PPF Account : आपका पीपीएफ अकाउंट निष्क्रिय है? ऐसे कर सकते हैं सक्रिय, जानें तरीका

छोटी बचत योजनाओं में पीपीएफ सबसे पॉपुलर निवेश साधन है। लेकिन कई लोग समय पर पैसे जमा करना भूल जाते हैं जिससे खाता निष्क्रिय हो जाता है। इसलिए यहां जानिए निष्क्रिय खाते को सक्रिय कैसे करें।

Is your PPF account inactive? know how to activate, PPF khata sakriya kaise karen 
सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ)  
मुख्य बातें
  • पीपीएफ खाते पर  फिलहाल 7.1% ब्याज दर मिल रही है।
  • सरकार हर तीन महीने इसकी ब्याज दर को रिवाइज करती है। 
  • पीपीएफ में निवेश पर ब्याज दर सालाना चक्रवृद्धि होती है।

सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) सबसे लोकप्रिय छोटी बचत योजनाओं में से एक है जो अपनी कैटेगरी के निवेश ऑप्शन्स में अपेक्षाकृत बेहतर ब्याज दर प्रदान करती है। पीपीएफ एक सरकार समर्थित ऋण-उन्मुख साधन है जो ब्याज की एक फ्लोटिंग रेट प्राप्त करता है जो सरकार द्वारा हर तिमाही में तय की जाती है। पीपीएफ बचत खाते पर ब्याज दर फिलहाल 7.1% है। निवेश पर ब्याज दर सालाना आधार पर चक्रवृद्धि होती है। इसकी गणना हर महीने की 5 तारीख और अंत के बीच खाते में न्यूनतम शेष राशि के आधार पर की जाती है। कई लोग पीपीएफ खाते में समय पर पैसा जमा करना भूल जाते हैं जिसे उनके खाते निष्क्रिय हो जाते हैं। यहां हम आपको पता रहे हैं कि निष्क्रिय खाते को सक्रिय कैसे कर सकते हैं।

पीपीएफ खाते के नियमों के मुताबिक, एक वित्तीय वर्ष में सिर्फ 500 रुपए जमा करके किसी निष्क्रिय खाते को फिर से सक्रिय किया जा सकता है। ऐसा न करने पर खाता निष्क्रिय हो जाएगा। इसलिए, पीपीएफ को सक्रिय मोड में रखने के लिए प्रत्येक वित्तीय वर्ष चक्र के 31 मार्च तक पीपीएफ खाते में 500 रुपए जमा करने की सलाह दी जाती है।

अगर कोई पीपीएफ खाता वर्षों से निष्क्रिय पड़ा हुआ है तो प्रत्येक भुगतान न करने वाले वर्ष के लिए 500 रुपए प्रति वर्ष और 50 रुपए जुर्माना के साथ जमा करने की आवश्यकता है। इसका मतलब है कि अगर कोई खाता तीन साल से निष्क्रिय है, तो 1650 रुपए यानी 1500 रुपए (500x3) जमा और 150 रुपए (50x3) का जुर्माना जमा करना होगा।

पीपीएफ एक चक्रवृद्धि प्रभाव के माध्यम से धन सृजन का डबल बेनिफिट प्रदान करता है और आय पर टैक्स राहत प्रदान करता है। एक व्यक्ति पीपीएफ खाते में प्रति वर्ष 1.5 लाख रुपए तक निवेश कर सकता है। पीपीएफ 'छूट, छूट, छूट' या ईईई कैटेगरी के अंतर्गत आता है जिसका अर्थ है कि निवेश राशि, ब्याज पर अर्जित ब्याज और मैच्योरिटी राशि सभी टैक्स-फ्री हैं।

पीपीएफ बचत योजना में 15 साल की मैच्योरिटी होती है लेकिन निवेशक कुछ शर्तों के आधार पर खाता खोलने के 5 साल बाद पैसा निकाल सकते हैं। हालांकि, किसी भी जमा या निकासी को केवल सक्रिय पीपीएफ खाता ही हो सकता है। अगर आपका पीपीएफ खाता निष्क्रिय हो गया है, तो इसे पुनर्जीवित किया जा सकता है।

कोई जमाकर्ता 15 साल की मैच्योरिटी अवधि के बाद पैसे निकाल सकता है या इसे और 5 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है, ऐसा न करने पर पीपीएफ 'बिना योगदान के विस्तार' के दायरे में आता है।
 

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