Investment tips : मार्केट-लिंक्ड इंस्ट्रुमेंट्स में निवेश करने जा रहे हैं? पहले जान लें ये 5 महत्वपूर्ण बातें

मार्केट-लिंक्ड इंस्ट्रुमेंट में निवेश करने से पहले इन महत्वपूर्ण बातों की जानकारी भी होनी चाहिए। उच्च रिटर्न तो मिलता है लेकिन इसमें जोखिम भी है। 

Five important things to understand before investing in market-linked instruments
निवेश टिप्स 

मार्केट-लिंक्ड निवेश इंस्ट्रुमेंट्स किसी निवेशक के वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करने में, अधिक पैसा जमा करने में और लंबे समय में इंफ्लेशन को हराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आयु, जोखिम उठाने की क्षमता, रिटर्न की उम्मीदें और लक्ष्यों से जुड़ी ज़रूरतों पर निर्भर करते हुए, व्यक्ति को पोर्टफोलियो के पर्याप्त हिस्से को समझदारी से मार्केट-लिंक्ड इंस्ट्रुमेंट्स में आंबटित करना चाहिए। उदाहरण के लिए, यदि आप ऐसे युवा निवेशक हैं जो अधिक जोखिम उठा सकते हैं, आपकी सीमित देयताएं हैं और आप अपने भविष्य के लिए विशाल कॉर्पस का सृजन करना चाहते हैं, तो आप मार्केट-लिंक्ड निवेश को नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं।

अब, अंडरलाईंग एस्सेट क्लास पर निर्भर करते हुए, कोई मार्केट-लिंक्ड निवेश-डेट, ईक्विटी, या हाईब्रिड (अर्थात डेट और ईक्विटी का मिश्रण) प्रोडक्ट हो सकता है। लेकिन, मार्केट-लिंक्ड निवेश के जरिए उच्च रिटर्न कमाने के लिए, एक अन्य महत्वपूर्ण तथ्य को आप नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं कि उनके साथ गैर-लिंक्ड इंस्ट्रुमेंट्स जैसे अधिकांश मामलों में सावधि आय इंस्ट्रुमेंट्स की तुलना में जोखिम भी अधिक जुड़ा रहता है। इसलिए, आपको मार्केट-लिंक्ड इंस्ट्रुमेंट में निवेश करने से पहले इन महत्वपूर्ण बातों की जानकारी भी होनी चाहिए।

किस प्रकार के मार्केट-लिंक्ड इंस्ट्रुमेंट्स उपलब्ध हैं?

मार्केट में उपलब्ध कुछ जाने पहचाने मार्केट-लिंक्ड इंस्ट्रुमेंट्स में म्यूचल फंड्स, यूनिट-लिंक्ड प्लान (यूलिप), डायरेक्ट ईक्विटीज़ तथा राष्ट्रीय पेंशन स्कीम (एनपीएस) शामिल हैं। ये मार्केट मार्केट-लिंक्ड इंस्ट्रुमेंट्स उच्च रिटर्न दे सकते हैं, लेकिन सावधि आय प्रोडक्ट की तुलना में इनके साथ जोखिम भी अधिक जुड़ा रहता है। यदि आप जोखिम को पसंद न करने वाले निवेशक हैं, तो आपको केवल मार्केट-लिंक्ड इंस्ट्रुमेंट्स में निवेश करने से बचना चाहिए।

मार्केट-लिंक्ड इंस्ट्रुमेंट्स में किसे निवेश करना चाहिए?

यदि आप युवा हैं, आपकी सीमित देयताएं हैं, और उच्च रिटर्न पाने के लिए आप अधिक जोखिम उठाने के लिए तैयार हैं, तो आपके लिए मार्केट-लिंक्ड इंस्ट्रुमेंट बहुत ही आकर्षक निवेश विकल्प हो सकता है। यह कहने के बाद, बड़ी उम्र के निवेशक, जिनकी सीमित देयताएं हैं और जिन्होंने स्वस्थ फाईनेंस सुरक्षा उपाय जैसे पर्याप्त बीमा सुरक्षा आदि प्राप्त किए हुए हैं, वे भी मार्केट-लिंक्ड प्रोडक्ट्स में अपने फंड्स के छोटे हिस्से का समझदारी से निवेश करने पर विचार कर सकते हैं। कहने का उद्देश्य यह है कि मार्केट-लिंक्ड इंस्ट्रुमेंट्स इंफ्लेशन की तुलना में अधिक रिटर्न दे सकते हैं और उनसे उच्च रियल रेट ऑफ रिटर्न (यानि लागू कर, निवेश चार्ज आदि को कम करके नॉमिनल रिटर्न) प्राप्त किया जा सकता है। लेकिन, यदि आप अल्प अवधि में किसी महत्वपूर्ण लक्ष्य को प्राप्त करना चाहते हैं, तो संभवत: आप मार्केट-लिंक्ड इंस्ट्रुमेंट्स में निवेश करना नहीं चाहेंगे। आमतौर पर दीर्घकालिक लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए मार्केट-लिंक्ड इंस्ट्रुमेंट में निवेश करना सुरक्षित रहता है। साथ ही, कुछ डेट- ओरिऐंटेड मार्केट-लिंक्ड निवेश, ईक्विटी-ओरिऐन्टेड मार्केट-लिंक्ड निवेश की तुलना में कम जोखिम भरे होते हैं।

जोखिम को कम कैसे करें?

