Myanmar-Thailand Earthquake Video: शुक्रवार यानी 28 मार्च को म्यांमार और थाईलैंड में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे भूकंप का केंद्र म्यांमार का सागाइंग था। थाईलैंड में भूकंप के बाद अब कैसा है माहौल ? 'टाइम्स नाउ नवभारत' ने जाने वहां के हालात, देखें ये रिपोर्ट...
28 मार्च यानी शुक्रवार को म्यांमार में आए 7.7 तीव्रता के भूकंप ने मांडले के पास केंद्र बनाया, जिससे कई इमारतें ढह गईं और अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा।पिछले सप्ताह म्यांमार में आए भूकंप ने मांडले में इमारतों, पुलों और महत्वपूर्ण संचार ढांचे को नष्ट कर दिया, जिससे बचावकर्मियों को मलबे में फंसे लोगों तक पहुंचने और आपदा से बचे लोगों को राहत पहुंचाने में बाधा उत्पन्न हुई। संसाधनों की कमी और टूटे हुए संचार चैनलों के कारण, बचावकर्मियों को किसी जीवित व्यक्ति को खोजने की उम्मीद में मलबे को हाथ से साफ करने के लिए मजबूर होना पड़ा। आधिकारिक तौर पर मरने वालों की संख्या अब 1700 है।
बचाव कार्य मुख्य रूप से स्थानीय निवासियों द्वारा भारी उपकरणों की सहायता के बिना किया गया है। वे 41 डिग्री सेल्सियस की गर्मी में हाथ से और फावड़ियों से मलबा हटा रहे हैं।
30 मार्च को भी 5.1 तीव्रता का भूकंप आया
म्यांमा के दूसरे सबसे बड़े शहर मांडले के निकट रविवार यानी 30 मार्च को भी 5.1 तीव्रता का भूकंप आया। अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण ने यह जानकारी दी।यह देश में शुक्रवार को आए विनाशकारी भूकंप के बाद से जारी झटकों की श्रृंखला में ताजा झटका है।शुक्रवार को शहर के पास 7.7 तीव्रता का भूकंप आया था जिसके कारण कई इमारतें ढह गई थीं और अन्य बुनियादी ढांचों को नुकसान पहुंचा था।
भारत ने पांच सैन्य विमानों से राहत सामग्री और बचाव दल भेजे
भारत ने म्यांमा में आए 7.7 तीव्रता के भूकंप से प्रभावित लोगों की मदद के लिए पांच सैन्य विमानों से राहत सामग्री, बचाव दल और चिकित्सा उपकरण भेजे हैं। इस भूकंप में 1,600 से अधिक लोग मारे गए हैं और लगभग 3,000 घायल हुए हैं।भारत ने शुक्रवार को म्यांमा और थाईलैंड में आए भूकंप से मची तबाही के मद्देनजर त्वरित कार्रवाई करते हुए अपना राहत मिशन शुरू किया, जिसे ‘ऑपरेशन ब्रह्मा’ नाम दिया गया है।
भारत ने खोज एवं बचाव दल तथा सेना का फील्ड अस्पताल म्यांमा भेजा
भारत ने तीन सी-130जे और दो सी-17 ग्लोबमास्टर विमानों के जरिये राहत सामग्री, दवाइयां, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) का 80 सदस्यीय खोज एवं बचाव दल तथा सेना का फील्ड अस्पताल म्यांमा भेजा है। अधिकारियों ने बताया कि भारतीय सेना की 50 (आई) पैरा ब्रिगेड की एक विशेष बचाव टीम को भी म्यांमा में तैनात किया गया है।
'टीम मुख्य रूप से मांडले में बचाव कार्यों पर ध्यान केंद्रित करेगी'
अधिकारियों ने बताया कि टीम मुख्य रूप से मांडले में बचाव कार्यों पर ध्यान केंद्रित करेगी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शनिवार देर रात 'एक्स' पर जारी पोस्ट में कहा, 'दो सी-17 विमान भारतीय सेना की 118 सदस्यीय फील्ड अस्पताल इकाई, जिसमें महिला एवं बाल देखभाल सेवा के कर्मी शामिल हैं, और 60 टन राहत सामग्री लेकर म्यांमा पहुंच चुके हैं। इसके साथ ही भारत से आज कुल पांच राहत उड़ानें म्यांमा भेजी जा चुकी हैं।'
प्रधानमंत्री मोदी ने म्यांमा के वरिष्ठ जनरल मिन आंग ह्लाइंग से बात की
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मदद पहुंचाने की भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए शनिवार को म्यांमा के वरिष्ठ जनरल मिन आंग ह्लाइंग से बात की और कहा कि भारत उस देश के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है। भारत नौसैनिक जहाज आईएनएस सतपुड़ा और आईएनएस सावित्री के जरिये भी म्यांमा को 40 टन मानवीय सहायता भेज रहा है। इस बीच, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतारेस ने कहा कि क्षेत्र में मौजूद संयुक्त राष्ट्र तंत्र जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए सक्रिय है।
