चिप संकट से हाहाकार, वाहन डीलरों को भारी नुकसान का अंदेशा

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Updated Oct 10, 2021 | 11:32 IST

सेमीकंडक्टर के संकट के बीच वाहन डीलर मुश्किल में हैं। त्योहारी सीजन में उन्हें भारी नुकसान का अंदेशा है। उनका कहना है कि इन 2 महीने में हम अपनी सालाना बिक्री का 40 प्रतिशत हासिल करते हैं।

Supply affected due to chip crisis, vehicle dealers fear heavy losses in festive season
सेमीकंडक्टर के संकट से वाहन डीलरों को भारी नुकसान होने का अंदेशा 
मुख्य बातें
  • चिप का संकट जारी है। इससे विनिर्माताओं को उत्पादन के मुद्दों से जूझना पड़ रहा है।
  • कई मॉडलों की भारी मांग के बीच डीलरों के पास बुकिंग रद्द हो रही हैं।
  • बिक्री के लिहाज से त्योहारी सत्र सबसे अधिक महत्वपूर्ण होता है।

नई दिल्ली : सेमीकंडक्टर के संकट के बीच वाहन विनिर्माता डीलरों को पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित नहीं कर पा रहे हैं। इसके चलते इस त्योहारी सीजन में डीलरों को भारी नुकसान होने का अंदेशा है। वाहन डीलरों के संघों के महासंघ (फाडा) के अध्यक्ष विन्केश गुलाटी ने यह राय जताई है। गुलाटी ने कहा कि चिप का संकट जारी है। ऐसे में विनिर्माताओं को उत्पादन के मुद्दों से जूझना पड़ रहा है। वे अपने डीलर भागीदारों को आपूर्ति घटा रहे हैं।

नवरात्रि के पहले दिन से वाहन डीलरों के लिए 42 दिन के व्यस्त सत्र की शुरुआत हुई है। आपूर्ति की कमी की वजह से डीलर अपने ग्राहकों को उनकी पसंद के वाहन की आपूर्ति के लिए इंतजार करने को लेकर भरोसा नहीं दिला पा रहे हैं। कई मॉडलों की भारी मांग के बीच डीलरों के पास बुकिंग रद्द हो रही हैं। वहीं डीलरों के पास पर्याप्त स्टॉक नहीं होने की वजह से मौके पर खरीद में भी कमी आ रही है।

गुलाटी ने कहा कि बिक्री के लिहाज से त्योहारी सत्र हमारे लिए सबसे अधिक महत्वपूर्ण होता है। औसतन इन दो माह में हम अपनी सालाना बिक्री का 40 प्रतिशत हासिल करते हैं। यह वह समय होता है जबकि हम शेष साल के परिचालन के लिए कमाई और बचत कर पाते हैं। इस साल हमें पर्याप्त संख्या में वाहन नहीं मिल रहे। ऐसे में हमें नुकसान का अंदेशा है। उन्होंने कहा कि यात्री वाहन खंड में ज्यादातर मॉडलों के लिए ‘इंतजार की अवधि’ पूर्व के एक से तीन माह की तुलना में काफी अधिक बढ़ चुकी है। डीलरशिप पर वाहन नहीं होने से मौके पर बिक्री भी प्रभावित हुई है।

गुलाटी ने कहा कि हमारे आंकड़ों के अनुसार 50 से 60 प्रतिशत खरीदार पहले से बुकिंग कराते हैं। वहीं शेष 40 प्रतिशत शोरूम पर आकर तत्काल वाहन खरीदते हैं। लेकिन अभी हमारे लिए यह अध्याय बंद है। पूरी स्थिति को काफी चुनौतीपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि यदि इन 42 दिन में उद्योग सामान्य बिक्री हासिल कर पाया, तो उसे काफी भाग्यशाली माना जाएगा।

उन्होंने कहा कि हमें बड़े नुकसान का अंदेशा है। त्योहारी सीजन में हमारी खुदरा बिक्री 4 से 4.5 लाख इकाइयां रहती है। लेकिन इस बार इसके 3 से 3.5 लाख इकाई रहने का ही अनुमान है। यदि हम यह आंकड़ा भी हासिल कर पाए, तो काफी भाग्यशाली होंगे।

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