1 जुलाई से लागू होगा क्रिप्टो का नया नियम, सरकार ने जारी की नोटिफिकेशन

बिजनेस
डिंपल अलावाधी
Updated Jun 23, 2022 | 12:20 IST

Tax on Cryptocurrency: टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स यानी स्त्रोत पर की गई टैक्स कटौती (टीडीएस) इनकम टैक्स का एक हिस्सा होता है, जो अब वर्चुअल डिजिटल एसेट्स पर लागू होगा।

Income Tax Department notified disclosure norms for Tax Deducted at Source for VDA
Cryptocurrency पर TDS को लेकर सरकार ने जारी की नोटिफिकेशन (Pic: iStock) 
मुख्य बातें
  • 1 फरवरी 2022 को पेश बजट 2022-23 में क्रिप्टोकरंसी पर टीडीएस लगाने का फैसला लिया गया था।
  • अगले महीने से सभी वर्चुअल एसेट्स पर 1 फीसदी टीडीएस लगाया जाएगा।
  • इससे ट्रेडिंग वॉल्यूम में गिरावट की संभावना है।

नई दिल्ली। आयकर विभाग (Income Tax Department) ने वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (VDA) के लिए स्रोत पर कर कटौती से संबंधित एक नोटिफिकेशन जारी की है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने वीडीए के लिए टीडीएस के डिस्क्लोजर मानदंडों को अधिसूचित किया है। 1 जुलाई 2022 यानी अगले महीने से ही IT अधिनियम की नई धारा 194S के तहत क्रिप्टो संपत्ति पर एक साल में 10,000 रुपये से ज्यादा के किसी भी लेनदेन पर 1 फीसदी का टीडीएस लगाया जाएगा।

आईटी विभाग के केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने फॉर्म 26QE और फॉर्म 16E में टीडीएस रिटर्न दाखिल करने से संबंधित नियमों में बदलाव की सूचना दी। CBDT ने स्पष्ट किया कि धारा 194S के तहत एकत्र किए गए टीडीएस (TDS) को कटौती किए जाने वाले महीने के 30 दिनों के भीतर जमा किया जाएगा। यह चालान- कम- स्टेटमेंट फॉर्म 26QE में दिखाई देगा।

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ये है नियम
इस संदर्भ में नांगिया एंडरसन एलएलपी पार्टनर नीरज अग्रवाल ने पीटीआई को बताया कि फॉर्म 26क्यूई प्रस्तुत करने के लिए, टैक्सपेयर्स को वीडीए (Virtual Digital Assets) के ट्रांसफर की तारीख, कंसिड्रेशन का मूल्य, मोड ऑफ कंसिड्रेशन, आदि का उल्लेख करना आवश्यक होगा।

उन्होंने कहा कि धारा 194एस के तहत फॉर्म में विस्तृत ड्स्क्लोजर की आवश्यकता होगी और टैक्सपेयर्स को सही दस्तावेज और नियमों के अनुपालन के लिए आवश्यक जानकारी से लैस होना चाहिए।

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वहीं एकेएम ग्लोबल टैक्स पार्टनर अमित माहेश्वरी ने पीटीआई को बताया कि, '26QE जैसे नए फॉर्म में VDA के ट्रांसफर पर पेमेंट के लिए पूरी डिटेल की जरूरत होगी, जैसे कि VDA के ट्रांसफर की तारीख, कैश या किसी अन्य वर्चुअल डिजिटल एसेट के बदले में जमा की गई राशि, आदि। इससे कर विभाग को वर्चुअल डिजिटल एसेट के लेनदेन को पता लगाने में मदद मिलेगी।'

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