Underground Rivers in the World: दुनिया में बहने वाली अनेक नदियां अपनी प्राकृतिक सुंदरता और अनोखी विशेषताओं के लिए प्रसिद्ध हैं। कुछ नदियां ऐसी भी हैं, जिनका प्रवाह धरती की सतह पर नहीं, बल्कि जमीन के अंदर देखने को मिलता है। नदियां सिर्फ जल का स्रोत ही नहीं हैं, बल्कि मानव सभ्यता के विकास में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। भारत समेत कई देशों में नदियों का धार्मिक, सांस्कृतिक और पौराणिक महत्व भी देखने को मिलता है। भूमिगत नदियां यानी अडंरग्राउंड रिवर्स अपने रहस्यमयी स्वरूप और प्राकृतिक संरचना के कारण वैज्ञानिकों और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहती हैं। इनका पानी चट्टानों, गुफाओं और धरती की विभिन्न परतों के बीच से होकर गुजरता है। ऐसे में आइए जानते हैं दुनिया की कुछ ऐसी अनोखी नदियों के बारे में, जो जमीन के नीचे बहने के लिए जानी जाती हैं।
धरती के नीचे छिपा पानी का अनोखा संसार (AI फोटो)
सिस्टेमा सैक एक्टुन (मेक्सिको)
दुनिया की फेमस भूमिगत नदियों के नाम
1. सिस्टेमा सैक एक्टुन (मेक्सिको)
मेक्सिको के युकातान प्रायद्वीप में फैली सिस्टेमा सैक एक्टुन (Sistema Sac Actun) दुनिया की सबसे लंबी पानी के नीचे की गुफा प्रणालियों में शामिल है। यह भूमिगत गुफाओं, सुरंगों और मीठे पानी से भरे रास्तों का एक विशाल और जटिल नेटवर्क है, जो धरती के नीचे एक अलग ही दुनिया का एहसास कराता है। इस गुफा प्रणाली से जुड़े 'सेनोट्स' का प्राचीन माया सभ्यता में खास धार्मिक महत्व था। माना जाता है कि इन प्राकृतिक जलकुंडों का इस्तेमाल धार्मिक और पवित्र अनुष्ठानों के लिए किया जाता था। समय के साथ जब यहां वैज्ञानिक और गोताखोर पहुंचे, तो उन्हें गुफाओं के अंदर प्राचीन जीव-जंतुओं और शुरुआती मानवों से जुड़ी हड्डियां भी मिलीं। सफेद चूना पत्थर की संरचनाओं और साफ नीले पानी से सजी सैक एक्टुन की गुफाएं प्रकृति की अद्भुत कलाकृति जैसी दिखाई देती हैं। यह स्थान आज भी पुरातत्व, इतिहास और भूविज्ञान के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
2. पुएर्तो प्रिंसेसा भूमिगत नदी (फिलीपींस)
फिलीपींस की पुएर्तो प्रिंसेसा भूमिगत नदी (Puerto Princesa Subterranean River) प्रकृति की अनोखी संरचनाओं में शामिल है। यह नदी एक विशाल चूना पत्थर की गुफा के भीतर से होकर गुजरती है, जिसकी दीवारों और छत पर स्टैलेक्टाइट्स और स्टैलेग्माइट्स जैसी आकर्षक चट्टानी संरचनाएं दिखाई देती हैं। इसकी सबसे खास बात यह है कि नदी का प्रवाह आगे जाकर सीधे समुद्र से जुड़ जाता है। समुद्र के संपर्क में आने के कारण इसके अंतिम हिस्से में पानी की प्रकृति बदल जाती है और वह खारा हो जाता है। पर्यटक यहां नाव के जरिए भूमिगत नदी की सैर कर सकते हैं। गुफा के अंदर सफर के दौरान रहस्यमयी चट्टानी आकृतियां और बड़ी संख्या में चमगादड़ देखने को मिलते हैं, जो इस अनुभव को और रोमांचक बना देते हैं।
रियो कैमू (प्यूर्टो रिको)
3. रियो कैमू (प्यूर्टो रिको)
कैमू नदी (Camuy River) ने लाखों सालों के प्राकृतिक भूगर्भीय बदलावों के दौरान विशाल भूमिगत गुफाओं का एक अद्भुत नेटवर्क तैयार किया है। इसकी कई गुफाएं अपने विशाल आकार के कारण बेहद खास मानी जाती हैं। लोग यहां स्थित क्लारा गुफा को भी देख सकते हैं, जहां छत में मौजूद प्राकृतिक दरारों और छिद्रों से सूर्य की किरणें अंदर तक पहुंचती हैं। हरियाली, चट्टानी संरचनाओं और रहस्यमयी अंधेरी सुरंगों का अनोखा संगम इस जगह को किसी रोमांचक फिल्मी दृश्य जैसा अनुभव कराता है।
4. थाम खौन जे (लाओस)
