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हमला करने और खुद को बचाने वाले को एक तराजू में तौला नहीं जा सकता, कोलंबिया में थरूर की दो टूक

लैटिन अमेरिकी देश कोलंबिया पहुंचे कांग्रेस सांसद थरूर ने कहा कि 'हम अपने कोलंबियाई मित्रों से कहना चाहेंगे कि जो आतंकवाद फैलाते हैं और जो उसका प्रतिरोध करते हैं, उनके बीच कोई समानता नहीं हो सकती। जो हमला करते हैं और जो रक्षा करते हैं, उनके बीच कोई तुलना नहीं हो सकती।'

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कोलंबिया पहुंचा है शशि थरूर की अगुवाई वाला प्रतिनिधिमंडल।

Shashi Tharoor in Colombia : आतंकवाद के खिलाफ भारतीय सर्वदलीय शिष्टमंडल का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने गुरुवार को कहा कि आतंकवाद फैलाने वाले और इसका विरोध करने वाले के बीच कोई समानता नहीं हो सकती। इसी तरह से हमला करने वाले और इससे अपनी सुरक्षा करने वाले को एक तराजू में नहीं तौला जा सकता। थरूर ने यह बात लैटिन अमेरिकी देश कोलंबिया के बोगोटा में कहीं। थरूर की अगुवाई वाला शिष्टमंडल पनामा के बाद यहां पहुंचा है।

...इनके बीच समानता नहीं हो सकती-थरूर

दरअसल, पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों पर भारत के हमलों के बाद कोलंबिया ने जानमाल के नुकसान पर संवेदना व्यक्त की थी। इसका हवाला देते हुए थरूर ने कहा, 'हम अपने कोलंबियाई मित्रों से कहना चाहेंगे कि जो आतंकवाद फैलाते हैं और जो उसका प्रतिरोध करते हैं, उनके बीच कोई समानता नहीं हो सकती। जो हमला करते हैं और जो रक्षा करते हैं, उनके बीच कोई तुलना नहीं हो सकती। हम केवल आत्मरक्षा के अधिकार का प्रयोग कर रहे हैं, और यदि इस पर कोई गलतफहमी है, तो हम उसे दूर करने के लिए तैयार हैं।'

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भारत चार दशकों से झेल रहा आतंकवाद

कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि 'हम कोलंबिया से इस मुद्दे पर विस्तार से बातचीत करने को बहुत इच्छुक हैं। हमारे पास, जैसा कि मैंने कहा, बहुत ठोस सबूत हैं। वास्तव में, जब यह आतंकी हमला हुआ, तो उसे ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ नामक संगठन ने तुरंत जिम्मेदारी के साथ स्वीकार किया, जो कि पाकिस्तान के मुरीदके स्थित लश्कर-ए-तैयबा का एक इकाई है। जैसे कोलंबिया ने कई आतंकी हमलों का सामना किया है, वैसे ही भारत ने भी किया है। हम पिछले लगभग चार दशकों से बड़ी संख्या में हमलों को झेलते आ रहे हैं।'

थरूर ने कहा, 'हमें कोलंबियाई सरकार की प्रतिक्रिया से थोड़ी निराशा हुई, जिसने भारतीय हमलों के बाद पाकिस्तान में हुई जनहानि पर गहरी संवेदना व्यक्त की, बजाय इसके कि वह आतंकवाद के पीड़ितों के प्रति सहानुभूति जताती।'

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थरूर की अगुवाई वाला प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को कोलंबिया पहुंचा जो आतंकवाद के सभी रूपों से लड़ने के भारत के दृढ़ संकल्प को व्यक्त करेगा।

कोलंबिया में भारतीय दूतावास ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि कोलंबिया में भारत के राजदूत वनलालहुमा ने प्रतिनिधिमंडल का गर्मजोशी से स्वागत किया, जिससे आतंकवाद के खिलाफ भारत के दृढ़ रुख को व्यक्त करने के लिए एक सार्थक जुड़ाव की शुरुआत हुई। बोगोटा में अपने प्रवास के दौरान प्रतिनिधिमंडल कोलंबिया की कांग्रेस के सदस्यों, मंत्रियों और थिंक टैंक तथा मीडिया में अन्य प्रमुख वार्ताकारों के साथ बातचीत करेगा।

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यह समूह उन सात बहुदलीय प्रतिनिधिमंडलों में से एक है, जिन्हें भारत ने 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख से अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अवगत कराने के लिए 33 वैश्विक राजधानियों का दौरा करने भेजा है। पनामा से यहां पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में सरफराज अहमद (झारखंड मुक्ति मोर्चा), जीएम हरीश बालयोगी (तेलुगु देशम पार्टी), शशांक मणि त्रिपाठी (भाजपा), भुवनेश्वर कालिता (भाजपा), मिलिंद देवड़ा (शिवसेना), तेजस्वी सूर्या (भाजपा) और अमेरिका में भारत के पूर्व राजदूत तरनजीत सिंह संधू शामिल हैं।

पनामा सिटी में, प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को पनामा के राष्ट्रपति जोस राउल मुलिनो क्विंटेरो और विदेश मामलों के उप-मंत्री कार्लोस आर्टुरो होयोस से मुलाकात की। थरूर ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘राष्ट्रपति ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई में समर्थन व्यक्त किया।’ प्रतिनिधिमंडल में शामिल भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने ‘एक्स’ पर कहा कि राष्ट्रपति ने ‘भारत की सुरक्षा चिंताओं का संज्ञान लिया और यह बिल्कुल स्पष्ट किया कि आज की दुनिया में आतंकवाद का कोई स्थान नहीं है, उन्होंने भारत के रुख का समर्थन किया।’प्रतिनिधिमंडल ने पनामाई विदेश मंत्री जेवियर मार्टिनेज-आचा, उप-मंत्री कार्लोस होयोस और उनके कई सहयोगियों से भी मुलाकात की।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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