क्या कॉस्मेटिक आयुर्वेद प्रोडक्ट्स पर 12 नहीं 18 फीसदी लगेगा GST?

बिजनेस
डिंपल अलावाधी
Updated Sep 20, 2022 | 11:05 IST

GST on Cosmetic Ayurved Products: जबकि कॉस्मेटिक्स का इस्तेमाल किसी व्यक्ति की सुंदरता में सुधार के लिए किया जाता है, जबकि औषधीय उत्पादों का इस्तेमाल कुछ चिकित्सीय स्थिति के इलाज के लिए किया जाता है।

Cosmetic Ayurved Products: GST on Cosmetics, hair oil, conditioners, face serums, GST on medicine, GST Authority for Advance Rulings - क्या कॉस्मेटिक आयुर्वेद प्रोडक्ट्स पर 12 नहीं 18 फीसदी लेगा GST?
कॉस्मेटिक आयुर्वेद प्रोडक्ट्स पर कितना लगेगा GST? (Pic: iStock) 

नई दिल्ली। कॉस्मेटिक आयुर्वेद प्रोडक्ट्स (Cosmetic Ayurved Products) पर 12 फीसदी जीएसटी लगोगा या 18 फीसदी? जीएसटी अथॉरिटी फॉर एडवांस रूलिंग्स (AAR) की तेलंगाना पीठ ने कहा है कि कॉस्मेटिक आयुर्वेद प्रोडक्ट्स पर 18 फीसदी माल एवं सेवा कर (GST) लगाया जाएगा। निकाय ने कहा कि आयुर्वेदिक प्रोडक्ट्स जैसे हेयर ऑयल, कंडीशनर, फेस सीरम आदि आयुष (AYUSH) द्वारा जारी लाइसेंस के तहत निर्मित होते हैं।

दवाओं पर 12, कॉस्मेटिक पर 18 फीसदी GST
लेकिन इस वजह से इन्हें दवाओं के रूप में वर्गीकृत नहीं किया जा सकता है, जिनपर 12 फीसदी के कम जीएसटी लगता है। ToI की रिपोर्ट के अनुसार, कॉस्मेटिक पर 18 फीसदी जीएसटी लगता है।

GST: दूध पर कोई जीएसटी नहीं, लेकिन फ्लेवर्ड मिल्क का क्या?

एएआर हैदराबाद स्थित प्राइवेट कंपनी इंकनट लाइफस्टाइल रिटेल (IncNut Lifestyle Retail) की सुनवाई कर रहा था, जिसने कहा था कि उसके प्रोडक्ट्स 'आयुर्वेदिक दवाओं' के रूप में वर्गीकृत हैं क्योंकि उसने आयुष लाइसेंस प्राप्त किया था। इसलिए उनपर 12 फीसदी जीएसटी दर लगना चाहिए। एएआर बेंच ने उनके उत्पादों को दो कैटेगरी में वर्गीकृत किया - दवाएं और कॉस्मेटिक्स।

कॉस्मेटिक्स और दवाओं में है अंतर
इंकनट लाइफस्टाइल रिटेल के मामले में अपने फैसले की घोषणा करते हुए, तेलंगाना एएआर ने प्रोडक्ट्स के कानूनों के संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट सहित कई फैसलों की जांच की। शीर्ष अदालत के फैसलों द्वारा निर्धारित सिद्धांत यह था कि अगर किसी प्रोडक्ट् का प्राइमरी काम 'इलाज' नहीं, बल्कि 'देखबाल' है, तो यह दवा नहीं है। जो प्रोडक्ट मुख्य रूप से बीमारियों के इलाज या उपचार में इस्तेमाल किया जाता है और जिसमें उपचारात्मक तत्व होते हैं, उन्हें एक दवा के रूप में ब्रांडेड किया जाना है।

रेलवे टिकट कैंसिल कराने पर जीएसटी लगेगा या नहीं, जानें क्या है नए नियम

इंकनट लाइफस्टाइल रिटेल के जीवन रूट स्टिम्युलेटिंग हेयर ऑयल, वर्था हाइड्रेटिंग नो-फ्रिज हेयर कंडीशनर और विभिन्न फेस सीरम को कॉस्मेटिक्स के रूप में वर्गीकृत किया गया। दूसरी ओर, शास्त्र ऑयल पुलिंग ओरल केयर ऑयल जैसे अन्य प्रोडक्ट, जो दांतों और मसूड़ों को मजबूत करने के अलावा दांतों की संवेदनशीलता को कम करते हैं, और एक एंटी-डैंड्रफ सीरम, जो सेडोरहाइक डर्मेटाइटिस की चिकित्सा स्थिति को ठीक करता है, को औषधीय माना गया।

Times Now Navbharat पर पढ़ें Business News in Hindi, साथ ही ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें ।

Times Now Navbharat
Times now
ET Now
ET Now Swadesh
Mirror Now
Live TV
अगली खबर