बुलेट ट्रेन निर्माण में तेजी लाने के लिए मीटर का प्री कास्ट गर्डर, रेल राज्य मंत्री जरदोश ने किया उद्घाटन

बिजनेस
कुंदन सिंह
कुंदन सिंह | Special Correspondent
Updated Nov 01, 2021 | 22:24 IST

मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर का निर्माण जल्द करने के लिए रेलवे ने प्री कास्ट तकनीक का सहारा लिया है। गुजरात के नवसारी में प्री कास्टिंग यार्ड में 40 मीटर स्पैन का प्री-स्ट्रेस्ड कंक्रीट (PSC) बॉक्स गर्डर की कास्टिंग निर्माण काम शुरू किया गया है।

बुलेट ट्रेन निर्माण में तेजी लाने के लिए मीटर का प्री कास्ट गर्डर, रेल राज्य मंत्री जरदोश ने किया उद्घाटन
बुलेट ट्रेन निर्माण में तेजी लाने के लिए मीटर का प्री कास्ट गर्डर, रेल राज्य मंत्री जरदोश ने किया उद्घाटन (साभार: भारतीय रेलवे) 

मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर का निर्माण जल्दी करने के लिए रेलवे प्री कास्ट तकनीक का सहारा ले रही हैं। सोमवार को गुजरात के नवसारी में प्री कास्टिंग यार्ड में 40 मीटर स्पैन का प्री-स्ट्रेस्ड कंक्रीट (PSC) बॉक्स गर्डर की कास्टिंग बनाने का काम शुरू किया गया। इस मौके पर रेल और टेक्सटाइल राज्य मंत्री दर्शना जरदोश ने इसकी शुरुआत की। पिछले महीने 28 अक्टूबर को गुजरात के आणंद में कास्टिंग यार्ड में पहले फुल स्पैन गर्डर की कास्टिंग की गई थी।

अहमदाबाद से मुंबई के बीच बनने वाले देश के पहले हाई स्पीड रेल नेटवर्क का काम तेजी से पूरा हो सके, उसके वायडक्ट के निर्माण में तेजी लाने के लिए, सबस्ट्रक्चर और सुपरस्ट्रक्चर बनाने का काम भी साथ ही साथ किया जा रहा है। सुपरस्ट्रक्चर के लिए फुल स्पैन गर्डर्स और सेगमेंटल गर्डर्स को कास्ट करने के लिए 23 कास्टिंग यार्ड बनाए जाएंगे। प्रत्येक कास्टिंग यार्ड आवश्यकता के अनुसार 16 से 93 एकड़ के क्षेत्र में फैला हुआ है और हाई-स्पीड रेल एलाइनमेंट के निकट है।

बुलेट ट्रेन का ज्यादातर हिस्सा एलिवेटेड होगा, जिनके ऊपरी स्ट्रक्चर 30 से 40 मीटर लंबे पूरे स्पैन के होंगे, हालांकि उन स्थानों के लिए जहां साइट की कमी है, प्रीकास्ट सेगमेंट के सेगमेंटल लॉन्चिंग का उपयोग किया जाएगा। फुल स्पैन गर्डर लॉन्चिंग की स्पीड सेगमेंटल गर्डर लॉन्चिंग की तुलना में सात गुना तेज होती है।

देश में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर 40 मीटर लंबे सुपर स्ट्रक्चर स्पैन का प्रयोग किया जा रहा है। 40 मीटर स्पैन का पीएससी बॉक्स गर्डर का वजन लगभग 970 मीट्रिक टन है, जो भारत के निर्माण उद्योग में सबसे भारी पीएससी बॉक्स गर्डर होगा। 40 मीटर स्पैन गर्डर को सिंगल पीस के रूप में कास्ट किया जा रहा है यानी बिना किसी निर्माण जोड़ के। इसमें 390 क्यूबिक मीटर कंक्रीट और 42 मीट्रिक टन स्टील शामिल है। इन कास्टिंग यार्ड में एक महीने में लगभग 300 फुल स्पैन बॉक्स गर्डर कास्टिंग और लॉन्चिंग की आवश्यकता को पूरा किया जा सकेगा, जो लगभग 12 किलोमीटर सुपरस्ट्रक्चर कास्टिंग और इरेक्शन के बराबर है।

मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पी रेल प्रोजेक्ट 508 किमी लंबा है। 508 किलोमीटर में से 352 किलोमीटर गुजरात राज्य (348 किलोमीटर) और दादर और नगर हवेली (4 किलोमीटर) में और शेष 156 किलोमीटर महाराष्ट्र राज्य में स्थित है। मैसर्स एलएंडटी 352 किमी में से 325 किमी लंबाई के लिए कार्यकारी एजेंसी है।
 

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