GST काउंसिल की बैठक के बाद निर्मला सीतारमण का ऐलान- कोविड 19 से जुड़ी राहत सामग्री के आयात में छूट का फैसला

बिजनेस
Updated May 28, 2021 | 21:11 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

GST Council Meeting: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि जीएसटी परिषद ने विदेशों से आयात होने वाली कोविड-19 से जुड़ी मुफ्त सामग्री पर आई-जीएसटी हटाने का फैसला किया है।

Nirmala Sitharaman
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण  

मुख्य बातें

  • ब्लैक फंगस के इलाज में इस्तेमाल दवा के आयात को आई-जीएसटी से छूट
  • विदेशों से आयात होने वाली कोविड-19 से जुड़ी मुफ्त सामग्री पर आई-जीएसटी हटाया
  • राजस्व नुकसान की भरपाई के लिए केंद्र 1.58 लाख करोड़ रुपए का कर्ज लेगा

नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जीएसटी परिषद की 43वीं बैठक के बाद कहा कि जीएसटी परिषद ने ब्लैक फंगस के इलाज में इस्तेमाल दवा के आयात को आई-जीएसटी से छूट देने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि कोविड से संबंधित उपकरणों के मुद्दे एजेंडे में उन मदों में से एक थे जिन पर बहुत विस्तृत चर्चा हुई। कई मुद्दों को उठाया और चर्चा की....परिषद ने 31 अगस्त 2021 तक राहत वस्तुओं के आयात में छूट देने का फैसला किया है। 

वित्त मंत्री ने कहा, 'कोविड से संबंधित उपकरणों के लिए तदर्थ छूट दी गई है। परिषद ने 31 अगस्त, 2021 तक बढ़ाई गई छूट के साथ इनमें से कई वस्तुओं के आयात में छूट देने का फैसला किया है। मैंने निर्णय लिया है और परिषद में घोषणा की है कि मंत्रियों का एक समूह गठित किया गया है जो 10 दिनों के भीतर 8 जून को या उससे पहले अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा, ताकि यदि कोई और कटौती करने की आवश्यकता है तो इस अर्थ में की जाएगी कि दरें उनके द्वारा तय की जाएं।' सीतारमण ने कहा कि ब्लैक फंगस के बढ़ते मामलों के चलते एम्फोटेरिसिन बी को भी छूट सूची में शामिल किया गया है। 

विलंब शुल्क घटाने की रियायत योजना की घोषणा की

उन्होंने कहा, 'आज के सबसे बड़े फैसलों में से एक छोटे करदाताओं और मध्यम आकार के करदाताओं के अनुपालन बोझ को कम करना है। विलंब शुल्क, एमनेस्टी से जुड़े मामलों पर भी फैसला हुआ। छोटे करदाताओं को राहत प्रदान करने के लिए, इन मामलों में देय विलंब शुल्क को कम करने के लिए एमनेस्टी योजना की सिफारिश की गई है। करदाता अब अपना लंबित रिटर्न दाखिल कर सकते हैं और कम विलंब शुल्क के साथ इस एमनेस्टी योजना का लाभ उठा सकते हैं। लेट फीस को भी युक्तिसंगत बनाया गया है। युक्तियुक्त विलंब शुल्क और छोटे करदाताओं के लिए विलंब शुल्क की अधिकतम राशि को कम करने का निर्णय भविष्य की कर अवधि के लिए प्रभावी होगा। इससे छोटे करदाताओं को लंबी अवधि की राहत मिलेगी।'

आने वाले महीनों में वैक्सीन की आपूर्ति बढ़ेगी

वित्त मंत्री कहा कि राज्यों को जीएसटी से होने वाले राजस्व नुकसान की भरपाई के लिए केंद्र 1.58 लाख करोड़ रुपये का कर्ज लेगा। राज्यों को 2022 से आगे मुआवजे के भुगतान पर विचार के लिए जीएसटी परिषद विशेष सत्र का आयोजन करेगी। दो वैक्सीन निर्माताओं को अग्रिम भुगतान के रूप में 4,500 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया... देश टीकों के लिए जापानी, यूरोपीय संघ सहित आपूर्तिकर्ताओं/निर्माताओं के साथ काम कर रहा है। आने वाले महीनों में आपूर्ति जितनी है उससे अधिक होगी।

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