ATM पर मिलते हैं आपको ये अधिकार, 100 रुपये प्रतिदिन का ले सकते हैं हर्जाना

बिजनेस
प्रशांत श्रीवास्तव
Updated Aug 12, 2021 | 15:42 IST

अगर किसी बैंक के एटीएम में एक महीने के अंदर 10 घंटे से ज्यादा समय कैश नहीं रहा तो बैंक को प्रति एटीएम 10 हजार रुपये तक पेनॉल्टी देनी होगी।

Uses of ATM
एटीएम मशीन 
मुख्य बातें
  • ATM से गलती से पैसा कटा तो 100 रुपये प्रतिदिन के आधार पर मिलेगा हर्जाना
  • अगर बैंक सुनवाई नहीं करता है तो यूजर 30 दिन के बाद बैंकिंग लोकपाल में भी शिकायत कर सकता है।
  • रूपे कॉर्ड धारकों को मुफ्त में डेबिट और क्रेडिट कार्ड पर 2 लाख रुपये तक का मुफ्त इंश्योरेंस मिलता है। इसके अलावा दूसरे बैंक भी कार्ड की कैटेगरी के आधार पर इश्योरेंस कवर का ऑफर देते हैं।

नई दिल्ली:  भारतीय रिजर्व बैंक ने एटीएम में कैश की किल्लत को देखते हुए बड़ा ऐलान किया है। अब एक समय सीमा के बाद कैश नहीं होने पर बैंकों को पेनॉल्टी देनी पड़ेगी। यह पेनल्टी 10 हजार रुपये प्रति एटीएम तक देनी होगी। नई व्यवस्था एक अक्टूबर 2021 से लागू होगी। जाहिर है आरबीआई के नए फरमान से ग्राहकों को बड़ी राहत मिलने वाली है। क्योंकि बैंकों को इस बात का डर रहेगा कि अगर कैश की किल्लत हुई तो उन्हें पेनॉल्टी देनी पड़ेगी। 

आरबीआई ने क्या कहा

आरबीआई के नए दिशा निर्देशों के अनुसार अक्टूबर से बैंकों को यह जानकारी देनी होगी कि महीने भर में उनके एटीएम कितने समय तक बिना कैश के रहे। इसके तहत अगर किसी बैंक के एटीएम में एक महीने के अंदर 10 घंटे से ज्यादा समय कैश नहीं रहेगा। तो उसे पेनॉल्टी देनी होगी। पहली रिपोर्ट बैंकों को 5 नवंबर तक आरबीआई को देनी होगी। जाहिर इस व्यवस्था के बाद आप भी आरबीआई को इस संबंध में जानकारी दे सकेंगे। 

गलती से पैसा कटा तो 100 रुपये प्रतिदिन के आधार पर मिलेगा हर्जाना

इसी तरह आरबीआई ने ग्राहकों को यह अधिकार दिया है कि अगर एटीएम इस्तेमाल के समय गलती से किसी यूजर का पैसा कट जाय, तो वह बैंक से हर्जाना वसूल सकता है। इसके तहत अगर कार्ड जारी करने वाला बैंक 5 दिन के अंदर पैसा वापस नहीं करता है। तो ग्राहक को उसके बाद प्रतिदिन 100 रुपये के हिसाब से जुर्माना मिलेगा। इसके लिए यूजर को कहीं आवेदन करने की जरूरत नहीं है।

अगर बैंक नहीं दे हर्जाना तो क्या करें

लेकिन अगर यूजर को  कार्ड इश्यू करने वाले बैंक ने हर्जाना नहीं दिया तो वह बैंक को शिकायत कर सकता है। बैंक को उसकी शिकायत दूर करनी होगी और नियम के अनुसार हर्जाना देगा। अगर यहां पर भी बैंक सुनवाई नहीं करता है तो यूजर 30 दिन के बाद बैंकिंग लोकपाल में भी शिकायत कर सकता है। जहां पर उसकी शिकायत का निपटारा किया जाएगा। बैंकिंग लोक पाल के खिलाफ शिकायत नीचे दिए गए लिंक के जरिए की जा सकती है।

 https://rbi.org.in/Scripts/AboutUsDisplay.aspx?pg=BankingOmbudsmen.htm or make an online complaint 

5 और 3 का फॉर्मुला रखें याद

एक अगस्त से एटीएम लेन-देन के नियमों में भी बदलाव किया गया है। ऐसे में आपको यह जानना चाहिए कि आप एटीएम से एक महीने के दौरान कितना विद्ड्रॉल मुफ्त में कर सकते हैं। मसलन अगर आप अपने ही बैंक के एटीएम का इस्तेमाल करते हैं।  तो उससे 5 ट्रांजैक्शन मुफ्त किया जा सकता है। लेकिन अगर आप दूसरे बैंक का एटीएम इस्तेमाल करते हैं तो मेट्रो शहरों में 3 और नॉन मेट्रो शहरों में 5 ट्रांजैक्शन मुफ्त में कर सकते हैं।

2 लाख का रूपे कॉर्ड पर मुफ्त इश्योरेंस

अगर आप रूपे कॉर्ड धारक हैं तो मुफ्त में आपको डेबिट और क्रेडिट कार्ड पर 2 लाख रुपये तक का मुफ्त इंश्योरेंस मिलता है। इसके अलावा दूसरे बैंक भी कार्ड की कैटेगरी के आधार पर इश्योरेंस कवर का ऑफर देते हैं। इसके तहत थोड़ी सी प्रीमियम राशि देकर 10 लाख रुपये तक का कवर हासिल कर सकते हैं। मौजूदा समय में ज्यादातर बैंक अपने कार्ड धारकों को मुफ्त इंश्योरेंस कवर दे रहे हैं। जो कि कार्ड धारक की मृत्यु के 90 दिन के भीतर क्लेम किया जा सकता है।

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