानों की भलाई को ध्यान में रखते हुए चावल और गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य की घोषणा की गई है, जो सरकारी खजाने में जुड़ा है। उन्होंने कहा, ये सभी खर्चे और इनके साथ-साथ रोजगार सृजन और विकास गतिविधियों के लिए निवेश की जरूरत है। मंत्री ने कहा, कठिनाई के इस समय में, हम कल्याणकारी कदमों पर खर्च करने के लिए पैसे बचा रहे हैं।
 

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