Honda Gujrat Plant: होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया (एचएमएसआई) के गुजरात में विट्ठलपुर स्थित उत्पादन प्लांट में तीसरी असेंबली लाइन शुरू हो गई है। कंपनी ने सोमवार को यह जानकारी दी जिससे बड़ी संख्या में टू—व्हीलर का उत्पादन बढ़ जाएग। तीसरी लाइन शुरू होने से 6.5 लाख स्कूटर इकाइयों का अतिरिक्त उत्पादन होगा, जिससे इस कारखाने की कुल क्षमता 19.7 लाख इकाई सालाना हो जाएगी। इसका मतलब है कि लगातार बढ़ती मांग को देखते हुए कंपनी ग्राहकों को इंतजार कराने के मूड में नजर नहीं आ रही।
कंपनी ने सोमवार को यह जानकारी दी जिससे बड़ी संख्या में टू-व्हीलर का उत्पादन बढ़ जाएग।
गुजरात प्लांट की क्षमता बढ़ेगी
एचएमएसआई के अध्यक्ष, प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सुत्सुमु ओटानी ने बयान में कहा, “ग्राहकों को गति के साथ अधिक कुशलता से सेवा देने के लिए उत्पादन क्षमता विस्तार से एचएमएसआई की कुल वार्षिक मात्रा में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।” उन्होंने कहा कि विट्ठलपुर संयंत्र घरेलू और निर्यात बाजारों के लिए स्कूटर मॉडल का उत्पादन करता है।
कहां बनते हैं होंडा स्कूटर
एचएमएसआई डिओ, एक्टिवा 125 और डिओ 125 जैसे स्कूटर मॉडल विट्ठलपुर संयंत्र में ही बनाती है। संयंत्र में एक समर्पित इंजन लाइन भी है जो थाइलैंड, अमेरिका, यूरोप और जापान जैसे बाजारों के लिए वैश्विक इंजन (250 सीसी और उससे ऊपर की श्रेणी के दोपहिया वाहनों) के निर्माण के लिए आधार के तौर पर कम करती है।
भारत में कुल 4 प्लांट
कंपनी ने बयान में कहा कि भारत होंडा की दोपहिया विनिर्माण क्षमता के लिए वैश्विक स्तर पर सबसे महत्वपूर्ण आधार में से है। एचएमएसआई के भारत में इस समय चार विनिर्माण संयंत्र- हरियाणा के मानेसर, राजस्थान के टपूकड़ा, कर्नाटक के नरसापुरा और गुजरात के विट्ठलपुर में हैं।
