अब घर के खरीददारों को LIC ने दी अच्छी खबर, होम लोन की ब्याज दरों में कटौती

LIC Housing Finance home loan rate cut: घर खरीदने का विचार कर रहे लोगों के लिए भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने ब्याज दर कटौती करते हुए अच्छी खबर दी है।

LIC Housing Finance and Home loan
एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस  |  तस्वीर साभार: BCCL

मुख्य बातें

  • होम लोन लेने वालों के लिए LIC ने की घोषणा, ब्याज दरों में कटौती
  • संकट के समय में खुद को और अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए कदम उठा रही कंपनी
  • इससे पहले HDFC और SBI ने भी कम की थीं ब्याज दरें

नई दिल्ली: होम लोन लेने की योजना बना रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है, एलआईसी ने होम लोन की दरों को कम कर दिया है। एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस ने पर्सनल होम लोन लेने वालों के लिए अपनी ब्याज दरों में कमी करते हुए नए ग्राहकों को किसी भी राशि के लोन पर 800 या अधिक के CIBIL स्कोर के लिए अब 7.5 प्रतिशत का शुल्क देना होगा। पहले इन पर्सनल होम लोन के लिए 8.10 प्रतिशत की ब्याज दर ली जा रही थी।

कंपनी की ओर से कहा गया कि 10 बीपीएस की अतिरिक्त कमी की पेशकश की जाएगी। CIBIL स्कोर के आधार पर लोगों को ब्याज दर में फायदा मिलेगा। दर में कमी तत्काल प्रभावी होगी।

एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड के एमडी और सीईओ, सिद्धार्थ मोहंती ने कहा, 'मौजूद संकट ने व्यवसायों को सामाजिक संतुलन जैसी चीजों के अनुकूल काम करने और टेक्नॉलॉजी का लाभ उठाने के लिए नई योजना बनाने के लिए मजबूर किया है। इसके अलावा, LICHFL के होम लोन ऐप HomY ने हमारी मार्केटिंग टीमों को ग्राहकों से डिजिटल रूप से सीधे जुड़ने और कर्ज की स्वीकृति के लिए ऑनलाइन तेजी से काम करने का तरीका अपनाया जा रहा है। हम क्षेत्र में आत्मविश्वास लाना चाहते हैं और रियल एस्टेट उद्योग और अर्थव्यवस्था को समर्थन देने में भागीदारी बनेंगे।'

HDFC और SBI ने भी घटाई थीं दरें: गौरतलब है कि भारत के प्रमुख ऋणदाता एचडीएफसी ने भी कुछ दिनों पहले अपने होम लोन की दर में 15 बीपीएस की कमी की थी। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की ओर उठाए गए इसी तरह के कदमों के बाद एचडीएफसी ने यह रुख अपनाया था। एसबीआई ने आरबीआई की ओर से रेट कम होने के बाद अपनी दरों को घटाने का फैसला लिया था।

भारतीय रिज़र्व बैंक ने 27 मार्च को अपने 7वीं द्विमासिक मौद्रिक नीति में रेपो रेट में 75 बीपीएस कटौती के साथ रिवर्स रेपो रेट में 90 बीपीएस कटौती की घोषणा की थी। यह घोषणा अर्थव्यवस्था पर कोरोनो वायरस महामारी के प्रभाव को कम करने के लिए की गई थी।

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