Russia Ukraine Ceasefire Proposal: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस के साथ जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए एक नया और बड़ा दांव खेला है। जेलेंस्की ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को एक खुला पत्र लिखकर सीधे आमने-सामने मुलाकात करने का प्रस्ताव दिया है। 1,800 से अधिक शब्दों के इस लंबे पत्र में यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि वे प्रस्तावित वार्ता की अवधि के दौरान 'पूर्ण युद्धविराम' के लिए भी पूरी तरह तैयार हैं। इस कूटनीतिक हलचल पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सकारात्मक रुख अपनाया है। ट्रंप ने गुरुवार को व्हाइट हाउस में कहा कि अगर दोनों नेता युद्ध को खत्म करने के लिए आमने-सामने मिलते हैं, तो यह बेहतरीन होगा।
पुतिन ने भी जताई समझौते की इच्छा (फाइल फोटो | AP)
अमेरिका का ध्यान ईरान पर, हम सिर्फ इंतजार नहीं कर सकते: जेलेंस्की
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अपने पत्र में इस बात को सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि इस समय अमेरिका का पूरा ध्यान पूरी तरह से ईरान के मुद्दे पर केंद्रित है। उन्होंने लिखा, "यह सोचना पूरी तरह गलत होगा कि हम सिर्फ तब तक इंतजार करते रहें जब तक कि यूरोप में चल रहा यह युद्ध एक बार फिर अमेरिका के ध्यान के केंद्र में न आ जाए।" शांति केवल यूक्रेन और रूस के बीच सीधे जुड़ाव से ही संभव है।
पत्र का लहजा काफी आक्रामक और तंज भरा भी था, जिसमें हाल के दिनों में रूसी क्षेत्र पर यूक्रेन द्वारा किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों की ओर ध्यान आकर्षित किया गया था। जेलेंस्की ने पुतिन पर निशाना साधते हुए यहां तक लिख दिया कि "26 साल तक सत्ता में रहने के बाद, अब उम्र पुतिन पर अपना असर दिखाने लगी है।"
जेलेंस्की ने रूसी जनता का जिक्र करते हुए कहा कि अब रूसी लोग भी यूक्रेनी ड्रोन हमलों, ईंधन की कमी, बढ़ती कीमतों और इस अंतहीन युद्ध से पूरी तरह थक चुके हैं। उन्होंने पुतिन से आग्रह करते हुए लिखा, "इस युद्ध से बाहर निकलने का रास्ता चुनने में डरें नहीं। इस समय आपसे यही सबसे मुख्य अपेक्षा है।"
पुतिन का जवाब: "मॉस्को में किसी भी समय मिल सकते हैं जेलेंस्की"
क्रेमलिन ने पुष्टि की है कि उन्हें जेलेंस्की का पत्र मिल गया है और पुतिन को इस बारे में जल्द ही पूरी जानकारी दी जाएगी। हालांकि, सेंट पीटर्सबर्ग में विदेशी पत्रकारों से बात करते हुए व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि वह यूक्रेन के साथ समझौता करने के लिए निश्चित रूप से तैयार और इच्छुक हैं, लेकिन इसके लिए यूक्रेन को भी समझौते करने होंगे। पुतिन ने चुटकी लेते हुए यह भी कहा कि चूंकि ट्रंप अभी ईरान के मामले में व्यस्त हैं, इसलिए यूरोपीय संघ (EU) को जेलेंस्की को अपने क्षेत्र छोड़ने के लिए मनाना चाहिए।
क्रेमलिन ने जेलेंस्की के प्रस्ताव पर कहा कि यूक्रेनी नेता किसी भी समय मॉस्को आकर पुतिन से मिल सकते हैं। हालांकि, जेलेंस्की ने अपने पत्र में पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि वे मॉस्को जाकर मुलाकात नहीं करेंगे। वार्ता की मेज पर बैठने के सवाल पर पुतिन ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा, "अगर हम बातचीत की मेज पर बैठते हैं, तो मैं जेलेंस्की से कहूंगा- भगवान का शुक्र है कि यह सब खत्म हुआ।"
जमीन देने पर अड़ा रूस, झुकने को तैयार नहीं यूक्रेन
इस संभावित बातचीत के बीच सबसे बड़ा रोड़ा दोनों देशों की पुरानी शर्तें हैं। पुतिन का रुख इस मामले में अब भी बेहद सख्त है। रूस की पुरानी शर्त है कि यूक्रेन को रूस के आंशिक कब्जे वाले चार क्षेत्रों, डोनेट्स्क, लुहान्स्क, खेरसॉन और जापोरीज्जिया से अपनी सेना पूरी तरह हटानी होगी और नाटो (NATO) में शामिल होने का इरादा छोड़ना होगा।
दूसरी ओर, यूक्रेन ने किसी भी कीमत पर अपनी जमीन रूस को सौंपने से साफ इनकार कर दिया है। यूक्रेन का मानना है कि जमीन छोड़ने से रूस का हौसला और बढ़ेगा और वह भविष्य में फिर हमला कर सकता है, जैसा कि उसने साल 2014 में क्रीमिया पर अवैध कब्जे के 8 साल बाद 2022 में पूर्ण पैमाने पर युद्ध शुरू करके किया था।
बता दें कि पिछले कुछ महीनों से दोनों देशों के बीच युद्धविराम की बातचीत पूरी तरह ठप है। इससे पहले जेनेवा, अबू धाबी और इस्तांबुल में हुई शांति वार्ताएं भी पूरी तरह विफल साबित हो चुकी हैं। ऐसे में जेलेंस्की का यह खुला पत्र इस ठंडे पड़े शांति प्रक्रिया में कितनी जान फूंक पाता है, इस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं।
