Home Loan Tips : होम लोन डाउन पेमेंट का इंतजाम कैसे करें? जानें डिटेल 

Home Loan Tips : लोन कंपनियां आम तौर पर आपके सेल अग्रीमेंट वैल्यू का 80% तक फाइनेंस करती हैं। बाकी अमाउंट यानी डाउन पेमेंट का इंतजाम आपको खुद करना पड़ता है।

How to arrange home loan down payment, know details
घर खरीदते समय कुछ एक्स्ट्रा खर्च भी करने पड़ते हैं 

अधिकांश लोगों के लिए एक घर खरीदना बहुत बड़ी बात होती है। इसे खरीदने के लिए एक बड़ी रकम लगती है, इसलिए इसे एक बहुत बड़ा फाइनेंसियल डिसीजन और एक बहुत बड़ा फाइनेंसियल अचीवमेंट माना जाता है। प्रॉपर्टी की ज्यादा कीमत इसकी वजह है। होम लोन इसे खरीदने में आपकी मदद करता है। लेकिन, कोई भी होम लोन, आपकी प्रॉपर्टी का 100% अमाउंट फाइनेंस नहीं कर सकता है। होम लोन डाउन पेमेंट के लिए आपके हाथ में पहले से कुछ पैसे होने चाहिए। लोन कंपनियां आम तौर पर आपके सेल अग्रीमेंट वैल्यू का 80% तक फाइनेंस करती हैं। अग्रीमेंट वैल्यू बहुत कम होने पर, कुछ लोन कंपनियां, 90% तक फाइनेंस कर सकती हैं। बाकी अमाउंट यानी डाउन पेमेंट का इंतजाम आपको खुद करना पड़ता है। यह डाउन पेमेंट, लोन कंपनियों के लिए एक एश्योरेंस की तरह काम करता है कि प्रॉपर्टी में आपकी भी हिस्सेदारी है और आप अपना लोन जरूर चुकाएंगे।

घर खरीदते समय कुछ एक्स्ट्रा खर्च भी करने पड़ते हैं जिन्हें लोन द्वारा कवर नहीं किया जाता है। उदाहरण के लिए, रजिस्ट्रेशन, स्टाम्प ड्यूटी, फर्निशिंग, ब्रोकरेज, जैसे खर्च को होम लोन द्वारा कवर नहीं किया जाएगा। अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टीज के लिए, लोन-टू-वैल्यू रेशियो में GST को ध्यान में रखा जा सकता है। मान लीजिए, प्रॉपर्टी की कीमत 100 रुपए है तो सारे खर्च मिलाकर उस पर 10-20 रुपए का एक्स्ट्रा खर्च आ सकता है। इस पर आपको 80 रुपए तक लोन मिल सकता है लेकिन बाकी के 30-40 रुपए का इंतजाम आपको करना होगा। अपने अन्य सभी फाइनेंसियल कमिटमेंट्स को ध्यान में रखते हुए इतनी बड़ी रकम का इंतजाम करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है, आप निम्नलिखित तरीके से होम लोन डाउन पेमेंट अमाउंट का इंतजाम कर सकते हैं।

पैसे बचाते हुए एक फंड तैयार करें

एक घर खरीदने का फैसला करने के बाद, आपको सबसे पहले यह पता लगाना चाहिए कि उसके लिए कितने पैसे लग सकते हैं। उसके बाद डाउन पेमेंट का हिसाब निकालें और उसे जुगाड़ने का काम शुरू कर दें। डाउन पेमेंट अमाउंट को मंथली कंट्रीब्यूशन में तोड़कर हर महीने अपने इनकम से उसे निकालकर कहीं इन्वेस्ट करना शुरू कर दें। यदि घर खरीदने के लिए आपके हाथ में काफी समय है तो बेहतर रिटर्न पाने के लिए आप उसे किसी हाई-रिटर्न वाले इन्वेस्टमेंट ऑप्शन में इन्वेस्ट कर सकते हैं। यदि ज्यादा समय नहीं है तो उसे किसी बैंक रेकरिंग डिपोजिट में इन्वेस्ट करना बेहतर होगा। सेविंग करते समय इन बातों का ख्याल रखना जरूरी है। इसके अलावा, जल्द-से-जल्द जैसे अपने करिअर के शुरुआत में ही अपने होम लोन के डाउन पेमेंट के लिए सेविंग शुरू कर देनी चाहिए।

दोस्तों और परिवार के लोगों से मदद लें

ऐसा भी हो सकता है कि घर खरीदते समय आपकी सेविंग्स कम पड़ सकती है जिसका इंतजाम करने के लिए आप एक सॉफ्ट लोन ले सकते हैं। आप एक तय इंटरेस्ट रेट और रीपेमेंट शर्तों पर अपने दोस्तों, परिवार, और भाई-बहनों से डाउन पेमेंट के लिए बाकी पैसे उधार ले सकते हैं। लेकिन याद रखें, इनसे उधार लेना दोधारी तलवार की तरह होता है क्योंकि इससे पैसे की समस्या तो हल हो जाती है लेकिन समय पर उधार न चुका पाने पर रिश्ता ख़राब भी हो सकता है। इसलिए, उधार लेने से पहले उसे चुकाने की प्लानिंग कर लें।

घर खरीदने की लागत को कंट्रोल में रखें

अंतिम समय में घर खरीदने की लागत अक्सर आपकी क्षमता के बाहर चली जाती है। इसलिए, इसकी लागत को कंट्रोल में रखें जिससे काफी पैसे बच सकते हैं। उदाहरण के लिए, एक अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी के बजाय एक रेडी-टू-मूव प्रॉपर्टी खरीदने से आपका GST खर्च बचेगा। इसके अलावा, एक महिला (अपनी पत्नी या मां) के साथ मिलकर प्रॉपर्टी खरीदने पर रजिस्ट्रेशन चार्ज कम लगता है और कम इंटरेस्ट रेट पर होम लोन मिल सकता है। एक ही बार में अपने घर को सजाने के बजाय चरणबद्ध तरीके से सजाने पर काफी मदद मिलती है। वही घर खरीदने की कोशिश करें जो आपकी बजट में फिट बैठता हो।

डाउन पेमेंट का अमाउंट सेट करने से पहले याद रखें कि ज्यादा डाउन पेमेंट करने पर लोन का बोझ और उसका इंटरेस्ट कम होगा जबकि कम डाउन पेमेंट करने पर लोन का बोझ और उसका इंटरेस्ट ज्यादा होगा। दूसरी तरफ, ज्यादा डाउन पेमेंट करने पर आपके पास कम पैसे बचेंगे और लोन रीपेमेंट पर कम टैक्स बेनिफिट मिलेगा। इसलिए, इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए, अच्छी तरह सोच समझकर ही कोई फैसला लें।

इस लेख के लेखक, BankBazaar.com के CEO आदिल शेट्टी हैं)
(डिस्क्लेमर: यह जानकारी एक्सपर्ट की रिपोर्ट के आधार पर दी जा रही है। बाजार जोखिमों के अधीन होते हैं, इसलिए निवेश के पहले अपने स्तर पर सलाह लें।) ( ये लेख सिर्फ जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसको निवेश से जुड़ी, वित्तीय या दूसरी सलाह न माना जाए)

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