लाओस के एक दुर्गम क्षेत्र में मौजूद थाम खौन जे (Tham Khoun Xe) को दुनिया की विशाल नदी गुफाओं में गिना जाता है। इसके अंदर बनी प्राकृतिक सुरंगें काफी चौड़ी और ऊंची हैं, जिससे यह किसी विशाल भूमिगत मार्ग जैसी दिखाई देती हैं। स्थानीय समुदाय लंबे समय से इस क्षेत्र में मछली पकड़ते आए हैं और गुफा से जुड़ी कई लोक मान्यताएं भी प्रचलित हैं। कहा जाता है कि यहां अदृश्य शक्तियां या आत्माएं गुफा की निगरानी करती हैं। हरे रंग का साफ पानी और चूना पत्थर की अनोखी दीवारें इस जगह की खूबसूरती को और बढ़ा देती हैं।
5. लाबोइचे भूमिगत नदी (फ्रांस)
5. लाबोइचे भूमिगत नदी (फ्रांस)
फ्रांस के पाइरेनीज क्षेत्र में बहने वाली लाबोइचे भूमिगत नदी (Labouiche Underground River) को उसकी अनोखी बनावट के कारण अक्सर 'अंडरग्राउंड वेनिस' कहा जाता है। यहां पर्यटकों को संकरी और घुमावदार भूमिगत सुरंगों के बीच नाव से सफर करने का मौका मिलता है। 1938 से लोग इस रोमांचक यात्रा का आनंद ले रहे हैं, जहां नाव को आगे बढ़ाने के लिए गाइड केबलों का इस्तेमाल करते हैं। अंधेरी गुफाओं के बीच मौजूद झरने, चट्टानी संरचनाएं और पुरानी नक्काशियां लोगों की यात्रा को रहस्यमयी और यादगार बना देती हैं।
6. सांता फे नदी (संयुक्त राज्य अमेरिका)
अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित ओ'लेनो स्टेट पार्क में सांता फे नदी (Santa Fe River) का सफर बेहद अनोखा है। एक स्थान पर नदी का पानी अचानक जमीन के अंदर बने प्राकृतिक रास्ते में समा जाता है। इसके बाद नदी करीब तीन मील तक भूमिगत गुफा प्रणाली के अंदर बहती रहती है और आगे चलकर रिवर राइज नामक स्थान पर दोबारा सतह पर दिखाई देती है। नदी के इस अनोखे भूमिगत सफर के कारण आसपास का क्षेत्र प्राकृतिक रूप से बेहद खास माना जाता है। यहां मौजूद प्राकृतिक पुल भी आकर्षण का केंद्र है, जिसका इस्तेमाल स्थानीय लोग लंबे समय से नदी पार करने के लिए करते रहे हैं।
7. फ्लीट नदी (यूके)
ब्रिटेन की फ्लीट नदी (River Fleet) लंदन की उन ऐतिहासिक नदियों में शामिल है, जो समय के साथ शहर की जमीन के नीचे छिप गईं। कभी यह एक महत्वपूर्ण और चौड़ी जलधारा थी, जिस पर नावों की आवाजाही भी होती थी। लेकिन लंदन के तेजी से विस्तार और बढ़ते प्रदूषण के कारण नदी का पानी गंदा हो गया और इसकी स्थिति खराब होती चली गई। 19वीं सदी में शहर के विकास के दौरान नदी को ढककर उसके ऊपर निर्माण कर दिया गया। आज फ्लीट नदी लंदन की सड़कों के नीचे ईंटों से बनी सुरंगों और भूमिगत जल निकासी व्यवस्था के बीच बहती है। रोजाना हजारों लोग इसके ऊपर से गुजरते हैं, लेकिन उन्हें शायद ही एहसास होता है कि उनके पैरों के नीचे कभी एक बहती हुई नदी मौजूद थी।
पुएर्तो प्रिंसेसा भूमिगत नदी
सबसे प्रसिद्ध भूमिगत नदी कौन सी है?
फिलीपींस की पुएर्तो प्रिंसेसा भूमिगत नदी दुनिया की सबसे चर्चित भूमिगत नदियों में शामिल है। इसे यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में स्थान मिला हुआ है और यह 'प्रकृति के नए 7 अजूबों' में भी शामिल है। इसकी सबसे खास विशेषता यह है कि यह भूमिगत गुफा से बहते हुए सीधे समुद्र तक पहुंचती है। इस कारण यहां मीठे और खारे पानी के मिलने से एक अनोखा भूमिगत मुहाना बनता है। यह क्षेत्र चमगादड़ों के साथ-साथ कई समुद्री जीवों के लिए भी महत्वपूर्ण प्राकृतिक आवास है।
भारत में कौन सी नदी भूमिगत बहती है?
भारत में सरस्वती नदी (Saraswati River) को सबसे प्रसिद्ध ऐसी नदी माना जाता है, जिसके भूमिगत या विलुप्त जलप्रवाह से जुड़े कई दावे और मान्यताएं हैं। प्राचीन ग्रंथों में इसका जिक्र मिलता है, जबकि आधुनिक शोधों में भी उत्तर-पश्चिम भारत के नीचे मौजूद पुराने नदी मार्गों के प्रमाणों का अध्ययन किया गया है। भूवैज्ञानिक और उपग्रह अध्ययनों से हरियाणा तथा राजस्थान के क्षेत्रों में प्राचीन जलधाराओं के निशान सामने आए हैं। हालांकि, इन पुरातन जलमार्गों को सीधे वर्तमान समय की भूमिगत सरस्वती नदी मानने को लेकर वैज्ञानिक समुदाय में अभी भी पूरी तरह एकमत नहीं है।