आप ऑप्टिमल डायवर्सिफिकेशन तथा सिस्टेमिक निवेश योजना (एसआईपी/SIP) विधि द्वारा मार्केट-लिंक्ड प्रोडक्ट्स में निवेश करके जोखिम को कम कर सकते हैं। एक ही मार्केट-लिंक्ड इंस्ट्रुमेंट में संपूर्ण पूंजी का निवेश करने की बजाए, आपको भिन्न-भिन्न एस्सेट क्लासेज़ वाले अलग-अलग प्रकार के इंस्ट्रुमेंट्स में निवेश को डायवर्सिफाई करना चाहिए। उदाहरण के लिए, आप ईक्विटी म्यूचल फंड्स, डेट फंड्स आदि में निवेश कर सकते हैं। आप ईक्विटी और डेट श्रेणियों के अंतर्गत भिन्न-भिन्न कंपनियों द्वारा ऑफर की जाने वाली अलग-अलग प्रकार की स्कीमों में डायवर्सिफिकेशन कर सकते हैं। डायवर्सिफिकेशन से मार्केट जोखिम को कम करने और पोर्टफोलियो पर उतार-चढ़ाव के प्रभाव को कम से कम करने में सहायता मिलती है। सिस्टेमिक निवेश एप्रोच जैसे एसआईपी (SIP) के ज़रिए मार्केट-लिंक्ड इंस्ट्रुमेंट्स में निवेश करने से उतार-चढ़ाव जोखिम को कम करने में सहायता मिलती है और निवेशक को दीर्घकाल में रूपये की लागत की एवरेजिंग करने का लाभ भी प्राप्त होता है। आपके वित्तीय लक्ष्य के अनुसार, और जोखिम उठाने की क्षमता के अनुसार इंस्ट्रुमेंटस के सही कम्बीनेशन को चुनने से जोखिम के स्तर में और भी अधिक कमी संभव हो सकती है।

क्या आपको अल्पकाल या दीर्घकाल के लिए निवेश करना चाहिए?

क्योंकि मार्केट-लिंक्ड इंस्ट्रुमेंट्स, मार्केट जोखिमों से अधिक जुड़े रहते हैं, इसलिए दीर्घकाल के लिए निवेश करने से जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। लेकिन, अधिकांश अन्य मार्केट-लिंक्ड इंस्ट्रुमेंट्स की तुलना में लिक्विड फंड के साथ तुलनात्मक रूप से कम जोखिम जुड़ा रहता है। इनसे आपको अल्पकालिक निवेश इंस्ट्रुमेंट के रूप में अधिक फ्लेक्सिबिलिटी और मध्यम से उच्च रिटर्न मिल सकते हैं। यदि आप उच्च रिटर्न की इच्छा रखते हैं और आपकी लिक्विडिटी बाधाएं नहीं हैं, तो जब आप मार्केट-लिंक्ड इंस्ट्रुमेंट में निवेश करते हैं तो आपको लंबी अवधि को पसंद करना चाहिए।

आपको कितना निवेश करना चाहिए?

निवेश आवंटन आपके वित्तीय लक्ष्यों और आपकी लिक्विडिटी ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए ही किया जाना चाहिए। अल्पकालिक निवेश की तुलना में दीर्घकाल में मार्केट-लिंक्ड निवेश से आकर्षक रिटर्न प्रदान करने की बेहतर संभावना होती है। ऐसे लोग जो अपने पूरे पैसे को मार्केट-लिंक्ड इंस्ट्रुमेंट में निवेश कर देते हैं, उनको हानि उठानी पड़ सकती है, यदि वे लिक्विडिटी की कमी के कारण अल्प अवधि में निवेश से बाहर निकलते हैं। इसलिए, यह कहना उचित होगा कि आपके लिए अपनी बचतों के उस हिस्से को मार्केट-लिंक्ड इंस्ट्रुमेंट में निवेश करना बेहतर होगा जिसकी आपको अल्प काल में ज़रूरत नहीं होगी। यह कहने के बाद, जब आप युवा हैं, तो मार्केट-लिंक्ड इंस्ट्रुमेंट्स में आवंटन अधिक होना चाहिए, और जैसे-जैसे आपकी आयु बढ़ती है, तो इसे धीरे-धीरे कम किया जाना चाहिए।

(इस लेख के लेखक, BankBazaar.com के CEO आदिल शेट्टी हैं)
(डिस्क्लेमर: यह जानकारी एक्सपर्ट की रिपोर्ट के आधार पर दी जा रही है। बाजार जोखिमों के अधीन होते हैं, इसलिए निवेश के पहले अपने स्तर पर सलाह लें।) ( ये लेख सिर्फ जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसको निवेश से जुड़ी, वित्तीय या दूसरी सलाह न माना जाए)

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