Cooking oil price today, 06 August : मूंगफली और सीपीओ तेल कीमतों में गिरावट, जानिए ताजा भाव

बिजनेस
भाषा
Updated Aug 06, 2020 | 18:53 IST

Cooking oil rate today, 06 अगस्त 2020 : सस्ते आयातित तेलों की देश में बढ़ती मांग के आगे देशी तेल तिलहनों को बाजार में खपाना मुश्किल होता जा रहा है। जानिए आज का ताजा भाव।

Cooking oil price today, Groundnut and CPO oil prices fall, know latest rates on 06 August 2020 
खाने वाले तेल तिलहन का भाव  |  तस्वीर साभार: BCCL

मुख्य बातें

  • मूंगफली तेल तिलहन कीमतों में गिरावट दर्ज हुई
  • पाम तेल कीमतों में नरमी रही
  • सोयाबीन के अन्य तेलों की कीमतों में सुधार आया

Cooking oil/oilseed price today, 06 August 2020 : गुजरात में सहकारी संस्था नाफेड द्वारा मूंगफली की बिकवाली करने से स्थानीय तेल तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार को मूंगफली तेल तिलहन कीमतों में गिरावट दर्ज हुई। मलेशिया और इंडोनेशिया में सीपीओ एवं पामोलीन तेल का अत्यधिक स्टॉक होने एवं अगली बम्पर पैदावार होने की संभावना के कारण मांग होने के बावजूद पाम तेल कीमतों में नरमी रही। दूसरी ओर देश में ब्लेंडिंग की मांग बढ़ने से सोयाबीन डीगम के साथ साथ सोयाबीन के अन्य तेलों की कीमतों में सुधार आया।

बाजार सूत्रों ने कहा कि सस्ते आयातित तेलों की देश में बढ़ती मांग के आगे देशी तेल तिलहनों को बाजार में खपाना मुश्किल होता जा रहा है। वायदा कारोबार में भी इन तेलों के भाव लागत से काफी कम बोले जा रहे हैं तो ऐसे में किसान, देशी तेल तिलहन उद्योग परेशान हैं कि उनके माल कहां खपेंगे जहां किसानों के पास पहले से मूंगफली और सोयाबीन का काफी स्टॉक पड़ा है और आगामी फसल भी बम्पर रहने की संभावना है।

उन्होंने कहा कि सरकार को इस बात को संज्ञान में लेना चाहिये कि कुछ तेल आयातक, विदेशों में जिस भाव पर खरीद रहे हैं उसी तेल को बैंकों में अपने कारोबारी रिण खाते को चलाते रहने के लिए, बाजार में सस्ते भाव पर बेच रहे हैं (बेपरता बिकवाली कर रहे हैं) और आगे अपने रिण अदायगी के समय को आगे बढ़वाते रहते हैं। सरकार को ऐसे तत्वों पर नकेल कसनी चाहिये क्योंकि इससे विदेशी मुद्रा की हानि हो रही है, बैंकों के खराब रिण में वृद्धि हो रही है तथा तेल तिलहन उद्योग एवं किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। इन्हीं वजहों से लगभग 70 प्रतिशत खाद्य तेलों के आयात करने वाले देश में देशी तेल मिलें बंद हो रही हैं जबकि विदेशों में तेल मिलें जोर शोर से चल रही हैं।

तेल-तिलहन के गुरुवार को बंद भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपए प्रति क्विंटल)

सरसों तिलहन - 4,930- 5,000 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपए।
मूंगफली दाना - 4,605- 4,655 रुपए।
वनस्पति घी- 965 - 1,070 रुपए प्रति टिन।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 12,020 रुपए।
मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 1,805- 1,855 रुपए प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 10,200 रुपए प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 1,595 - 1,735 रुपए प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 1,705 - 1,825 रुपए प्रति टिन।
तिल मिल डिलिवरी तेल- 11,000 - 15,000 रुपए।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 9,420 रुपए।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 9,150 रुपए।
सोयाबीन तेल डीगम- 8,320 रुपए।
सीपीओ एक्स-कांडला-7,400 से 7,430 रुपए।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 8,300 रुपए।
पामोलीन आरबीडी दिल्ली- 8,900 रुपए।
पामोलीन कांडला- 8,140 रुपए (बिना जीएसटी के)।
सोयाबीन तिलहन डिलिवरी भाव 3,625- 3,650 लूज में 3,360--3,425 रुपए।
मक्का खल (सरिस्का) - 3,500 रुपए

उन्होंने कहा कि सोयाबीन डीगम के भाव पांच प्रतिशत बेपरता बैठ रहे हैं जबकि सीपीओ के भाव 200 रुपए क्विन्टल बेपरता बैठते हैं। इसी प्रकार सूरजमुखी 400 रुपए क्विन्टल और सोयाबीन डीगम 300 रुपए क्विन्टल बेपरता बैठते हैं। ऐसे बेपरता कारोबार करने वालों पर नकेल नहीं कसी गई तो बैंकों के पैसे डूबने की पूरी आशंका है।सूत्रों ने कहा कि गुजरात में सहकारी संस्था नाफेड की बिकवाली से मूंगफली के भाव में हानि दर्ज हुई।
 

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