विदेशों से भारत आने वाले यात्रियों के लिए नई गाइडलाइन जारी, आठ अगस्त से होंगे लागू

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 2, 2020, 08:17 PM IST

Guidelines for International passengers: स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने विदेश से भारत आने वाले यात्रियों के लिए गाइडलाइंस जारी किये हैं और यह आठ अगस्त से लागू होगा।

विदेशों से भारत आने वाले यात्रियों के लिए नई गाइडलाइन जारी, आठ अगस्त से होंगे लागू

नई दिल्ली।  स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने भारत में आने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए नए दिशानिर्देश जारी किया है। ये नए गाइडलाइंस 8 अगस्त को सुबह 12:01 बजे से लागू होंगे। विदेशों से आने वाले यात्रियों को पोर्टल पर एक वचन देना होगा कि वो 14 दिनों के लिए अनिवार्य तौर क्वारंटीन में रहेंगे। पहले सात दिन यात्रियों को इंस्टीट्यूशन क्वारंटीन में खुद के खर्च पर रहना होगा उसके बाद घर में सात दिन का क्वारंटीन होना होगा।सभी यात्रियों को निर्धारित यात्रा से कम से कम 72 घंटे पहले http://newdelhiairport.in पर स्व-घोषणा पत्र प्रस्तुत करना पड़ेगा। 

भारत के लिए फ्लाइट लेने वाले यात्रियों को पहले थर्मल स्‍क्रीनिंग से गुजरना होगा और एसिम्‍टोमेटिक पाए जाने पर ही बोर्ड करने की अनुमति होगी। जो लोग जमीनी रास्ते से भारत की सीमा में दाखिल होंगे उन्हें भी इसी तरह की प्रक्रिया से गुजरना होगा।  टिकट के साथ क्‍या और क्‍या न करें, इसकी एक सूची भी यात्रियों को दी जाएगी। भारत में पहले से तय अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर 31 अगस्‍त तक पाबंदी बढ़ाई गई है। 

डायरेक्‍टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर प्रतिबंध के पीछे यह तर्क दिया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय उड़ान को शुरू करने में अभी और तैयारी के दौरा से गुजरना होगा। लेकिन इंटरनैशनल कार्गो की उड़ानों पर बैन नहीं है। इसके लिए न ही DGCA से अप्रूव्‍ड फ्लाइट्स पर रोक है।  वंदे भारत मिशन के तहत उड़ने वाली फ्लाइट्स भी जारी हैं।

खास बात .यह है कि अगर कोई ​अनिवार्य क्‍वारंटीन से छूट पाना चाहता हो तो उसे ऑनलाइन पोर्टल पर बोर्डिंग से कम से कम 72 घंटे पहले आवेदन करना होगा। सरकार उस आवेदन पर आखिर निर्णय करेगी।  क्‍वारंटीन से छूट के लिए अराइवल पर निगेटिव RT-PCR टेस्‍ट रिपोर्ट भी दिखाई जा सकती है। लेकिन यह टेस्ट  यात्रा से 96 घंटे के यानि यात्रा से चार दिन पहले होनी चाहिए। राज्‍यों को यह छूट दी गई है कि वह क्‍वारंटीन और आइसोलेशन पर अपना अलग प्रोटोकॉल बना सकते हैं।
 


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