ताजनगरी आगरा पर टिड्डियों का हमला, बड़ी मुश्किल से शहरी इलाके हुए आजाद

Locust Attack at Agra: टिड्डियों का दल सोमवार को आगरा के शहरी इलाकों में दाखिल हो गया। कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें भगाया जा सका।

ताजनगरी आगरा पर टिड्डियों का हमला, बड़ी मुश्किल से शहरी इलाके हुए आजाद
ताजनगरी आगरा में टिड्डियों का बसेरा 

मुख्य बातें

  • आगरा जिले में टिड्डियों का डेरा, शहरी इलाके को मुश्किल से कराया गया आजाद
  • राजस्थान के करौली से टिड्डियों का एक और दल दे सकता है दस्तक
  • आगरा के पड़ोसी जिलों की तरफ टिड्डियों का मार्च

आगरा। इस समय उत्तर भारत के कुछ शहरों में टिड्डियों का आतंक है। सोमवार को आगरा की सीमा को छूते हुए जा रहे टिड्डियों का दल शहरी सीमा में भी दाखिल हो गया। पालीवाल पार्क क्षेत्र के पेड़ों पर जमकर उत्पात मचाया। मौके पर देखने वालों की भीड़ जुट गई, तो टिड्डियों को भगाने के लिए  कृषि विभाग की टीम भी तैयार थी। स्प्रे के लिए फायर बिग्रेड को मौके पर बुला लिया गया।

आगरा में टिड्डियों का हमला
पीपल मंडी, विजय नगर, गांधीनगर समेत आसपास के इलाकों में टिड्डी लोगों के घरों तक पहुंच गई। टिड्डियों को भगाने के लिए लोगों ने  मोबाइल से रिंगटोन बजाकर भगाया। इसके साथ ही बड़ा झुंड फतेहाबाद रोड के ऊपर से होता हुआ बरौली अहीर की ओर चला गया। इससे पहले एक छोटा टिड्डी दल बरहन के रास्ते आगरा में दाखिल हुआ और आंवलखेड़ा से होते हुए हाथरस की ओर चला गया।

टिड्डियों के दो दल रुदावल और देहरा की ओर से आगरा से 15 किलोमीटर दूरी पर दिनभर मंडराते रहे। शाम को उनका रुख बदला और वे मध्य प्रदेश की सीमा की तरफ बढ़ गए। लेकिन संकट की बात यह है कि राजस्थान के करौली से एक दल आगरा की ओर आ रहा है, जिसकी दूरी 150 किलोमीटर है। टिड्डियों के दो दल आगरा के 15 किलोमीटर की दूरी पर मंडराते हुए पूरे दिन कृषि विभाग की टीम को उलझाए रहे। 

शहरी इलाकों को कराया गया आजाद
पालीवाल पार्क पास टिड्डियों के सफाए के लिए जिला कृषि रक्षा अधिकारी टीम के साथ माैके पर पहुंच गए। पेड़ों की डालियों को जब काटा जा रहा था तो सिर्फ टिड्डियां ही ज्याजा नजर आ रही थी। जिला कृषि अधिकारी ने कहा कि बरौली इलाके में भी टीम की तैनाती की गई है। वो बताते हैं कि टिड्डियों का दल जो मार्च में आगे होते हैं उनका अनुसरण करता है। इसके साथ ही हवा की दिशा के साथ भी वो आगे बढ़ते हैं। 

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