द‍िवाली से पहले काबू होगी महंगाई! भूटान के आलू, अफगानिस्‍तान के प्‍याज से मिलेगी राहत

बिजनेस
भाषा
Updated Oct 30, 2020 | 23:46 IST

बढ़ती महंगाई और सब्जियों के दाम में भारी उछाल को देखते हुए भूटान के आलू और अफगानिस्‍तान, तुर्की तथा मिस्र से प्‍याज मंगाया जा रहा है। माना जा रहा है कि इससे महंगाई पर काबू पाने में कुछ हद तक मदद मिलेगी।

द‍िवाली से पहले काबू होगी महंगाई! भूटान के आलू, अफगानिस्‍तान के प्‍याज से मिलेगी राहत
द‍िवाली से पहले काबू होगी महंगाई! भूटान के आलू, अफगानिस्‍तान के प्‍याज से मिलेगी राहत  |  तस्वीर साभार: BCCL

मुख्य बातें

  • द‍िवाली से पहले 25,000 टन प्‍याज की आमद की उम्‍मीद है
  • मिस्र, अफगानिस्तान और तुर्की जैसे देशों से प्‍याज मंगाए जा रहे हैं
  • करीब 30,000 टन आलू भूटान से अगले कुछ दिनों में आने वाला है

नई दिल्ली : उपभोक्ता मामलों के मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि सरकार प्याज, आलू की घरेलू आपूर्ति बढ़ाने और बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि निजी व्यापारी पहले ही 7,000 टन प्याज का आयात कर चुके हैं जबकि 25,000 टन दिवाली से पहले आने की उम्मीद है।
उन्होंने यह बात ऐसे समय कही है जब देश के कुछ भागों में प्याज के दाम 80 रुपये किलो से ऊपर पहुंच गए हैं। वहीं आलू की कीमत भी गुणवत्ता के आधार पर 60 रुपये किलो से ऊपर निकल गई है।

मंत्री ने कहा कि सहकारी एजेंसी नाफेड भी आयात करेगी। इससे बाजार में प्याज की पर्याप्त आपूर्ति होगी। गोयल ने कहा कि केवल प्याज ही नहीं बल्कि करीब 10 लाख टन आलू का भी आयात किया जा रहा है। इसके लिए सीमा शुल्क जनवरी 2021 तक सीमा शुल्क कम कर 10 प्रतिशत कर दिया गया है। करीब 30,000 टन आलू भूटान से अगले कुछ दिनों में आ जाएगा।

प्‍याज के आयात पर शर्तों में ढील

गोयल ने डिजिटल तरीके से आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि प्याज, आलू और कुछ दाल के खुदरा दाम बढ़े हैं। लेकिन स्थानीय स्तर पर आपूर्ति बढ़ाने के लिए प्याज के निर्यात पर पाबंदी समेत सरकार के सक्रियता से उठाए गए कदमों के कारण पिछले कुछ दिनों से कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय स्तर पर प्याज का खुदरा मूल्य पिछले तीन दिनों से 65 रुपये किलो और आलू 43 रुपये किलो पर स्थिर बना हुआ है।

गोयल ने कहा कि हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं लोगों को त्योहारों के दौरान ये चीजें सस्ती दरों पर मिले। सरकार ने प्याज के आयात के लिये कदम उठया है और दिसंबर तक प्याज के आयात पर धूम्र-शोधन (फ्यूमिगेशन) की शर्तों में ढील दी है। उन्होंने कहा, 'अबतक 7,000 टन प्याज निजी व्यापारियों ने आयात किए है, इसके अलावा 25,000 टन प्याज दिवाली से पहले आने की उम्मीद है।'

'कम होगा कीमतों पर दबाव'

गोयल ने कहा कि निजी व्यापारी प्याज मिस्र, अफगानिस्तान और तुर्की जैसे देशों से मंगा रहे हैं। सहकारी एजेंसी नाफेड भी आयात करेगी। उन्होंने कहा कि आयात के अलावा मंडियों में अगले महीने नई खरीफ फसल की आवक शुरू होने से आपूर्ति स्थिति सुधरेगी और कीमतों पर दबाव कम होगा। प्याज की खरीफ फसल अगले महीने मंडियों में आने की संभावना है। सरकार ने खरीफ और खरीफ मौसम में देरी से आने वाले प्याज का उत्पादन चालू वर्ष मे 6 लाख टन कम होकर 37 लाख टन रहने का अनुमान जताया है।

उन्होंने कहा कि अन्य उपायों में सरकार ने प्याज के बीजों के निर्यात पर पाबंदी लगाई है और जमाखोरी रोकने के लिए व्यापारियों पर भंडार सीमा लगाए गए हैं। इसके अलावा नाफेड करीब एक लाख टन बफर स्टॉक में से खुले बाजार में प्याज की बिक्री कर रही है। अबतक उसने 36,488 टन प्याज बेचे हैं। आलू की आपूर्ति में सुधार के बारे में मंत्री ने कहा, 'हम कीमतों को काबू में लाने के लिए करीब 10 लाख टन आलू का आयात करने जा रहे हैं और यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि ग्राहकों को त्योहारों के दौरान सब्जी सस्ते दाम पर मिले।' करीब 30,000 टन आलू अगले दो-तीन दिनों में भूटान से आ रहा है।

दाल पर सरकार ने लिया ये फैसला

दाल के बारे में गोयल ने कहा कि ज्यादातर दलहन के दाम अभी स्थिर हैं। वास्तव में पिछले चार साल के मुकाबले दाल के दाम काफी नीचे हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि घरेलू आपूर्ति बढ़ाने के लिए सरकार ने 4 लाख टन तुअर दाल के आयात को लेकर समयसीमा दिसंबर तक बढ़ा दी है।

मंत्री ने कहा कि 1.5 लाख टन उड़द दाल के लिए लाइसेंस जारी किए गए हैं और मसूर पर 10 प्रतिशत आयात शुल्क दिसंबर अंत तक जारी रहेगा। सरकार ने 2 लाख टन तुअर दाल के आयात के लिये मोजाम्बिक के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) को अगले पांच साल के लिए बढ़ाने का भी निर्णय किया है। साथ ही 2.5 लाख टन उड़द दाल के आयात के लिए म्यांमा से पांच साल के लिए एमओयू किया है।

Times now
Mirror Now
ET Now
zoom Live
Live TV
अगली खबर