US Iran Conflict: खाड़ी क्षेत्र में जारी भारी तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने शुक्रवार को एक बड़ा सैन्य एक्शन लिया है। अमेरिकी सैन्य कमान ने दावा किया है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य की ओर बढ़ रहे ईरान के चार खतरनाक ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया। इसके तुरंत बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिकी बलों ने ईरान के तटीय निगरानी रडार ठिकानों पर भीषण बमबारी की।
US ने गिराए ईरान के 4 आत्मघाती ड्रोन (सांकेतिक चित्र: X/@CENTCOM)
वैश्विक व्यापार के लिए तत्काल खतरा थे ईरानी ड्रोन: CENTCOM
अमेरिकी सेंट्रल कमान (CENTCOM) ने सोशल मीडिया पर इस सैन्य कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा, "ईरान के ये हमलावर ड्रोन क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात और व्यापारिक जहाजों के लिए एक तत्काल और बड़ा खतरा बन चुके थे।"
गौरतलब है कि तेल और प्राकृतिक गैस के वैश्विक परिवहन के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण गलियारा माना जाता है। ईरान द्वारा इस रूट पर अपनी पकड़ मजबूत करने और नाकाबंदी की कोशिशों के जवाब में अमेरिकी सेना वर्तमान में ईरानी बंदरगाहों की सख्त घेराबंदी कर रही है। दोनों देशों के बीच जारी इस तनातनी के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा और कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है।
युद्धविराम समझौते पर मंडराया संकट, कुवैत एयरपोर्ट पर हुआ था हमला
यह ताजा सैन्य टकराव ऐसे समय में हुआ है जब दोनों देशों के बीच जारी युद्ध को रोकने और सीजफायर को आगे बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस ताजा हमले ने पहले से ही बेहद कमजोर चल रहे युद्धविराम समझौते पर संकट के बादल मंडरा दिए हैं। इससे पहले, इसी हफ्ते ईरान के ड्रोनों ने कुवैत के मुख्य हवाई अड्डे के एक पैसेंजर टर्मिनल को भारी नुकसान पहुंचाया था। उस भीषण हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि दर्जनों लोग घायल हुए थे और हवाई अड्डे को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा था।
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राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का बयान: 'हालात नियंत्रण में हैं'
ईरानी हमलों और बढ़ते तनाव के कारण युद्धविराम टूटने की वैश्विक चिंताओं के बावजूद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को संवाददाताओं से बातचीत में एक अलग रुख अपनाया। ट्रम्प ने कहा, "ईरान के साथ स्थिति काफी अच्छी चल रही है।" विस्कॉन्सिन में किसानों के साथ एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा, "हम बहुत जल्द ईरान मामले से बाहर आ जाएंगे और यह एकतरफा या बेहद मजबूत फैसला होगा, चाहे वह शांति के किसी कागज के जरिए हो या फिर बेहद सख्त रास्ते से। सख्त रास्ता शायद अधिक आसान हो सकता है, लेकिन हम इससे बाहर निकलेंगे और आपकी खाद की कीमतें बहुत नीचे आ जाएंगी, ठीक वैसी ही जैसी चार महीने पहले थीं।"
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लेबनान और इजरायल संघर्ष का भी असर, हिजबुल्लाह ने खारिज की डील
अमेरिकी प्रशासन वाशिंगटन में अमेरिका की मध्यस्थता में इस सप्ताह लेबनान सरकार और इजरायल के बीच हुए नए युद्धविराम समझौते को अपनी बड़ी कामयाबी के रूप में प्रचारित कर रहा है। हालांकि, ईरान समर्थित चरमपंथी संगठन हिजबुल्लाह ने इस समझौते को सिरे से खारिज कर दिया है और दोनों पक्षों की ओर से नए हमले शुरू हो गए हैं।
लेबनान में जारी भीषण लड़ाई, जहां इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया है, अब ईरान युद्ध को समाप्त करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा सुरक्षित खोलने के प्रयासों के लिए बड़ा खतरा बन गई है। वहीं, ईरान ने शर्त रखी है कि किसी भी स्थायी युद्धविराम समझौते का दायरा लेबनान तक विस्तारित किया जाना चाहिए।
