US Iran War: पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि अमेरिका ईरान में जमीनी सैन्य अभियान शुरू करने पर विचार कर रहा है। इस बीच, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने शनिवार को ऐलान किया कि पश्चिम एशिया में और अधिक अमेरिकी सेना पहुंच रही है और लगभग 2,500 मरीन सैनिकों को लेकर नौसेना का एक जहाज क्षेत्र में पहुंच रहा है। वहीं, दूसरी ओर हूती विद्रोही, लगातार इजरायल को निशाना बना रहे हैं।
सैनिकों की कमी से जूझ रहा इजरायल: ईरान का दावा
'खुद ही ढह जाएगा आईडीएफ'
करीब 1 महीने के बाद भी ईरान डटकर मैदान-ए-जंग में खड़ा है। इसी बीच ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद गालिबफ ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा, इजरायली सैन्य प्रमुख ने चेतावनी दी, “मैं 10 खतरे के संकेत दे रहा हूं। आईडीएफ खुद ही ढह जाएगा।”
इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) के चीफ ने हाल ही में चेतावनी दी थी कि लगातार कई मोर्चों पर युद्ध और सैनिकों की कमी के कारण इजरायली सेना “खुद ही ढह सकती है।”
सैनिकों की कमी से जूझ रहा आईडीएफ
आईडीएफ (IDF) प्रमुख ने माना कि सेना पर भारी दबाव है और सैनिकों की कमी गंभीर समस्या बन रही है। उन्होंने सरकार से भर्ती कानून और रिजर्व फोर्स को मजबूत करने की मांग भी की है।
गालिबाफ ने कहा कि इजरायल की स्थिति पहले से कमजोर हो रही है। ऐसे में ईरान अपनी सैन्य रणनीति को और तेज़ करेगा। इजरायल के खिलाफ जवाबी कार्रवाई और बढ़ सकती है।
गालिबाफ ने इजरायल पर आरोप लगाया कि, खाड़ी में इस तरह से तनाव बढ़ाकर और ईरान के औद्योगिक ढांचे पर हमला करके, अपराधी जायोनी शासन इन चेतावनियों को नजरअंदाज करने की कोशिश कर रहा है। वहीं, उन्होंने दावा किया कि ईरान के हमलों की वजह से आईडीएफ जल्द ही ढह जाएगी।
