समुद्र में लगातार 10 महीने से अधिक समय बिताने के बाद अमेरिकी नौसेना का विशालकाय विमानवाहक पोत USS लिंकन (USS Lincoln) गुरुवार को सैन डिएगो बे पहुंचा। जैसे ही पोत तट पर लगा, हजारों नौसैनिकों का स्वागत करने के लिए उमड़े उनके परिजनों की आंखों से आंसू छलक पड़े और पूरा बंदरगाह तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। ईरान युद्ध के दौरान इतिहास रचने वाले इस पोत के लौटने पर सबसे भावुक करने वाले वे क्षण थे, जब 122 ऐसे नौसैनिकों ने पहली बार अपने नवजात बच्चों को गोदी में उठाया, जिनका जन्म उनके इस लंबे मिशन पर रहने के दौरान हुआ था।
गुरुवार को USS लिंकन विमानवाहक पोत अपनी तैनाती पूरी कर सैन डिएगो बे लौटा
रिकॉर्ड 265 दिन तक बिना रुके समंदर में रहा तैनात
USS लिंकन ने आधुनिक अमेरिकी नौसेना इतिहास में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह युद्धपोत बिना किसी बंदरगाह पर रुके लगातार 265 दिनों तक समंदर में तैरता रहा और कुल 322 दिनों की ऐतिहासिक तैनाती पूरी की। इससे पहले मई में 326 दिन बाद लौट चुके 'USS जेराल्ड आर. फोर्ड' के बाद यह वियतनाम युद्ध के बाद का दूसरा सबसे लंबा अमेरिकी नौसैनिक मिशन रहा है।
राशन की किल्लत, मानसिक तनाव और आत्महत्या के प्रयास
इस ऐतिहासिक उपलब्धि के पीछे नौसैनिकों और उनके परिवारों ने एक बेहद कठिन 'इमोशनल रोलरकोस्टर' का सामना किया। नौसैनिक केवल कभी-कभार मिलने वाली ईमेल या बहुत दुर्लभ वॉट्सऐप कॉल के जरिए ही अपने परिवारों से संपर्क कर पाते थे। परिजनों ने बताया कि लंबे समय तक समंदर में रहने के कारण जहाज पर ताजे भोजन और पानी की भारी किल्लत हो गई थी, जिसके कारण नौसैनिकों को कई दिनों तक इंस्टेंट नूडल्स खाकर गुजारा करना पड़ा। नौसेना ने स्वीकार किया कि 6,000 के क्रू में से कम से कम 8 नौसैनिकों ने मानसिक तनाव के चलते आत्महत्या का प्रयास किया। हालांकि, पोत के कैप्टन डैनियल कीलर और नौसेना के कार्यवाहक सचिव हुंग काओ ने स्थिति का बचाव करते हुए कहा कि लंबे युद्ध अभियानों में भोजन की विविधता कम हो जाती है, लेकिन पर्याप्त सप्लाई बनाए रखी गई थी।
64 युद्धपोत डुबाए, 3,700 कॉम्बैट मिशन पूरे किए
USS लिंकन के लौटने से एक दिन पहले अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने खुद विमानवाहक पोत का दौरा किया और चालक दल को सेना का सर्वोच्च सम्मान 'प्रेसिडेंशियल यूनिट साइटेशन' दिया। इस मिशन के दौरान USS लिंकन ने लगभग 3,700 कॉम्बैट मिशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। 450 टॉमहॉक क्रूज मिसाइलें दागीं, 77 वन-वे अटैक ड्रोन गिराए और 21 एंटी-शिप क्रूज मिसाइलें नष्ट कीं। इसके साथ ही इस दौरान इसने ईरान के 64 युद्धपोतों को डुबो दिया।
