New jobs in America : अमेरिका में पैदा हुई 48 लाख नई नौकरियां, पर यह मंदी से गई नौकरियों का छोटा हिस्सा

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 3, 2020, 09:47 AM IST

New jobs in America : अमेरिका में लॉकडाउन से अमेरिका में करीब 2.2 करोड़ लोगों का रोजगार छिना गया। अब नौकरियों का सृजन शुरू हुआ है। 

New jobs in America : अमेरिका में पैदा हुई 48 लाख नई नौकरियां, पर यह मंदी से गई नौकरियों का छोटा हिस्सा

New jobs in America: अमेरिका में नियोक्ताओं ने जून में करीब 48 लाख नई नौकरियां सृजित कीं। रोजगार के मामले लगातार दूसरे महीने के बेहतर प्रदर्शन से यहां बेरोजगारी की दर घटकर 11.1 प्रतिशत पर आ गयी है। हालांकि यह कोविड-19 महामारी के दौरान आयी मंदी से गयी नौकरियों का छोटा हिस्सा ही है। महामारी के चलते हुए लॉकडाउन से अमेरिका में करीब 2.2 करोड़ लोगों का रोजगार छिना। नई नौकरियों के बदौलत अमेरिका इनमें से एक-तिहाई रोजगारों को पुन: सृजित करने में सफल रहा है।

अमेरिका के दक्षिण राज्यों (सन बेल्ट) में कोरोना वायरस से संक्रमित पुष्ट मामलों की संख्या बढ़ रही है। तथ्य दिखाते हैं कि इससे रोजगार की स्थिति में आ रहा सुधार रुक सकता है। इन राज्यों में जहां कहीं भी कुछ रेस्तराओं, बार या अन्य खुदरा दुकानों ने कारोबार दोबारा शुरू किया था, उन्हें फिर से कारोबार बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

इन कारोबार के दोबारा बंद होने से छंटनियों का दौर जारी है। बेरोजगारी भत्ते के लिए आवेदन करने वाले लोगों की संख्या पिछले हफ्ते 14.7 लाख पर आ गयी। मार्च के अंत में बेरोजगारी भत्ते के लिए आवेदन करने वाले लोगों की संख्या में अचानक से तेजी देखी गयी थी। तब से इसमें साप्ताहिक आधार पर कमी आ रही है। हालांकि, यह 1982 के उच्चस्तर से अब भी दोगुनी है। बेरोजगारी भत्ता पा रहे लोगों की संख्या अब भी 1.9 करोड़ बनी हुई है।

कैलिफोर्निया में बार, सिनेमाघर और बैठकर खाने की सुविधा देने वाले रेस्तरां फिर से बंद हुए हैं। फ्लोरिडा में भी समुद्र तट और बार का कारोबार बंद हुआ है। टेक्सास ने अपनी अर्थव्यवस्था को दोबारा खोलने की कुछ योजनाएं सुचारू रखी हैं। वहीं न्यूयॉर्क ने बैठकर खाने की सुविधा देने वाले रेस्तरां खोलने की योजना टाल दी है।

क्रेडिट और डेबिट कार्ड से किए जाने वाले खर्च पर निगरानी रखने वाली कंपनी जेपी मॉर्गन चेज की रपट दिखाती है कि ग्राहकों ने पिछले हफ्ते में अपनी खरीदारी कम की है। जबकि अप्रैल और मई में इसमें लगातार वृद्धि हुई थी।

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