सिर्फ भारत नहीं, अमेरिका में भी लोगों को डरा रही महंगाई, तोड़ा चार दशक का रिकॉर्ड

बिजनेस
डिंपल अलावाधी
Updated Jan 13, 2022 | 10:28 IST

US Inflation: सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि अमेरिका भी महंगाई के दौर से गुजर रहा है। यूएस में मुद्रास्फीति पिछले महीने करीब 40 सालों की अपनी सबसे तेज गति से बढ़ी है।

US Inflation: America inflation increased
सिर्फ भारत नहीं, अमेरिका में भी लोगों को डरा रही महंगाई, तोड़ा चार दशक का रिकॉर्ड (Pic: iStock) 
मुख्य बातें
  • एक साल पहले की तुलना में महंगाई में 7 फीसदी की वृद्धि हुई।
  • कारों, गैस, भोजन और फर्नीचर की कीमतों में तेजी से वृद्धि हुई।
  • इस्तेमाल की गई कार की कीमतें 37 फीसदी से ज्यादा बढ़ी हैं।

US Inflation: सिर्फ भारत ही नहीं, अमेरिका में भी लोग महंगाई से परेशान हैं। अमेरिका में महंगाई ने चार दशक का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। अमेरिका में उपभोक्ता मूल्य महंगाई सूचकांक (US consumer price inflation index) में पिछले महीने सात फीसदी की सालाना दर से वृद्धि हुई। यह जून 1982 के बाद सबसे अधिक है। इससे घरेलू खर्च में बढ़ोतरी हुई है।

इन उत्पादों की बढ़ी कीमत
महामारी के कारण आई मंदी से तेजी से उबरने के दौरान कारों, गैस, भोजन और फर्नीचर की कीमतों में तेजी से वृद्धि हुई है। श्रम विभाग ने बताया कि अस्थिर खाद्य और गैस की कीमतों को छोड़कर, मूल कीमतों में नवंबर से दिसंबर तक 0.6 फीसदी की वृद्धि हुई। साल दर साल आधार पर कोर प्राइस में दिसंबर में 5.5 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जो 1991 के बाद से सबसे तेज वृद्धि है।

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37 फीसदी से ज्यादा बढ़ी इस्तेमाल की गई कार की कीमतें
बढ़ती कीमतों से वेतन पर असर पड़ा है, जिससे परिवारों, विशेष रूप से निम्न-आय वाले परिवारों के लिए बुनियादी खर्चों को वहन करना कठिन हो गया है। पिछले एक साल में इस्तेमाल की गई कार की कीमतें 37 फीसदी से ज्यादा बढ़ गई हैं क्योंकि सेमीकंडक्टर्स की कमी के कारण नई कारों का उत्पादन काफी प्रभावित हुआ।

ओमिक्रोन वैरिएंट और खराब मौसम जैसी नई समस्याओं ने आपूर्ति-श्रृंखला की समस्याओं को बढ़ा दिया है। इससे हाल के सप्ताहों में अमेरिकी किराना स्टोरों पर कमी हुई है और कीमतों में वृद्धि हुई है। महंगाई में वृद्धि से बिडेन प्रशासन सार्वजनिक असंतोष का सामना कर रहा है। राष्ट्रपति ने कहा है कि पोर्ट, सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे में उनके प्रशासन के निवेश से आपूर्ति श्रृंखलाओं को ढीला करने में मदद मिलेगी।

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