Defence company: हैदराबाद की स्मॉलकैप डिफेंस कंपनी अपोलो माइक्रो सिस्टम्स ने 2 मई (शुक्रवार) को ऐलान किया कि उसकी सब्सिडियरी अपोलो डिफेंस इंडस्ट्रीज ने IDL Explosives Limited के 100 प्रतिशत इक्विटी शेयर खरीदने का एग्रीमेंट किया है। यह अधिग्रहण ₹107 करोड़ रुपये में किया गया है, जो समझौते की शर्तों के अनुसार समायोजन के अधीन है।
अपोलो माइक्रोसिस्टम।
IDL Explosives क्या करती है?
IDL Explosives लिमिटेड की स्थापना 2010 में हुई थी। यह कंपनी खनन और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में इस्तेमाल होने वाले बल्क एक्सप्लोसिव्स के निर्माण और सप्लाई में लगी हुई है।
डिफेंस सेक्टर में ताकत बढ़ाने की तैयारी
अपोलो माइक्रो सिस्टम्स ने कहा कि यह अधिग्रहण डिफेंस सेक्टर में कंपनी की निर्माण क्षमताओं को मजबूत करेगा। खासकर आर्टिलरी, मिसाइल और हाई-इंपैक्ट डिफेंस डोमेन्स की बढ़ती घरेलू मांग को पूरा करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
कंपनी का प्रदर्शन और भविष्य की रणनीति
अपोलो माइक्रो सिस्टम्स BSE स्मॉलकैप इंडेक्स में शामिल है और मुख्य रूप से एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर में काम करती है। इसके अलावा यह इंफ्रास्ट्रक्चर, रेलवे और ट्रांसपोर्टेशन सेक्टर में भी सेवाएं देती है। हाल ही में कंपनी को DRDO, एक सार्वजनिक क्षेत्र की इकाई और एक निजी कंपनी से कुल ₹7.52 करोड़ के ऑर्डर मिले हैं।
शेयर बाजार में प्रदर्शन
शुक्रवार को कंपनी का शेयर NSE पर ₹115 पर बंद हुआ, जो लाल निशान में रहा। बीते एक साल में इस शेयर ने 8% का रिटर्न दिया है। लेकिन दो वर्षों में यह शेयर 254%, तीन वर्षों में 785%, और पांच वर्षों में 1541% का मल्टीबैगर रिटर्न दे चुका है। मई 2023 में कंपनी ने अपने शेयरों का फेस वैल्यू 10:1 के अनुपात में स्प्लिट किया था।
डिस्क्लेमर : यहां शेयर बाजार में निवेश की सलाह नहीं दी गई है। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
