खुशखबरी: सरकार ने लिया बड़ा फैसला, अब 1 हफ्ते में 10 रुपये सस्ता हो जाएगा खाने का तेल

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 7, 2022, 11:11 AM IST

Edible Oil Price: जनता को जल्द ही महंगाई से थोड़ी राहत मिल सकती है। खाद्य सचिव सुधांशु पांडेय ने निर्माताओं से पूरे देश में एक ब्रांड के खाना पकाने के तेल के लिए एक ही एमआरपी रखने को कहा है।

खुशखबरी: सरकार ने लिया बड़ा फैसला, अब 1 हफ्ते में 10 रुपये सस्ता हो जाएगा खाने का तेल

नई दिल्ली। सरकार लगातार महंगाई (Inflation) कम करने की कोशिश कर रही है। देश में ना सिर्फ पेट्रोल और डीजल की उच्च कीमत से जनता परेशान है, बल्कि खाने के तेल (Edible Oil) ने भी आम लोगों की परेशानी बढ़ाई है। लेकिन अब केंद्र सरकार ने जनता को बड़ी खुशखबरी दी है। जल्द ही आपको खाने के तेल की उच्च कीमतों से छुटकारा मिल जाएगा। दरअसल ग्लोबल स्तर पर खाने के तेल की कीमत (Edible Oil Price) में भारी गिरावट आई है। इस बीच भारत सरकार ने खाद्य तेल कंपनियों को आयात किए जाने वाले खाद्य तेल के अधिकतम खुदरा मूल्य यानी MRP में कमी करने का निर्देश दिया है।

कितना सस्ता होगा तेल का दाम
जी हां, आपको एक हफ्ते के अंदर ही खुशखबरी मिल जाएगी क्योंकि सरकार की ओर से एक सप्ताह के अंदर ही 10 रुपये प्रति लीटर तक की कटौती करने का निर्देश दिया गया है। सरकार ने कंपनियों से कहा है कि एक ब्रांड के तेल के दाम पूरे देश में एक ही होने चाहिए। उल्लेखनीय है कि भारत अपनी खाने के तेल की जरूरत का 60 फीसदी से भी ज्यादा इंपोर्ट करता है। इसलिए ग्लोबल बाजार के अनुरूप पिछले कुछ महीनों में रिटेल कीमतों में दबाव आया है। पिछले महीने ही खाद्य तेल निर्माताओं ने कीमत में 10 रुपये से 15 रुपये प्रति लीटर तक की कमी की थी।

जनता को महंगाई से राहत देने के उद्देश्य से खाद्य सचिव सुधांशु पांडेय ने सभी खाद्य तेल संघों और प्रमुख निर्माताओं की एक बैठक बुलाई थी। इसमें एमआरपी को कम करके ग्राहकों को गिरती वैश्विक कीमतों का लाभ देने की बात कही गई थी।

उन्होंने बताया कि प्रमुख खाद्य तेल निर्माताओं ने अगले हफ्ते तक इंपोर्ट किए जाने वाले सभी खाने के तेल, जैसे पाम ऑयल, सोयाबीन ऑयल और सूरजमुखी तेल पर एमआरपी को 10 रुपये प्रति लीटर तक की कटौती करने का वादा किया है। पांडेय ने बैठक के बाद पीटीआई को कहा कि एक बार जब इन खाद्य तेलों की कीमत कम हो जाएगी, तो अन्य तेलों के दाम भी नीचे आ जाएंगे।

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