स्कूल टीचर से अरबपति बने बायजू रवींद्रन, दुनिया के टॉप 40 युवाओं में शामिल, इनसे सीखें सफलता के टिप्स

दक्षिण भारत के रहने वाले बायूज रवींद्रन टीचर बनने के बाद ऐसा रास्ता चुना कि आज वह दुनिया के टॉप अरबपतियों में शामिल हैं। इनसे सीख कर आप भी सफल हो सकते हैं। 

byju raveendran became billionaire from school teacher, is among top 40 youth in the world, learn success tips from him
युवाओं के लिए प्रेरणा से स्रोत हैं रवींद्रन 

कुछ कर गुजरने की तमन्ना है तो आप दुनिया में सबसे सफल व्यक्ति बन सकते हैं। करोड़पति बन सकते हैं। अरबपति बन सकते हैं या अन्य क्षेत्रों में वो मुकाम हासिल कर सकते हैं। जो आपके दिल में हैं। अगर आप सोचते हैं कि यह सिर्फ दूसरों को सुनाने के लिए है तो आइए.. उस व्यक्ति से मिलिए जिन्होंने एक स्कूल टीचर के घर में पैदा लेकर आज न केवल अरबपति बन गए हैं बल्कि दुनिया के टॉप 40 प्रभावशाली लोगों में शामिल हो गए हैं। हाल ही में फॉर्च्यून पत्रिका ने ग्लोबल 40-अंडर-40  टैक्नोलॉजी लिस्ट 2020 में मुकेश अंबानी की बेटी ईशा अंबानी और बेटे आकाश अंबानी के साथ भारत से उन्हें भी शामिल किया है। उनका नाम बायजू रवींद्रन है। उनकी कुल संपत्ति 17695 करोड़ रुपए (240 डॉलर) हैं। आखिर टीचर माता-पिता की संतान बायूज रवींद्रन (byju raveendran)  ने टीचर बनने के बाद ऐसा क्या किया जो अरबपति बन गए। वाकई कोतूहल का विषय है। 

टीचिंग से करियर की शुरुआत

दक्षिण भारत के तटवर्ती गांव में जन्मे रवींद्रन के मां-पिता स्कूल टीचर थे। स्वाभाविक है उनके घर में पढ़ाई का माहौल रहा होगा। इसलिए वे इंजीनियर बन गए।  लेकिन अपनी पढ़ाई के साथ-साथ दूसरों को भी पढ़ाई में मदद करते थे। एक तरह उनका यह शौक भी था। इस तरह वे पढ़ाने भी लगे। देखते ही देखते उनकी क्लास मे इतने अधिक छात्र हो गए कि उनके पास जगह कम पड़ गई और वे स्टेडियम में पढ़ाने लगे। एक साथ हजारों छात्रों को पढ़ाना शुरू कर दिया। उनकी डिमांड बढ़ गई और वे प्रतिष्ठित शिक्षक बन गए। 

एजुकेशन ऐप बायजू से बने अरबपति 

छात्रों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रवींद्रन ने एक एजुकेशन ऐप डेवलप करने का प्लान बनाया। रवींद्रन ने 2015 में ऑनलाइन लर्निंग ऐप बायजू (Byju's) लॉन्च किया। उसके बाद उनके सब्सक्राइबर्स की संख्या तेजी से बढ़ने लगी। वर्तमान में बायजू के 64 मिलियन सब्सक्राइबर्स है। बायजू के यूजर्स काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। इस तहर उनकी आय दिन दो गुनी और रात चौगुनी बढ़ने लगी। वे सिर्फ 7 साल में अरबपति बन गए। रवींद्रन ने एक बार कहा था कि मैं देश की शिक्षा व्यवस्था के लिए इस तरह का काम करना चाहते हैं जैसा डिज्नी ने मनोरंजन के लिए किया है। 

बच्चों को सीखने के लिए एनिमेटेड वीडियो, गेम का इस्तेमाल

बायजू के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) बायजू रवींद्रन ने अपने ऐप में डिज्नी के सिंबा और अन्ना किरदार को भी शामिल किया है। रवींद्रन ने एक बार कहा था कि ऐप के जरिए बच्चे सीखना शुरू करेंगे तो उन्हें सिंबा पसंद आएगा। उन्होंने अपने ऐप में डिज्नी की तरह द लायन किंग के सिम्बा, फ्रोजन के अन्ना के माध्यम से वन क्लास के छात्रों को मैथ और अंग्रेजी पढ़ाया। उनके इस ऐप में एनिमेटेड वीडियो, गेम और स्टोरीज भी हैं। आप भी इनकी तरह करोड़पति बनना चाहते हैं तो कुछ अलग कीजिए। सफलता आपके कदम चूमेगी।

बायजू ने 3 672 करोड़ रुपए जुटाए 

हाल की में उनकी कंपनी बायजू ने सिल्वर लेक और मौजूदा निवेशकों टाइगर ग्लोबल, जनरल अटलांटिक तथ आउल वेंचर्स से नया फंड जुटाया है। हालांकि, कंपनी ने इसका ब्योरा नहीं दिया है। सूत्रों का कहना है कि बायजू ने करीब 50 करोड़ डॉलर (3,672 करोड़ रुपए) जुटाए हैं। फाइनेंसिंग के इस नए दौर के हिसाब से बायजू का मूल्यांकन 10.8 अरब डॉलर बैठता है।

रवींद्रन ने कहा- संकट के समय हम भाग्यशाली हैं

बायजू रवींद्रन ने कहा कि हम भाग्यशाली हैं कि संकट के इस दौर में सकारात्मक रुख वाले सेक्टर में हैं। इस दौरान ऑनलाइन शिक्षा तेजी से बढ़ रही है। इससे अभिभावकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों को मदद मिल रही है। बायजू की ओर से मंगलवार (08 सितंबर 2020) को जारी बयान में कहा गया है कि फाइनेंसिंग के नए दौर में सिल्वर लेक के अलावा मौजूदा निवेशकों टाइगर ग्लोबल, जनरल अटलांटिक और आउल वेंचर्स ने हिस्सा लिया।


 

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