पश्चिम एशिया में शांति की कोशिशों के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक बार फिर सख्त लहजे में चेतावनी दी है, वहीं इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने लेबनान में 'पूर्ण शक्ति' के साथ सैन्य अभियान जारी रखने का संकल्प लिया है। इस्लामाबाद में होने वाली शांति वार्ता से ठीक पहले इन घटनाक्रमों ने क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ा दी है।
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को फिर दी चेतावनी (फाइल फोटो: AP)
ट्रंप की ईरान को सीधी चेतावनी: "अब बंद करो!"
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर आरोप लगाया है कि वह होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले तेल टैंकरों से 'अवैध शुल्क' वसूल रहा है। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर ट्रंप ने सख्त रुख अपनाते हुए लिखा कि "ऐसी खबरें हैं कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले टैंकरों से शुल्क ले रहा है। उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए और अगर वे कर रहे हैं, तो वे इसे अभी बंद कर दें!"
ट्रंप ने ईरान पर अस्थायी युद्धविराम समझौते का पालन न करने और तेल टैंकरों की आवाजाही में बाधा डालने का भी आरोप लगाया। उन्होंने इसे ईरान का 'सम्मानहीन' व्यवहार बताया। ट्रंप ने लिखा, "ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल गुजरने देने के मामले में बहुत ही खराब काम कर रहा है। कुछ लोग इसे 'अपमानजनक' (Dishonorable) भी कहेंगे। यह वह समझौता नहीं है जो हमारे बीच हुआ है।"
लेबनान में युद्धविराम नहीं
दूसरी ओर, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट कर दिया है कि ईरान के साथ हुए युद्धविराम का दायरा लेबनान तक नहीं है। उन्होंने कहा कि इजरायल हिजबुल्लाह को पूरी तरह कुचलने तक चैन से नहीं बैठेगा। नेतन्याहू ने अपने बयान में कहा कि "लेबनान में कोई युद्धविराम नहीं है। हम हिजबुल्लाह पर पूरी ताकत से हमले जारी रखेंगे।" उन्होंने इजरायली कैबिनेट को लेबनान सरकार के साथ 'सीधी बातचीत' शुरू करने का निर्देश दिया है। इजरायल का लक्ष्य हिजबुल्लाह का पूर्ण निःशस्त्रीकरण और लेबनान के साथ एक ऐतिहासिक शांति समझौता करना है।
संकट में युद्धविराम और इस्लामाबाद वार्ता
ईरान का मानना है कि लेबनान में जारी इजरायली हमले मौजूदा युद्धविराम समझौते का उल्लंघन हैं। हालांकि, अमेरिका और इजरायल दोनों का तर्क है कि समझौता केवल ईरान तक सीमित था। इस विवाद की वजह से इस्लामाबाद में होने वाली आगामी कूटनीतिक वार्ता पर काले बादल मंडराने लगे हैं। इजरायल ने साफ कर दिया है कि वह लेबनान की सुरक्षा को बहाल किए बिना नहीं रुकेगा।
