अंतरिक्ष की गतिविधियों में भागीदार होगा प्राइवेट सेक्टर, निजी कंपनियों को मिलेगा ISRO की सुविधाओं का लाभ

Private participation in Space activities: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया है कि अंतरिक्ष के क्षेत्र में अब प्राइवेट कंपनियों को मौका दिया जाएगा।

Nirmala Sitharaman
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण  |  तस्वीर साभार: ANI

नई दिल्ली: मोदी सरकार द्वारा घोषित 20 लाख करोड़ के पैकेज पर विस्तृत जानकारियां देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार चौथे दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस की। आज वित्त मंत्री ने कोयला, खनिज, रक्षा उत्पादन, हवाई क्षेत्र प्रबंधन, MROs बिजली वितरण कंपनियां, अंतरिक्ष क्षेत्र, परमाणु ऊर्जा पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने कहा कि इंडियन एयर स्पेस के उपयोग पर प्रतिबंध को कम किया जाएगा ताकि नागरिक उड़ान अधिक कुशल हो। भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की यात्रा में प्राइवेट सेक्टर भागीदार बन सकेगा। सैटेलाइट, प्रक्षेपणों और अंतरिक्ष आधारित गतिविधियों में निजी कंपनियों को प्रोत्साहन दिया जाएगा।

सीतारमण ने कहा, 'निजी क्षेत्र को उनकी क्षमता में सुधार करने के लिए इसरो की सुविधाएं और अन्य प्रासंगिक संपत्तियों का उपयोग करने की अनुमति दी जाएगी। निजी क्षेत्र के लिए ग्रहों की खोज- रिसर्च, बाहरी अंतरिक्ष यात्रा आदि के लिए भविष्य की परियोजनाओं में मदद की जाएगी।' 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोनो वायरस महामारी के मद्देनजर लागू राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन से प्रभावित अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों को राहत देने के लिये सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के लगभग 10 प्रतिशत यानी 20 लाख करोड़ रुपए के प्रोत्साहन पैकेज की इस सप्ताह की शुरुआत में घोषणा की। इसमें 27 मार्च को तीन महीने के लिये गरीबों को मुफ्त खाद्यान्न और नकदी के जरिये 1.7 लाख करोड़ रुपए के पैकेज की घोषणा और रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति के माध्यम से 5.6 लाख करोड़ रुपए के किये गये उपाय भी शामिल हैं।

पिछले तीन दिनों में तीन किस्तों में सरकार ने 10.73 लाख करोड़ रुपए के पैकेज की घोषणा की है। घोषित किए गए उपायों में छोटे व्यवसायों, रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं, किसानों और गरीब प्रवासियों के साथ-साथ गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी), सूक्ष्त वित्त संस्थानों (एमएफआई) और बिजली वितरकों के लिये राहतें दी गई हैं। 

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