सिर्फ 1 अच्छे आइडिया से मिल सकती है सफलता, भारत की इन युवा महिला उद्यमी ने की हासिल

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2021: भारत की युवा महिलाओं ने भी अपने आइडिया के बल पर स्टार्टअप्स शुरू कर निराश लोगों के लिए मिसाल बनीं।

Only single good idea can give success, these young women entrepreneurs of India achieved
उपासना टाकु, मोबिक्विक की फाउंडर  |  तस्वीर साभार: BCCL

अगर आपके पास शानदार आइडिया है तो आप अपनी जिंदगी में नहीं बल्कि दूसरे की जिंदगी को भी खुशहाली सकते हैं। एक अच्छा आइडिया पूरी दुनिया को बदल सकता है। दुनिया के कई देश समेत भारत में भी कई लोगों ने अपनी आइडिया से न केवल अपनी जिंदगी को संवारा है बल्कि बिजनेस की दुनिया अपनी छाप छोड़ी है। इसमें युवा महिलाओं का भी महत्वपूर्ण योगदान है।  युवा महिलाओं ने भारत के स्टार्टअप परिदृश्य को दृढ़ संकल्प, उत्साह, धैर्य के बल पर बदल दिया है। 

जेंडर गैप या लिंग भेदभाव के बावजूद जुनून ने महिला उद्यमियों को अपने पुरुष समकक्षों से आगे निकलने के लिए प्रेरित किया। सभी बाधाओं के पार करते हुए भारत की युवा महिला उद्यमियों ने अन्य महिलाओं के लिए मिसाल बनीं। यहां आप भारत की 10 सबसे शक्तिशाली महिला उद्यमियों के बारे में जान सकते हैं जिन्होंने चुनौतियों से ऊपर उठकर दूसरों के लिए अमिट प्रभाव छोड़ने के लिए प्रेरित किया।

उपासना टाकु, मोबिक्विक की फाउंडर

उपासना टाकु मोबिक्विक (MobiKwik) की सह-संस्थापक हैं, जिन्होंने अपने बिजनेस की शुरुआत अपार्टमेंट कार्यालयों से कैपिटल फंडिंग से शुरू हुई। भारत में खुदरा विक्रेताओं के लिए भुगतान की स्वीकृति को आसान बनाने के मिशन के साथ, उपासना टाकु ने भारत की पहली भुगतान स्टार्टअप का नेतृत्व करने वाली पहली महिला बनकर पहली महिला उद्यमिता की सफलता की कहानी लिखी है।

नीरू शर्मा, इंफीबीम की फाउंडर

अगर आप अच्छे लीडरशिप के बारे में सीखना चाहते हैं, तो आपको पर्दे के पीछे जाना चाहिए। नीरू शर्मा, एक सशक्त महिला हैं, वह उन कुछ लोगों में से एक हैं जो एक पुरुष-प्रधान उद्योग में बड़े व्यवसायों के टॉप पर हैं। वह इंफीबीम एवेन्यूज लिमिटेड की सह-संस्थापक हैं, जिसने केवल खुदरा पोर्टल के रूप में शुरुआत की, जो ई-कॉमर्स समूह की 100 लाख से अधिक स्टॉक कीपिंग यूनिट्स को बनाए रखने के लिए शुरू की।

अदिति गुप्ता,  मेनस्ट्रुपेडिया  की फाउंडर

मासिक धर्म लड़कियों के लिए एक अनोखी घटना है, यह हमेशा टैबू और मिथकों से घिरा रहा है जो सामाजिक-सांस्कृतिक जीवन के कई पहलुओं से महिलाओं को बाहर करता है। मासिक धर्म के बारे में युवा लड़कियों को समझाना अभिभावकों के साथ ही शिक्षकों के लिए भी एक चुनौती रही है। अदिति गुप्ता की मेन्स्ट्रुपेडिया मासिक धर्म के आसपास टैबू और मिथकों को तोड़ने और मासिक धर्म के बारे में अपनी झिझक को दूर करने के लिए महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए जागरूकता फैला रही है।

अनिशा सिंह, मायडाला की फाउंडर

2009 में अनीशा सिंह के नेतृत्व में शुरू किया गया mydala.com एक मरचेंट मार्केटिंग प्लेटफॉर्म है और तब से भारत का सबसे बड़ा लोकल सर्विस मार्केटिंग प्लेटफॉर्म बन गया है। अनीशा जो खुद को एक रूढ़िवादी सरदारनी कहती है, एक लीडिंग महिला उद्यमी का उदाहरण है जो महिलाओं को अपने करियर विकल्पों को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करती है।

जया झा, इंस्टास्क्राइब और पोथी की फाउंडर

जया झा ने भारतीय प्रकाशन क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई हैं। उनका उद्यमिता, टैक्नोलॉजी और कविता  से खास लगाव रहा है। उनका सेल्फ पब्लिसिंग Pothi.com है। वह एक बिजनेसवुमन हैं, जो लेखकों के लिए सेवाओं को विकसित करने और उन्हें पेश करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो उनके काम को प्रकाशित करने के लिए सशक्त बनाते हैं। वह क्रिएटिविटी के जरिए पैसा कैसे कमाया जाए रास्ता बताती हैं।

अंकिता गाबा, सामाजिक समोसा  की फाउंडर

अंकिता गाबा को बिजनेस में 10 साल अनुभव है। साथ ही एक पुरस्कार विजेता डिजिटल मार्केटर हैं। उन्होंने सुपरचूहा, एक डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी और सामाजिक समोसा जैसे स्टार्टअप्स  खड़ा किया है, जो एक व्यापक रूप से मान्यता प्राप्त सोशल मीडिया न्यूज पोर्टल है। वह एक लीडिंग फिन-टेक कंपनी और भारत के पहले शून्य कमीशन डायरेक्ट म्यूचुअल फंड प्लेटफॉर्म के लिए मार्केटिंग प्रमुख के रूप में भी नियुक्त हुईं।

अश्विनी असोकन मैड स्ट्रीट डेन की फाउंडर

अश्विनी असोकन चेन्नई में जन्मी और प्रशिक्षित क्लासिकल डांसर हैं। जिन्होंने अपने प्रदर्शन के लिए देश भर में यात्रा की है, अश्विनी असोकन एक एआई- आधारित कंपनी एमएसडी (मैड स्ट्रीट डेन) के संस्थापक और सीईओ हैं। इमेज रिकॉग्निशन प्लेटफॉर्म के साथ रिटेल उद्योग को शक्ति प्रदान करने वाले भारत के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्पेस स्टार्टअप्स की शुरुआत की।

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