कई राज्यों में पेट्रोल-डीजल की हुई किल्लत ! जानें स्टॉक के बावजूद क्यों बिगड़े हालात

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 17, 2022, 06:28 PM IST

Petrol-Diesel Supply: इंडियन ऑयल , एचपीसीएल और बीपीसीएल ने  पिछले कुछ समय से कच्चे तेल (कच्चे माल की लागत) में वृद्धि के बावजूद पेट्रोल और डीजल की कीमतें नहीं बढ़ाई हैं। वे इस समय पेट्रोल को 14-18 रुपये प्रति लीटर और डीजल 20-25 रुपये के नुकसान पर बेच रहे हैं।

कई राज्यों में पेट्रोल-डीजल की हुई किल्लत ! जानें स्टॉक के बावजूद क्यों बिगड़े हालात

Petrol-Diesel Supply: पिछले 2 दिनों से देश के कई इलाकों में पेट्रोल-डीजल (Petrol-Disel) की किल्लत की खबरें सामने आ रही हैं। मध्य प्रदेश , राजस्थान ,कर्नाटक, गुजरात, जम्मू-कश्मीर से ऐसी खबरों ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या भारत में पेट्रोल-डीजल की किल्लत होने वाली है। मामला गंभीर होता देख सरकार ने भी सफाई पेश की है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय (Ministry of Petroleum & Natural Gas) ने अपने बयान में इस बात को स्वीकार किया है कि कुछ राज्यों में कई स्थानों पर पेट्रोल एवं डीजल की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। जिसमें जून 2022 के पहले पखवाड़े में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में मांग में 50 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है। मंत्रालय के अनुसार विशेष रूप से, राजस्थान, मध्य प्रदेश तथा कर्नाटक में मांग ज्यादा बढ़ी है। और इस मांग में अभूतपूर्व वृद्धि ने स्थानीय स्तर पर कुछ अस्थायी लॉजिस्टिक्स समस्याएं पैदा कर दी है। 

देश में 79 हजार से ज्यादा पेट्रोल पंप

सरकार के बयान से साफ है कि देश के कई इलाकों में सप्लाई की समस्या है। लेकिन उसका यह भी दावा है कि देश में पर्याप्त मात्रा से अधिक पेट्रोल एवं डीजल का उत्पादन है। अगर सरकार के दावों के आधार पर साफ है कि देश में मांग के अनुसार उपलब्धता की कमी नहीं है। बल्कि उसकी आपूर्ति में समस्या आ रही है। Petroleum Planning and Analysis Cell (PACC) की रिपोर्ट के अनुसार देश में दिसंबर 2021 तक कुल 79417 रिटेल आउटलेट हैं। जहां से पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति की जाती है। इतने बड़े नेटवर्क पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति में किल्लत की एक वजह सरकार के जवाब में दिखती है, जिसमें उसने कहा है कि बल्क खरीदारों द्वारा अपनी खरीद को रिटेल विक्रय केंद्रों पर शिफ्ट करने तथा बिक्री में उल्लेखनीय कमी होने पर निजी विपनण कंपनियों की बिक्री पीएसयू की तरफ शिफ्ट हो गई है। यानी निजी तेल विपणन कंपनियों ने अपनी रिटेल सप्लाई रोक दी है। जिससे जिन राज्यों में निजी कंपनियों के रिटेल आउटलेट्स ज्यादा है, वहां पर सप्लाई बाधित हुई है।

ईंधन अप्रैल 2022 में मांग मई 2022 में मांग मई 2021 में मांग
MS (पेट्रोल) 2797 3017 1991 
HSD (डीजल) 7203 7285 553

नोट: पेट्रोल-डीजल की मात्रा 000 मिट्रिक टन में ली गई है

मांग बढ़ने के साथ-साथ लागत भी बढ़ी

न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, इंडियन ऑयल (Indian Oil), एचपीसीएल (HPCL) और बीपीसीएल (BPCL) ने  पिछले कुछ समय से कच्चे तेल (कच्चे माल की लागत) में वृद्धि के बावजूद पेट्रोल और डीजल की कीमतें नहीं बढ़ाई हैं। वे इस समय पेट्रोल को 14-18 रुपये प्रति लीटर और डीजल 20-25 रुपये के नुकसान पर बेच रहे हैं। लेकिन इस स्तर का नुकसान निजी क्षेत्र की कंपनी नायरा एनर्जी, Jio-bp और शेल के लिए उठाना संभव नहीं है। जिसक कारण उन्होंने बिक्री में कमी कर दी है। PACC के अनुसार अप्रैल से 17 जून के बीच इंडियन बास्केट में कच्चे तेल की कीमतें 102.97 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 118.99 बैरल तक पहुंच गई हैं।

अप्रैल में 14.3 फीसदी बढ़ा कच्चे तेल का आयात

PACC के अनुसार अप्रैल 2022 में भारत में कच्चे तेल का आयात 14.3 फीसदी बढ़ा है। अप्रैल में 20873 मिट्रिक टन कच्चे तेल का आयात किया गया है। जिसमें 70.6 फीसदी आयात मिडिल ईस्ट यानी खाड़ी देशों से किया गया है। सरकार का दावा है कि जिन राज्यों में पेट्रोल-डीजल की किल्लत हुई है, वहां पर मांग में 50 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है। अगर अप्रैल और मई के आंकड़ों से तुलना किया जाय तो 2022 में 2021 की तुलना में 25-30 फीसदी पेट्रोल-डीजल की मांग बढ़ी है। कृषि गतिविधियों के कारण सीजनल मांग बढ़ी है। 

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