पश्चिम एशिया में बढ़ते रणनीतिक तनाव के बीच रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) क्षेत्र में रविवार (11 अक्टूबर) को भारतीय नाविकों को ले जा रहे दो कमर्शियल जहाजों पर हमले की गंभीर घटना सामने आई है। इन दोनों जहाजों पर कुल 22 भारतीय नागरिक सवार थे। भारत सरकार के विदेश मंत्रालय (MEA) ने सोमवार को इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। मंत्रालय ने बताया कि एक जहाज पर हुए ड्रोन हमले के बाद उस पर सवार 11 भारतीय नाविकों में से दो भारतीय नाविक लापता हो गए हैं, जिनकी तलाश के लिए बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
जहाजों पर हमले पर विदेश मंत्रालय ने की कड़ी निंदा (फाइल फोटो)
'MT Petro Dolphin' और 'MT Valthera' पर हमला
विदेश मंत्रालय के आधिकारिक बयान के मुताबिक, पहला हमला 'एमटी पेट्रो डॉल्फिन' नामक तेल टैंकर पर रविवार को ओमान के सोहार एंकोरेज के पास ड्रोन से किया गया। इस जहाज पर कुल 11 भारतीय नाविक तैनात थे। ड्रोन स्ट्राइक के बाद जहाज पर सवार दो भारतीय नाविक, बीरबहादुर यादव और अमित सिंह लापता बताए गए हैं। बाकी 9 भारतीय नाविक सुरक्षित बताए जा रहे हैं और लापता नाविकों की खोज जारी है। इसी क्षेत्र में हुई दूसरी घटना में मार्शल द्वीपसमूह के ध्वज वाले टैंकर 'एमटी वाल्थेरा' को एक अज्ञात संदिग्ध वस्तु द्वारा निशाना बनाया गया। हमले के तुरंत बाद जहाज में आग लग गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस जहाज पर सवार सभी 11 भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें किसी प्रकार का गंभीर नुकसान नहीं पहुंचा है।
मस्कट स्थित भारतीय दूतावास अलर्ट पर
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ओमान की राजधानी मस्कट स्थित भारतीय दूतावास पूरी स्थिति पर लगातार पैनी नजर बनाए हुए है। दूतावास लापता भारतीय नाविकों की जल्द से जल्द खोज और बचाव अभियान के लिए ओमानी प्राधिकारियों, तटरक्षक बल और संबंधित पोत प्रबंधन कंपनियों के साथ निरंतर समन्वय स्थापित कर रहा है। भारतीय दल को हरसंभव कूटनीतिक और लॉजिस्टिक सहायता दी जा रही है।
भारत की सख्त चेतावनी
भारत सरकार ने दोहराया है कि भारतीय समुद्री कर्मचारियों और नाविकों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। विदेश मंत्रालय ने जारी बयान में कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर बार-बार हो रहे हमले बेहद चिंताजनक हैं और ये इस पहले से ही संवेदनशील क्षेत्र की स्थिति को और अधिक गंभीर व अस्थिर बना सकते हैं। वाणिज्यिक जहाजों, बेगुनाह नाविकों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले तुरंत बंद होने चाहिए। भारत ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में नौवहन की स्वतंत्रता और सुरक्षित समुद्री व्यापार सुनिश्चित करने पर जोर दिया। साथ ही, पश्चिम एशिया में जारी सशस्त्र संघर्ष को खत्म करने के लिए तत्काल तनाव कम करने और केवल बातचीत व कूटनीति के जरिए स्थायी समाधान निकालने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है।
