कोरोना संकट : अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर रोक  31 अगस्त तक बढ़ी

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भाषा
Updated Aug 01, 2020 | 00:10 IST

DGCA: नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने एक बयान में कहा कि सरकार ने भारत से आने-जाने वाली अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक यात्री सेवाओं पर लगी रोक को 31 अगस्त तक विस्तारित करने का फैसला किया है।

international commercial passenger flights will remain suspended till August 31: DGCA
अंतरराष्ट्रीय विमानों के परिचालन पर 31 अगस्त तक लगी रोक।  |  तस्वीर साभार: PTI

नई दिल्ली : विमानन क्षेत्र के नियामक डीजीसीए ने शुक्रवार को कहा कि देश में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की आवाजाही पर रोक 31 अगस्त तक बढ़ा दी गयी है ।
अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक सेवाएं 31 जुलाई तक रोक दी गयी थी। कोविड-19 महामारी के चलते मार्च के अंत में ये सेवाएं स्थगित कर दी गयी । हालांकि, मालवाहक उड़ानों और डीजीसीए द्वारा मंजूर उड़ानों को परिचालन की अनुमति दी गयी थी।

मालवाहक उड़ानों पर रोक नहीं
नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने एक बयान में कहा कि सरकार ने भारत से आने-जाने वाली अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक यात्री सेवाओं पर लगी रोक को 31 अगस्त तक विस्तारित करने का फैसला किया है। अंतरराष्ट्रीय मालवाहक उड़ानों और डीजीसीए द्वारा मंजूर उड़ानों के परिचालन पर यह पाबंदी लागू नहीं होगी।

डीजीसीए ने बताया फंसे हुए लोगों को वापस लाया गया
बयान के मुताबिक, सेवा स्थगित रहने के दौरान फंसे हुए लोगों को लाने-ले जाने के लिए भारत से अंतरराष्ट्रीय परिचालन के लिए 2500 से ज्यादा उड़ानों को मंजूरी दी गयी।‘वंदे भारत मिशन’ के तहत छह मई से 30 जुलाई तक एअर इडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस ने फंसे हुए 2,67,436 लोगों को पहुंचाया तथा अन्य निजी उड़ानों ने फंसे हुए 4,86,811 लोगों को पहुंचाया।

बयान में कहा गया कि महामारी के बीच क्रमिक तरीके से यात्री विमानों को अनुमति देने की कवायद के तहत अमेरिका, फ्रांस और जर्मनी से ‘ट्रांसपोर्ट बबल’ समझौते भी किए गए। बयान के मुताबिक, ‘हाल में कुवैत के साथ भी ‘ट्रांसपोर्ट बबल’ समझौता किया गया । आगे इसी तरह के समझौते अन्य देशों के साथ भी किए जाने की संभावना है। ’
 

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