ईरान और रूस के मुद्दे पर चीन को घेरेगा अमेरिका, ट्रंप और शी जिनपिंग की मुलाकात से पहले तनाव बढ़ा

राष्ट्रपति ट्रंप और शी जिनपिंग की बैठक से पहले अमेरिका ने ईरान के वित्तीय नेटवर्क पर 'इकोनॉमिक फ्यूरी' के तहत कड़े प्रतिबंध लगाए हैं। जानें कैसे चीनी युआन का इस्तेमाल कर ईरान अपनी सैन्य शक्ति बढ़ा रहा है।

दुनिया की दो महाशक्तियों, अमेरिका और चीन के बीच जल्द ही होने वाली शिखर वार्ता से पहले जियोपॉलिटिक्स गरमा गई है। अमेरिकी अधिकारियों ने रविवार को पुष्टि की कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच आगामी बैठक में ईरान और रूस का मुद्दा केंद्र में रहेगा। अमेरिका इस बात को लेकर चिंतित है कि चीन से होने वाली आय और आपूर्ति किस प्रकार ईरान और रूस के सैन्य तंत्र को मजबूत कर रही है।

Trump Xi Jinping Meeting Iran Russia

ट्रंप और शी जिनपिंग की मुलाकात से पहले बढ़ी तपिश

ट्रंप और शी जिनपिंग की बातचीत का मुख्य एजेंडा

वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने शी जिनपिंग के साथ कई बार इस मुद्दे पर चर्चा की है कि चीन से प्राप्त होने वाला राजस्व किस प्रकार ईरान और रूस के लिए जीवनरेखा बना हुआ है। अमेरिका का आरोप है कि चीन न केवल इन देशों को कलपुर्जे और कंपोनेंट उपलब्ध करा रहा है, बल्कि वहां से हथियारों के निर्यात की भी प्रबल संभावना बनी हुई है। वाशिंगटन को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इन संवेदनशील मुद्दों पर बीजिंग के साथ चर्चा और भी गहन होगी।

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