Street Food Home Delivery : अब स्ट्रीट फूड भी कर सकेंगे ऑनलाइन ऑर्डर, सरकार ने स्विगी से मिलाया हाथ

शहर के गलियों और सड़कों किनारे मिलने वाले गोलगप्पों, चाटों समेत अन्य फूट्स का अब आप ऑनलाइन ऑर्डर कर सकेंगे।

All street food can be ordered online, government shook hands with Swiggy
अब स्ट्रीट फूड की होगी होम डिलिवरी  |  तस्वीर साभार: BCCL

नई दिल्ली: जल्द ही, आप अपने पसंदीदा स्ट्रीट फूड को ऑनलाइन फूड ऑर्डरिंग प्लेटफॉर्म के जरिए से ऑर्डर कर सकेंगे क्योंकि शहरी मामलों के मंत्रालय और एक प्रमुख ऑनलाइन फूड ऑर्डरिंग और डिलीवरी प्लेटफॉर्म ने कंपनी के ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म का यूज करके स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को एक बड़े बाजार को सक्षम करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। जल्द ही दिल्ली, अहमदाबाद, चेन्नई, इंदौर और वाराणसी जैसे शहरों में लोग  नुक्कड़ों पर मिलने वाले गोलगप्पों, खोमचों की चाटों का घर बैठे ऑनलाइन ऑर्डर कर आनंद ले सकेंगे।

इसके लिए शहरी विकास मंत्रालय ने ऑनलाइन खाना डिलिवरी करने वाली कंपनी स्विगी से हाथ मिलाया है। इन पांच शहरों में इसे पायलट परियोजना के तौर पर शुरू किया गया है, जहां 250 स्ट्रीट फूड वेंडरों को कंपनी के मंच से जोड़ा गया है। सफल रहने पर परियोजना को देश के और शहरों में लागू किया जाएगा। इस पायलट प्रोजेक्ट को अन्य शहरों में क्रमिक रूप से विस्तारित किया जाएगा। मंत्रालय ने कहा कि स्ट्रीट वेंडरों को PAN और FSSAI रजिस्ट्रेशन, टैक्नोलॉजी और पार्टनर ऐप के उपयोग के लिए ट्रेनिंग, मेनू डिजिटलीकरण और मूल्य निर्धारण, स्वच्छता और पैकेजिंग के लिए मदद की जाएगी।

मंत्रालय के अधिकारी ने बयान में बताया कि प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना के तहत उठाए गए इस कदम से खोमचे वालों को हजारों ऑनलाइन ग्राहकों तक पहुंच बनाने और अपना कारोबार बढ़ाने में मदद मिलेगी। अधिकारी ने कहा कि इसके लिए मंत्रालय नगर निगम, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं संरक्षा प्राधिकरण (FSSAI), स्विगी और जीएसटी अधिकारियों को शामिल कर समन्वय करेगा, ताकि इस पहल के लिए अनिवार्य जरूरतों को पूरा किया जा सके।

मंत्रालय के संयुक्त सचिव संजय कुमार और स्विगी के मुख्य वित्त अधिकारी राहुल बोहरा ने एक वेबिनार के माध्यम से इसके लिए सहमति ज्ञापन पत्र पर हस्ताक्षर किए। बयान के मुताबिक अहमदाबाद, चेन्नई, दिल्ली, इंदौर और वाराणसी के निगम आयुक्त भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।

50 लाख से अधिक स्ट्रीट वेंडरों को लाभान्वित करने के लक्ष्य के साथ 1 जून को पीएम स्वनिधि योजना की शुरुआत की गई थी, जो शहरी और ग्रामीण इलाकों में 24 मार्च से पहले या बाद में स्ट्रीट फूड बेच रहे थे। 4 अक्टूबर तक, सरकार को 20 लाख से अधिक लोन आवेदन प्राप्त हुए थे। इन लोन आवेदनों में से 7.5 लाख स्वीकृत किए गए हैं।
 

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